{"_id":"642b2809c5b508318f047ed4","slug":"seven-years-imprisonment-for-three-in-the-kidnapping-of-innocent-kannauj-news-c-12-1-161875-2023-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: मासूम के अपहरण में तीन को सात-सात साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: मासूम के अपहरण में तीन को सात-सात साल की कैद
Tue, 04 Apr 2023 12:54 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Tue, 04 Apr 2023 12:54 AM IST
विज्ञापन
कन्नौज। मां के साथ सो रहे मासूम बच्चे के अपहरण के मामले में अदालत ने तीन लोगों को दोषी करार दिया है। तीनों को सात-सात साल की सजा और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
मामला तालग्राम थाना क्षेत्र से जुड़ा है। शासकीय अधिवक्ता बृजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि घटना 18 जुलाई 2012 की है। तालग्राम थाना क्षेत्र में बीज भंडार के पास झोपड़ी निवासी बबलू बंजारा की पत्नी रूबी अपने तीन वर्षीय बेटे के साथ सो रही थी। तालग्राम के ही गांधीनगर निवासी साफिया उसके बच्चे को अगवा कर ले गया था। बबलू की तहरीर के आधार पर साफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद छानबीन में यह बात सामने आई कि मासूम बच्चे को साफिया ने गांधीनगर मोहल्ले में ही रहने वाले पाल सिंह और उसकी पत्नी ऊषा तिवारी को दे दिया था।
पुलिस ने तीन साल बाद बच्चे को उन दोनों के कब्जे से बरामद कर बबलू और रूबी को सौंप दिया था। इसी मामले की सुनवाई के दौरान अलग-अलग नौ गवाह पेश किए गए थे। सोमवार को विशेष न्यायधीश पाॅक्सो एक्ट, अपर सत्र न्यायाधीश गीता सिंह ने गवाहों और साक्ष्य के आधार पर साफिया, पाल सिंह और उसकी पत्नी ऊषा तिवारी को दोषी करार दिया। तीनों को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई। तीनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर तीनों को एक-एक साल की कैद अलग से भुगतनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला तालग्राम थाना क्षेत्र से जुड़ा है। शासकीय अधिवक्ता बृजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि घटना 18 जुलाई 2012 की है। तालग्राम थाना क्षेत्र में बीज भंडार के पास झोपड़ी निवासी बबलू बंजारा की पत्नी रूबी अपने तीन वर्षीय बेटे के साथ सो रही थी। तालग्राम के ही गांधीनगर निवासी साफिया उसके बच्चे को अगवा कर ले गया था। बबलू की तहरीर के आधार पर साफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद छानबीन में यह बात सामने आई कि मासूम बच्चे को साफिया ने गांधीनगर मोहल्ले में ही रहने वाले पाल सिंह और उसकी पत्नी ऊषा तिवारी को दे दिया था।
विज्ञापन
पुलिस ने तीन साल बाद बच्चे को उन दोनों के कब्जे से बरामद कर बबलू और रूबी को सौंप दिया था। इसी मामले की सुनवाई के दौरान अलग-अलग नौ गवाह पेश किए गए थे। सोमवार को विशेष न्यायधीश पाॅक्सो एक्ट, अपर सत्र न्यायाधीश गीता सिंह ने गवाहों और साक्ष्य के आधार पर साफिया, पाल सिंह और उसकी पत्नी ऊषा तिवारी को दोषी करार दिया। तीनों को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई। तीनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर तीनों को एक-एक साल की कैद अलग से भुगतनी होगी।
विज्ञापन