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नेता जी की साख दांव पर लगाकर हासिल की आजादी
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज
Updated Mon, 23 May 2016 12:06 AM IST
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नेताजी की प्रपौत्री राजश्री चौधरी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नगर में आयोजित स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रांतीय सम्मेलन में आई नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रपौत्री राजश्री चौधरी ने कहा कि नेताजी की साख को दांव पर लगाकर आजादी हासिल की गई। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं कि नेताजी से जुड़ी 175 फाइलें सार्वजनिक कर दी गईं, लेकिन इनके अध्ययन से यह कहीं साबित नहीं होता है कि उनकी मौत 18 अगस्त 1945 को एयरक्रैश में हो गई थी। उन्होंने कहा कि नेताजी का तीसरा जनरेशन रिसर्च में लगा है कि उनका क्या हुआ।
हमारी मांग है कि नेताजी के बारे में संसद में बहस हो। ब्रिटिश पार्लियामेंट में 18-7-1947 को पारित ट्रांसफर आफ पावर एग्रीमेंट में नेताजी को वार क्रिमनल घोषित किया गया है। जब 1945 में उन्हें एयरक्रैश में मृत मान लिया गया तब 1947 में वार क्रिमनल कैसे घोषित कर दिया गया। 1970 में जब वार क्रिमनल एक्ट खत्म होने को था तब 12 जनवरी 1971 को पता नहीं किस डर से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस एक्ट का समय असीमित समय के लिए फिर लागू कर दिया।
सत्ता हस्तांतरण के 12 हजार पेजों में से वोल्यूम 6 के पेज नं.139 के अनुसार नेताजी आज भी वार क्रिमनल (युद्ध अपराधी) हैं। एक तरफ तो पूरे देश की जनता उन्हें आजादी का नायक मानती है तो दूसरी तरफ वह ब्रिटिश शासन के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाले वार क्रिमिनल अभी तक हैं। यह तो पूरे देश की जनता का अपमान है। हम चाहते हैं कि नेताजी से जुड़ी शेष फाइलें भी शीघ्र सार्वजनिक की जाएं ताकि उनमें छिपी बातें सामने आ सकें।
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हमारी मांग है कि नेताजी के बारे में संसद में बहस हो। ब्रिटिश पार्लियामेंट में 18-7-1947 को पारित ट्रांसफर आफ पावर एग्रीमेंट में नेताजी को वार क्रिमनल घोषित किया गया है। जब 1945 में उन्हें एयरक्रैश में मृत मान लिया गया तब 1947 में वार क्रिमनल कैसे घोषित कर दिया गया। 1970 में जब वार क्रिमनल एक्ट खत्म होने को था तब 12 जनवरी 1971 को पता नहीं किस डर से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस एक्ट का समय असीमित समय के लिए फिर लागू कर दिया।
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सत्ता हस्तांतरण के 12 हजार पेजों में से वोल्यूम 6 के पेज नं.139 के अनुसार नेताजी आज भी वार क्रिमनल (युद्ध अपराधी) हैं। एक तरफ तो पूरे देश की जनता उन्हें आजादी का नायक मानती है तो दूसरी तरफ वह ब्रिटिश शासन के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाले वार क्रिमिनल अभी तक हैं। यह तो पूरे देश की जनता का अपमान है। हम चाहते हैं कि नेताजी से जुड़ी शेष फाइलें भी शीघ्र सार्वजनिक की जाएं ताकि उनमें छिपी बातें सामने आ सकें।
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