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Kannauj News: छात्रों को प्रदर्शन के लिए दिया गया था बिस्किट का लालच
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कन्नौज। गुगरापुर स्थित पीएमश्री कंपोजिट स्कूल में गुरुवार को छात्रों ने प्रदर्शन किया था। कुछ छात्रों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो बीईओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच आख्या के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
पीएमश्री कंपोजिट स्कूल से प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना कार से बाहर निकले, उसी समय छात्रों ने कार को रोक लिया और भेदभाव करने, जातिगत टिप्पणियां करने, स्कूल की परिसंपत्तियों का अवैध निस्तारण कराने, हरे पेड़ कटवाने, रसोइया नियुक्ति में हेरफेर समेत कई आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान एक छात्र ने कहा कि कुछ लोगों ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए बिस्किट देने का लालच दिया था। इसके अलावा एक और वीडियो वायरल हो रहा है। बीएसए के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्कूल पहुंचकर बच्चों से पूरे मामले की जानकारी ली थी। बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि हसेरन और गुगरापुर बीईओ पूरे प्रकरण की जांच की करेंगे। जांच आख्या के आधार पर पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि पीएमश्री गुगरापुर स्कूल में हुए घटनाक्रम को लेकर बीएसए से रिपोर्ट मांगी गई है। यदि बच्चों का सहारा लेकर शिक्षकों या अन्य किसी ने यह कृत्य किया है, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
गुगरापुर के इंचार्ज प्रधानाध्यापक का विवादों से पुराना नाता
गुगरापुर के पीएमश्री कंपोजिट स्कूल के इंचार्ज प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना का विवादों से पुराना नाता है। शिक्षक राकेंद्र सक्सेना पर 2007 में अतरौली प्राथमिक स्कूल के भवन निर्माण में अनियमितताओं और धनराशि गबन के आरोप लगे थे। जांच के बाद 1 फरवरी 2007 को उन्हें निलंबित किया गया। पांच माह बाद, 20 अगस्त 2007 को चेतावनी के साथ उन्हें कुशलपुरवा के नवीन प्राथमिक विद्यालय में बहाल किया गया। कुशलपुरवा में ही उनकी पदोन्नति हुई और 20 सितंबर को प्रधानाध्यापक का कार्यभार संभाला। 25 जुलाई 2011 को उन्होंने खबरामऊ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कार्यभार ग्रहण किया। वहां उनके स्थान पर एक युवती 2000 रुपये प्रतिमाह पर पढ़ाती मिली। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने 30 अगस्त 2018 को जांच के आदेश दिए। सितंबर 2018 में उन्हें स्कूल से अनुपस्थित रहने और आदेशों की अवहेलना के आरोप में निलंबित कर ब्लॉक गुगरापुर से संबद्ध किया गया।
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पीएमश्री कंपोजिट स्कूल से प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना कार से बाहर निकले, उसी समय छात्रों ने कार को रोक लिया और भेदभाव करने, जातिगत टिप्पणियां करने, स्कूल की परिसंपत्तियों का अवैध निस्तारण कराने, हरे पेड़ कटवाने, रसोइया नियुक्ति में हेरफेर समेत कई आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान एक छात्र ने कहा कि कुछ लोगों ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए बिस्किट देने का लालच दिया था। इसके अलावा एक और वीडियो वायरल हो रहा है। बीएसए के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्कूल पहुंचकर बच्चों से पूरे मामले की जानकारी ली थी। बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि हसेरन और गुगरापुर बीईओ पूरे प्रकरण की जांच की करेंगे। जांच आख्या के आधार पर पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि पीएमश्री गुगरापुर स्कूल में हुए घटनाक्रम को लेकर बीएसए से रिपोर्ट मांगी गई है। यदि बच्चों का सहारा लेकर शिक्षकों या अन्य किसी ने यह कृत्य किया है, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
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गुगरापुर के इंचार्ज प्रधानाध्यापक का विवादों से पुराना नाता
गुगरापुर के पीएमश्री कंपोजिट स्कूल के इंचार्ज प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना का विवादों से पुराना नाता है। शिक्षक राकेंद्र सक्सेना पर 2007 में अतरौली प्राथमिक स्कूल के भवन निर्माण में अनियमितताओं और धनराशि गबन के आरोप लगे थे। जांच के बाद 1 फरवरी 2007 को उन्हें निलंबित किया गया। पांच माह बाद, 20 अगस्त 2007 को चेतावनी के साथ उन्हें कुशलपुरवा के नवीन प्राथमिक विद्यालय में बहाल किया गया। कुशलपुरवा में ही उनकी पदोन्नति हुई और 20 सितंबर को प्रधानाध्यापक का कार्यभार संभाला। 25 जुलाई 2011 को उन्होंने खबरामऊ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कार्यभार ग्रहण किया। वहां उनके स्थान पर एक युवती 2000 रुपये प्रतिमाह पर पढ़ाती मिली। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने 30 अगस्त 2018 को जांच के आदेश दिए। सितंबर 2018 में उन्हें स्कूल से अनुपस्थित रहने और आदेशों की अवहेलना के आरोप में निलंबित कर ब्लॉक गुगरापुर से संबद्ध किया गया।
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