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सिंचाई को मिलेगा सोलर पंप, पेयजल को बनेगी टंकी
अमर उजाला, ब्यूरो, कन्नौज
Updated Fri, 02 Jan 2015 11:18 PM IST
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डार्क जोन घोषित तालग्राम विकास खंड क्षेत्र के 10 गांवों में पीने का शुद्ध पानी का इंतजाम करने के लिए जल निगम पानी की टंकी का निर्माण कराएगा। सर्वे पूरा हो गया है। कार्ययोजना बनाकर शासन को भेज दी गई है। बजट आवंटन होते ही काम चालू करा दिया जाएगा।
जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि तालग्राम ब्लाक में जल स्तर पाताल की तरफ खिसकता जा रहा है। इस कारण हैंडपंप लगातार खराब होते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में अप्रैल से लेकर अगस्त तक इन गांवों में पानी के लिए भयंकर मारामारी रहती है।
ग्रामीण की इस समस्या को गंभीरता से लेकर समाधान का प्रयास शुरु कर दिया गया है। जिलाधिकारी के आदेशानुसार तालग्राम की उन दस ग्राम पंचायतों को चयनित कर लिया गया है जहां पर सबसे ज्यादा पानी की किल्लत रहती है। इन ग्राम पंचायतों में 18 करोड़ 81 लाख 9 हजार रुपये की लागत से पानी की टंकियों, ट्यूबवेल व पाइप लाइन का निर्माण कराया जाएगा।
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टंकी बनने पर गांव के हर परिवार को पानी का कनेक्शन दिया जाएगा। यह टंकी ग्राम प्रधान के हवाले की जाएगी, जो आपरेटर की तैनाती करके रोजाना टंकी से जलापूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था कराएगा। गलियों में पाइप लाइनें बिछाने के साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर स्टेंड पोस्ट भी बनवाए जाएंगे। वर्ष 2015 के अंत तक इन टंकियों के निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस प्रोजेक्ट से डीएम को भी अवगत करा दिया गया है।
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चयनित गांव टंकी की लागत
अमरौली 140.62 लाख
मलिकपुर 232.30 लाख
बबरापुर मखदूमपुर 131.01 लाख
सराय प्रयाग 224.05 लाख
नरुइया 182.68 लाख
रजलामऊ 156.15 लाख
रौतामई 157.38 लाख
अनीभोज 165.43 लाख
सराय दौलत 155.25 लाख
तेराजाकेट 336.22 लाख
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सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाने पर शासन से किसानों को 75 फीसदी का अनुदान मिलेगा। जिले को दो हार्स पावर, तीन एवं पांच हार्स पावर के 177 सोलर पंप लगाए जाने का लक्ष्य मिला है। कृषि विभाग ने किसानों से आवेदन मांगे हैं।
वर्तमान समय में इस संयत्र को स्थापित करने में काफी खर्चा आ रहा है। इस लिहाज से शासन ने सोलर पंप लगाए जाने पर 75 फीसदी का अनुदान निर्धारित किया है। जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह यादव ने बताया कि 1800 वाट ( दो हार्स पावर) का सोलर पंप लगाने पर 3.42 लाख की लागत आएगी।
3000 वाट ( तीन हार्स पावर) पर 5.70 लाख की लागत आएगी। इस संयत्र को लगाने पर 75 फीसदी का अनुदान मिलेगा। शेष लाभार्थी को लगाना है। इसके अलावा 4800 वाट (पांच हार्स पावर) की लागत 9.12 लाख रुपए है। इस पर 50 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले को दो हार्स पावर के लिए 75, तीन के लिए 100, पांच के लिए 2 का लक्ष्य मिला है। जिन किसानों को सोलर पंप लगाना है वह कृषि विभाग के उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय व छिबरामऊ, उप कृषि निदेशक कार्यालय में संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत आवेदन करने वाले किसान लघु सिंचाई का बोरिंग प्रमाण पत्र, खसरा, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, राशन कार्ड आवेदन के साथ लगाना है।
डीएम अनुज कुमार झा ने रामपुर बिनौरा, सकरीखुर्द, मजरा तकिया और बनगवां में विकास कार्य कराने के लिए आधा दर्जन अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसी महीने इन गांवों में आम आदमी को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्माण कार्य शुरू कराने की योजना है। इसे साकार करने की कवायद शुरू भी कर दी गई है।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक एके सिंह ने इस संबंध में अधिशासी अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता जल निगम, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और खंड विकास अधिकारी उमर्दा और कन्नौज को पत्र भेजा है।
इसमें उन्होंने कहा है कि इन गांवों में सीसी रोड, नाली का निर्माण, विद्युतीकरण एवं स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल के लिए पाइप लाइन की व्यवस्था, उद्यानीकरण, आंगनबाड़ी केंद्र की स्थापना कराई जानी है।
मनरेगा व ग्राम पंचायत निधियों में उपलब्ध धनराशि से ये विकास कार्य कराए जाएंगे। इन गांवों में उक्त कार्यों को कराने के लिए रूपरेखा तैयार करने के संबंध में 7 जनवरी को दोपहर 12 बजे विकास भवन के सभागार में बैठक भी आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि आने-जाने के लिए गांव के लोगों को पक्की रोड मुहैया कराई जाएगी। पीने के लिए शुद्ध पानी का इंतजाम टंकी बनवाकर किया जाएगा।
ताकि दूषित पानी के पीने से होने वाली बीमारियों का खतरा भी कम हो सके। गांव की गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सेहत भी सुधर सकेगी क्योंकि आंगनबाड़ी केंद्र खुलने के बाद उन्हें पोषाहार मिलने लगेगा। इन विकास कार्यों को पूर्ण कराने के लिए बजट की पर्याप्त उपलब्धता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विभागीय स्टाफ को भेजकर सर्वे कराकर कार्ययोजना फटाफट तैयार कराएं।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि तालग्राम ब्लाक में जल स्तर पाताल की तरफ खिसकता जा रहा है। इस कारण हैंडपंप लगातार खराब होते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में अप्रैल से लेकर अगस्त तक इन गांवों में पानी के लिए भयंकर मारामारी रहती है।
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ग्रामीण की इस समस्या को गंभीरता से लेकर समाधान का प्रयास शुरु कर दिया गया है। जिलाधिकारी के आदेशानुसार तालग्राम की उन दस ग्राम पंचायतों को चयनित कर लिया गया है जहां पर सबसे ज्यादा पानी की किल्लत रहती है। इन ग्राम पंचायतों में 18 करोड़ 81 लाख 9 हजार रुपये की लागत से पानी की टंकियों, ट्यूबवेल व पाइप लाइन का निर्माण कराया जाएगा।
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टंकी बनने पर गांव के हर परिवार को पानी का कनेक्शन दिया जाएगा। यह टंकी ग्राम प्रधान के हवाले की जाएगी, जो आपरेटर की तैनाती करके रोजाना टंकी से जलापूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था कराएगा। गलियों में पाइप लाइनें बिछाने के साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर स्टेंड पोस्ट भी बनवाए जाएंगे। वर्ष 2015 के अंत तक इन टंकियों के निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस प्रोजेक्ट से डीएम को भी अवगत करा दिया गया है।
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चयनित गांव टंकी की लागत
अमरौली 140.62 लाख
मलिकपुर 232.30 लाख
बबरापुर मखदूमपुर 131.01 लाख
सराय प्रयाग 224.05 लाख
नरुइया 182.68 लाख
रजलामऊ 156.15 लाख
रौतामई 157.38 लाख
अनीभोज 165.43 लाख
सराय दौलत 155.25 लाख
तेराजाकेट 336.22 लाख
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सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाने पर शासन से किसानों को 75 फीसदी का अनुदान मिलेगा। जिले को दो हार्स पावर, तीन एवं पांच हार्स पावर के 177 सोलर पंप लगाए जाने का लक्ष्य मिला है। कृषि विभाग ने किसानों से आवेदन मांगे हैं।
वर्तमान समय में इस संयत्र को स्थापित करने में काफी खर्चा आ रहा है। इस लिहाज से शासन ने सोलर पंप लगाए जाने पर 75 फीसदी का अनुदान निर्धारित किया है। जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह यादव ने बताया कि 1800 वाट ( दो हार्स पावर) का सोलर पंप लगाने पर 3.42 लाख की लागत आएगी।
3000 वाट ( तीन हार्स पावर) पर 5.70 लाख की लागत आएगी। इस संयत्र को लगाने पर 75 फीसदी का अनुदान मिलेगा। शेष लाभार्थी को लगाना है। इसके अलावा 4800 वाट (पांच हार्स पावर) की लागत 9.12 लाख रुपए है। इस पर 50 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले को दो हार्स पावर के लिए 75, तीन के लिए 100, पांच के लिए 2 का लक्ष्य मिला है। जिन किसानों को सोलर पंप लगाना है वह कृषि विभाग के उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय व छिबरामऊ, उप कृषि निदेशक कार्यालय में संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत आवेदन करने वाले किसान लघु सिंचाई का बोरिंग प्रमाण पत्र, खसरा, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, राशन कार्ड आवेदन के साथ लगाना है।
डीएम अनुज कुमार झा ने रामपुर बिनौरा, सकरीखुर्द, मजरा तकिया और बनगवां में विकास कार्य कराने के लिए आधा दर्जन अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसी महीने इन गांवों में आम आदमी को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्माण कार्य शुरू कराने की योजना है। इसे साकार करने की कवायद शुरू भी कर दी गई है।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक एके सिंह ने इस संबंध में अधिशासी अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता जल निगम, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और खंड विकास अधिकारी उमर्दा और कन्नौज को पत्र भेजा है।
इसमें उन्होंने कहा है कि इन गांवों में सीसी रोड, नाली का निर्माण, विद्युतीकरण एवं स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल के लिए पाइप लाइन की व्यवस्था, उद्यानीकरण, आंगनबाड़ी केंद्र की स्थापना कराई जानी है।
मनरेगा व ग्राम पंचायत निधियों में उपलब्ध धनराशि से ये विकास कार्य कराए जाएंगे। इन गांवों में उक्त कार्यों को कराने के लिए रूपरेखा तैयार करने के संबंध में 7 जनवरी को दोपहर 12 बजे विकास भवन के सभागार में बैठक भी आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि आने-जाने के लिए गांव के लोगों को पक्की रोड मुहैया कराई जाएगी। पीने के लिए शुद्ध पानी का इंतजाम टंकी बनवाकर किया जाएगा।
ताकि दूषित पानी के पीने से होने वाली बीमारियों का खतरा भी कम हो सके। गांव की गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सेहत भी सुधर सकेगी क्योंकि आंगनबाड़ी केंद्र खुलने के बाद उन्हें पोषाहार मिलने लगेगा। इन विकास कार्यों को पूर्ण कराने के लिए बजट की पर्याप्त उपलब्धता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विभागीय स्टाफ को भेजकर सर्वे कराकर कार्ययोजना फटाफट तैयार कराएं।