फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   shikshak mahaasangh ne pradesh sarakaar ke khilaaph bharee hunkaar

शिक्षक महासंघ ने प्रदेश सरकार के खिलाफ भरी हुंकार

Wed, 22 Jan 2020 12:31 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2020 12:31 AM IST
विज्ञापन
shikshak mahaasangh ne pradesh sarakaar ke khilaaph bharee hunkaar
अपर जिलाधिकारी गजेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपते शिक्षक महासंघ के पदाधिकारी। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ ने मंगलवार को सामूहिक अवकाश पर रहकर प्रदेश सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। कलक्ट्रेट मैदान पर धरना देकर योगी सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। धरना स्थल पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी गजेंद्र कुमार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
विज्ञापन

महासंघ नेताओं ने कहा कि पिछले तीन वर्ष के कार्यकाल में बीएसए निरंतर शिक्षा व शिक्षक विरोधी आदेश जारी कर रहे हैं। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त कर दिए गए हैं। तीन वर्ष से बेसिक शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हो सकी है। कई जिलों में बीएसए निरंकुश होकर कार्य करते हुए शिक्षकों का उत्पीड़न कर रहे हैं। अभी तक पुरानी पेंशन बहाली, प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक व प्रत्येक कक्षा पर अध्यापक की नियुक्ति, विद्यालय में छात्रों के बैठने के लिए फर्नीचर, पीने के लिए शुद्ध पेयजल, बिजली, पंखे, चहारदीवारी, सफाई कर्मचारी/चतुर्थ श्रेणी, लिपिक की नियुक्ति, राज्य कर्मचारियों की तरह उपार्जित व द्वितीय शनिवार को अवकाश, निशुल्क चिकित्सा सुविधा, मृत शिक्षकों के आश्रितों को पूर्व की भांति शिक्षक के पद पर नियुक्ति देने, सामूहिक बीमा की बीमित धनराशि दस लाख रुपये करने, प्रेरणा एप को वापस लिए जाने की समस्याओं पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है। प्रदेश में तीन वर्षों में लगभग 1800 शिक्षामित्र अवसाद की स्थिति में आकर काल के गाल में समा चुके हैं। शिक्षामित्रों को स्थायी शिक्षक बनाया जाए। महासंघ नेताओं ने कहा कि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो सरकार गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
विज्ञापन

इस मौके पर जिलाध्यक्ष उदय नारायण यादव, संयोजक श्रीकृष्ण यादव, सह संयोजक विवेक चतुर्वेदी, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक सविता, विश्वनाथ वर्मा, राजेश कुमार यादव, मानवेंद्र सिंह, चंद्रलता त्रिपाठी, जैनुल हसन, अरविंद राजपूत, अरविंद दुबे, विपिन देव, विमल चंद्र यादव, वसीउद्दीन सिद्दीकी, महेंद्र कुमार, कमल कुमार यादव, मुनेश्वर सिंह सहित सैकड़ों की तादाद में शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कंट्रोल रूम से चेकिंग में 50 से अधिक शिक्षक मिले सीएल पर
उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ ने शिक्षकों से सामूहिक अवकाश पर रहकर मांगों के लिए विरोध प्रकट करते हुए कलक्ट्रेट में आयोजित धरने में शामिल होने की अपील की थी। महासंघ ने दावा किया कि जिले में अधिकतर विद्यालयों में ताले लटके रहे। हालांकि बीएसए कार्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम में फोन से जांची गई हाजिरी में करीब 50 से अधिक शिक्षक सीएल पर मिले। कुछ विद्यालयों में शिक्षक गैरहाजिर भी रहे।

बीएसए को कोर्ट में देना होगा जवाब
प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष उदय नरायन यादव ने कहा कि बीएसए कार्यालय में बनाया गया कंट्रोल रूप बेसिक शिक्षा नियमावली के विपरीत है। धरने में मौजूद शिक्षकों से आह्वान किया गया कि वह अपने विद्यालय में शिक्षक उपस्थिति की सूचना प्रदान न करें। पिछले दिनों कंट्रोल रूम से ली गई हाजिरी के आधार पर करीब दस शिक्षकों के वेतन व शिक्षामित्रों के एक दिन के मानदेय की कटौती के आदेश दिए गए हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षकों को वेतन कटौती का निर्देश मिल जाए उसके बाद बीएसए के खिलाफ कोर्ट में लड़ाई लड़ी जाएगी। बीएसए को कोर्ट में जवाब देना पड़ेगा कि आखिर किस आधार पर वेतन की कटौती की है। किसी भी जिला स्तरीय अधिकारी को शिक्षक निरीक्षण से नहीं रोक रहे हैं। वह विद्यालय में पहुंचकर निरीक्षण करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed