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सीएम के एक्शन से अवैध बूचड़खानों की शामत

Tue, 21 Mar 2017 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज Updated Tue, 21 Mar 2017 11:44 PM IST
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Sadly abusive abattoirs from CM's action
मीट की दुकान पर शीशे का दरवाजा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद योगी के एक्शन में आते ही अवैध बूचड़खाना संचालित करने वालों की शामत आ गई है। लोगों ने कई दिनों से दुकानें नहीं खोली हैं। पुलिस अधीक्षक ने नगर पालिकाओं से बूचड़खानों की लिस्ट मांगी है।

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जिले में करीब एक दर्जन बूचड़खाने संचालित हैं, लेकिन कन्नौज नगर पालिका से लेकर जिला पंचायत में इन बूचड़खानों का किसी भी पटल पर रिकार्ड नहीं हैं। वहीं, जिला मुख्यालय पर मीट कारोबारियों में बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले तमाम दुकानदार खुले में मीट की बिक्री करते थे, उन्होंने दुकानों पर शीशे लगवा दिए। हालांकि कुछ अभी भी अपनी पुरानी हनक बनाए हुए हैं और खुले में मीट की बिक्री कर रहे हैं। जबकि प्रशासन का निर्देश है कि कोई भी खुले में मीट की बिक्री नहीं करेगा।
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जिला मुख्यालय पर तिर्वा क्रासिंग क्षेत्र में लगने वाली दुकानें, जलालाबाद में कई दुकानें खुल ही नहीं रही हैं। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी का कहना है कि शासन से उनके पास बूचड़खानों के बारे में कोई आदेश नहीं आया है। इसके बावजूद उन्होंने समस्त नगर पालिकाओं से लिस्ट मांगी है। लिस्ट मिलते ही इन बूचड़खानो की चेकिंग की जाएगी। जिले में जो भी बूचड़खाना अवैध रुप से संचालित होने की खबर मिलती है तो उसे बंद कराया जाएगा। मीट कारोबारियों को आगाह किया कि लाइसेंस धारक ही मीट की बिक्री करें। इसके अलावा अपनी दुकानों पर पर्दा अवश्य लगा लें।

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