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तार खींचते समय टूट गए दस पोल
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नई बिजली लाइन बनाने के दौरान गिरे पोल।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज/तालग्राम। कस्बे के 132 केवीए ट्रांसमिशन सेंटर से अनौगी उपकेंद्र की हाईटेंशन लाइन के तार खींचते समय बिजली के 10 पोल टूट गए। पोल गिरने से विभागीय कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं इलाकाई लोगों ने इसके पीछे मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
अनौगी इलाके के करीब 30 गांव के लोगाें को बेहरिन उपकेंद्र से आपूर्ति दी जा रही है। ज्यादा लोड होने से आए दिन फाल्ट और लो-वोल्टेज की समस्या से ग्रामीण जूझ रहे हैं। इससे तालग्राम के 132 केवीए ट्रांसमिशन सेंटर से अनौगी उपकेंद्र के जरिए बेहतर आपूर्ति के लिए करीब आठ किलोमीटर हाईटेंशन लाइन खींचने का काम चल रहा है। सोमवार को एक्सप्रेसवे के किनारे डिलाउरपुर गांव के सामने बिजली कर्मी तार खींचकर बांध रहे थे। इस दौरान एक साथ 10 पोल टूट गए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर आपूर्ति के समय पोल टूटते तो करंट की चपेट में आने से कई लोगों की जान जा सकती थी। ग्रामीण शीटू यादव, ओमकार प्रजापति, अहिबरन, राजेंद्र, बृजेंद्र सिंह, विवेक कुमार, नरेंद्र सिंह ने बताया कि मानकों की अनदेखी कर पोल लगाए जा रहे हैं। लाइन खींचते समय थोड़ा बल लगते ही पोल टूटकर जमीन पर गिर गए। अधिकारियों को मामले का संज्ञान लेकर जांच करानी चाहिए। वहीं एसडीओ अनुभव श्रीवास्तव ने बताया कि अमोलर के जेई विकास को पोल टूटने की जानकारी मिलने पर जांच के लिए भेजा गया है।
मजबूती न होने से टूट गए बिजली पोल
कन्नौज। विभागीय मानकों के अनुसार बिजली का पोल करीब डेढ़ मीटर गहराई में लगाया जाता है। इसके आसपास गड्ढे को सीमेंट और गिट्टी के घोल से भरने का मानक है। इसके अलावा जमीन से एक फुट की ऊंचाई तक सीमेंट, गिट्टी की ग्राउंडिंग होनी चाहिए। आरोप है कि ठेकेदार ने यह व्यवस्था नहीं की थी। मजबूती न होने के कारण पोल टूट गए।
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अनौगी इलाके के करीब 30 गांव के लोगाें को बेहरिन उपकेंद्र से आपूर्ति दी जा रही है। ज्यादा लोड होने से आए दिन फाल्ट और लो-वोल्टेज की समस्या से ग्रामीण जूझ रहे हैं। इससे तालग्राम के 132 केवीए ट्रांसमिशन सेंटर से अनौगी उपकेंद्र के जरिए बेहतर आपूर्ति के लिए करीब आठ किलोमीटर हाईटेंशन लाइन खींचने का काम चल रहा है। सोमवार को एक्सप्रेसवे के किनारे डिलाउरपुर गांव के सामने बिजली कर्मी तार खींचकर बांध रहे थे। इस दौरान एक साथ 10 पोल टूट गए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर आपूर्ति के समय पोल टूटते तो करंट की चपेट में आने से कई लोगों की जान जा सकती थी। ग्रामीण शीटू यादव, ओमकार प्रजापति, अहिबरन, राजेंद्र, बृजेंद्र सिंह, विवेक कुमार, नरेंद्र सिंह ने बताया कि मानकों की अनदेखी कर पोल लगाए जा रहे हैं। लाइन खींचते समय थोड़ा बल लगते ही पोल टूटकर जमीन पर गिर गए। अधिकारियों को मामले का संज्ञान लेकर जांच करानी चाहिए। वहीं एसडीओ अनुभव श्रीवास्तव ने बताया कि अमोलर के जेई विकास को पोल टूटने की जानकारी मिलने पर जांच के लिए भेजा गया है।
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मजबूती न होने से टूट गए बिजली पोल
कन्नौज। विभागीय मानकों के अनुसार बिजली का पोल करीब डेढ़ मीटर गहराई में लगाया जाता है। इसके आसपास गड्ढे को सीमेंट और गिट्टी के घोल से भरने का मानक है। इसके अलावा जमीन से एक फुट की ऊंचाई तक सीमेंट, गिट्टी की ग्राउंडिंग होनी चाहिए। आरोप है कि ठेकेदार ने यह व्यवस्था नहीं की थी। मजबूती न होने के कारण पोल टूट गए।
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