{"_id":"570160e34f1c1bae28c81132","slug":"subrata-were-brought-prison","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना सीटी स्कैन कराए जेल पहुंचाए गए सुब्रत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना सीटी स्कैन कराए जेल पहुंचाए गए सुब्रत
kannauj, uttar pradesh, india
Updated Sun, 03 Apr 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
bjp logo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दंगे के मामले में जेल में बंद भाजपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सुब्रत पाठक को मेडिकल कालेज से जिला जेल पहुंचा दिया गया। उनका सिटी स्कैन और एमआरआई भी नहीं कराया गया। इस पर खफा भाजपाइयों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। दरअसल, डाक्टरों ने सिटी स्कैन और एमआरआई कराने की सलाह दी थी। भाजपा नेता तरुण चंद्रा ने बताया कि जेल प्रशासन भाजपा नेता के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है।
उनकी तबीयत खराब होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी समुचित इलाज की सलाह जेल प्रशासन को भेजी है। मेडिकल कालेज में भी परीक्षण के बाद डाक्टरों ने सीटी स्कैन व एमआरआई कराने की सलाह दी है। इसके बावजूद भी जेल प्रशासन तानाशाही पर उतारू है। उन्होंने कहा कि सोमवार को सक्षम न्यायालय में इस मामले को लेकर अधिवक्ता के जरिए वाद दायर कर न्याय की गुहार लगाई जाएगी।
सुब्रत पाठक के इलाज में लापरवाही बरतने के भाजपा के आरोपों के संबंध में जेल अधीक्षक यूपी मिश्रा का कहना है कि उन्हें इस मामले में कुछ भी नहीं कहना है। वे व्यस्त हैं। मेडिकल कालेज के सीएमएस डा. दिलीप सिंह ने बताया कि सुब्रत पाठक के मेडिकल कालेज लाने पर उनका प्राथमिक उपचार किया गया था। इस दौरान उन्होंने पेट, सीना व हार्ट में दर्द की समस्या बताई थी। इस पर उन्हें मेडिसन के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दिखाकर उपचार कराया गया।
विज्ञापन
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बीमारी की पूरी पड़ताल के लिए सिटी स्कैन व एमआरआई कराने की सलाह दी थी। जांच की दोनों सुविधाएं मेडिकल कालेज में न होने के कारण सुब्रत को कानपुर के लिए रेफर किया गया था।
विज्ञापन
उनकी तबीयत खराब होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी समुचित इलाज की सलाह जेल प्रशासन को भेजी है। मेडिकल कालेज में भी परीक्षण के बाद डाक्टरों ने सीटी स्कैन व एमआरआई कराने की सलाह दी है। इसके बावजूद भी जेल प्रशासन तानाशाही पर उतारू है। उन्होंने कहा कि सोमवार को सक्षम न्यायालय में इस मामले को लेकर अधिवक्ता के जरिए वाद दायर कर न्याय की गुहार लगाई जाएगी।
विज्ञापन
सुब्रत पाठक के इलाज में लापरवाही बरतने के भाजपा के आरोपों के संबंध में जेल अधीक्षक यूपी मिश्रा का कहना है कि उन्हें इस मामले में कुछ भी नहीं कहना है। वे व्यस्त हैं। मेडिकल कालेज के सीएमएस डा. दिलीप सिंह ने बताया कि सुब्रत पाठक के मेडिकल कालेज लाने पर उनका प्राथमिक उपचार किया गया था। इस दौरान उन्होंने पेट, सीना व हार्ट में दर्द की समस्या बताई थी। इस पर उन्हें मेडिसन के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दिखाकर उपचार कराया गया।
विज्ञापन
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बीमारी की पूरी पड़ताल के लिए सिटी स्कैन व एमआरआई कराने की सलाह दी थी। जांच की दोनों सुविधाएं मेडिकल कालेज में न होने के कारण सुब्रत को कानपुर के लिए रेफर किया गया था।