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सीने में छर्रे रखकर बना दी फर्जी मेडिकल रिपोर्ट

Thu, 24 Dec 2020 11:32 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2020 11:32 PM IST
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seene mein chharre rakhakar bana dee pharjee medikal riport
सीएमएस डॉ. शक्ति बसु से शिकायत करते वादी अरविंद दुबे। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। जमीन पर कब्जे के विवाद में आरोपी पक्ष को मजबूती देने के लिए मेडिको लीगल बनाने में खेल कर दिया गया। सीने में छर्रे रखकर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर दी गई। पीड़ित वादी पक्ष के शिकायत करने पर सीएमएस ने जांच बैठा दी है। फौरी तौर पर दो एक्सरे टेकभनीशियन को हटा दिया गया है। मामला छिबरामऊ के अतिराजपुर में हुए गोलीकांड का है।
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छिबरामऊ कोतवाली के गांव अतिराजपुर में रहने वाले अरविंद दुबे पुत्र शिवमूर्ति का जमीन का विवाद पड़ोसी शिवकांत तिवारी उर्फ बबलू से है। 17 दिसंबर की रात विवाद बढ़ गया था। अरविंद के मुताबिक मामला बढ़ने पर शिवकांत, राजीव, सिद्धार्थ, गगन, सतेंद्र, सुमित और सपना ने घर पर हमला कर दिया। शिवकांत ने फायरिंग की। इसमें अरविंद दुबे के भाई विनय उर्फ बाबा और राहुल को गोली लग गई थी। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अरविंद ने बताया कि 22 दिसंबर को जिला अस्पताल में चिकित्सकों की सांठगांठ से आरोपी शिवकांत भर्ती हो गया।
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इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने दो एक्सरे टेकभनीशियन जितेंद्र शुक्ला और प्रदीप विद्यार्थी की मिलीभगत से शिवकांत के सीने में जख्म कर कारतूस के छर्रे दिखाते हुए मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर दी। पता चलने पर उन्होंने सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप और सीएमएस डॉ. शक्ति बसु को प्रार्थना पत्र देते हुए फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने की शिकायत की। पैनल से शिवकांत का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए कहा। मामला तूल पकड़ता देख सीएमएस ने पूरे मामले की जांच इमरजेंसी चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीके शुक्ला को सौंप दी। सीएमएस ने इस मामले में टेकभनीशियन जितेंद्र शुक्ला और प्रदीप विद्यार्थी को एक्सरे यूनिट से हटाकर टेकभनीशियन मुन्ना राम चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी है। सीएमएस ने बताया कि जांच शुरू की गई है। फर्जी मेडिकल बनाने वाले चिकित्सकाें और कर्मचारियों के खिलाफ साक्ष्य इकट्ठे होेते ही सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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मेडिकल रिपोर्ट बनवाने में पुलिसकर्मियों की भी मिलीभगत
जिला अस्पताल में फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनवाने में छिबरामऊ कोतवाली पुलिस की भी मिलीभगत सामने आ रही है। वादी अरविंद दुबे ने बताया कि गोलीकांड के बाद पुलिस ने आरोपी शिवकांत को गिरफ्तार नहीं किया। इससे उसे फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनवाने का मौका मिल गया। इससे कि मुझे व मेरे घायल भाइयों को फंसाया जा सके। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

चिकित्सकों की बढ़ सकतीं मुश्किलें
मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने के मामले में वादी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी शिकायत की है। शासन के निर्देश पर पूरे मामले की जांच एसडीएम सदर गौरव कुमार शुक्ला ने शुरू की है। इससे चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। मामला उजागर होने के बाद से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है।
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