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Kannauj News: लखपति दीदी योजना में 28,716 का मिला लक्ष्य
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कन्नौज। वित्तीय दो वर्षों में 24,089 महिलाएं लखपति दीदी योजना के तहत लखपति हो गईं हैं। विभाग के मुताबिक यह महिलाएं आत्मनिर्भर बन गई हैं। इनकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई है। उधर, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 28,716 का फिर लखपति करने का लक्ष्य मिला है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। इस योजना के तहत हजारों महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं।
बल्कि कई ने मेहनत और लगन से लखपति का दर्जा भी हासिल किया है। यह योजना ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और स्व-रोजगार के नए अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के उपायुक्त राजकुमार लोधी ने बताया कि लखपति दीदी योजना का संचालन वर्ष 2024 से शुरू हुआ था। इस योजना का मुख्य लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 28,716 महिलाओं को लखपति बनाना था। इसमें 22,654 ही महिलाएं लखपति हो पाईं थीं। जिला लक्ष्य पूरा नहीं कर सका है। लखपति करने का 78.89 प्रतिशत रहा था।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 28,716 का फिर लखपति करने का लक्ष्य आ गया है। इसमें 1435 महिलाएं लखपति हो गईं हैं। इसका कुल प्रतिशत 4.95 प्रतिशत है। कुल दो वर्ष में जिले की 24,089 महिलाओं के परिवारों की कुल शुद्ध वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।
इससे उनके जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आया है और परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं। हालांकि डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और सीडीओ राम कृपाल चौधरी इसकी प्रत्येक माह समीक्षा करते हैं। दोनों अधिकारियों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्रगति बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। ब्लाक स्तर पर गहन समीक्षा कर प्रगति बढ़ाने को कहा है।
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। इस योजना के तहत हजारों महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं।
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बल्कि कई ने मेहनत और लगन से लखपति का दर्जा भी हासिल किया है। यह योजना ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और स्व-रोजगार के नए अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के उपायुक्त राजकुमार लोधी ने बताया कि लखपति दीदी योजना का संचालन वर्ष 2024 से शुरू हुआ था। इस योजना का मुख्य लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 28,716 महिलाओं को लखपति बनाना था। इसमें 22,654 ही महिलाएं लखपति हो पाईं थीं। जिला लक्ष्य पूरा नहीं कर सका है। लखपति करने का 78.89 प्रतिशत रहा था।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 28,716 का फिर लखपति करने का लक्ष्य आ गया है। इसमें 1435 महिलाएं लखपति हो गईं हैं। इसका कुल प्रतिशत 4.95 प्रतिशत है। कुल दो वर्ष में जिले की 24,089 महिलाओं के परिवारों की कुल शुद्ध वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।
इससे उनके जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आया है और परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं। हालांकि डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और सीडीओ राम कृपाल चौधरी इसकी प्रत्येक माह समीक्षा करते हैं। दोनों अधिकारियों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्रगति बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। ब्लाक स्तर पर गहन समीक्षा कर प्रगति बढ़ाने को कहा है।