फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   road accident,kannauj news

क्या करें सरकार, यहां तो अधिकारी ही लगा रहे सरकार को चूना

Sun, 12 Jan 2020 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jan 2020 11:51 PM IST
विज्ञापन
road accident,kannauj news
रोडवेज बस स्टॉप के निकट लखनऊ व कानपुर के लिए यात्रियों को बैठाती कार। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। शहर के अधिकारियाें की साठगांठ से डग्गामार वाहनों का बोलबाला है। रोजाना ऐसे करीब पचास वाहन लाखों की चपत सरकार को लगा रहे हैं। यह रोडवेज बस स्टॉप के गेट से यात्रियों को बैठाकर लखनऊ व कानपुर तक ले जा रहे हैं।
विज्ञापन

रोडवेज बसअड्डे के बाहर दिनभर डग्गामार वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। रोडवेज व पुलिस अधिकारी दिनभर चक्कर काटते हैं लेकिन आज तक डग्गामार वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार करते हैं और जब जिले में या आसपास कोई बड़ा हादसा होता है तो सरकारी आदेश पर कोरम पूरा करने के लिए एक-दो अभियान चलाकर कुछ डग्गामार वाहनाें का चालान कर दिया जाता है। इसके बाद स्थितियां फिर वैसी ही हो जाती है। कभी कार्रवाई न होने से इन डग्गामार वाहन चालकों के हौसले भी बुलंद रहते हैं।
विज्ञापन

डग्गामार वाहनों के हर समय रोडवेज बसअड्डे के बाहर जमा रहने से कानपुर और दिल्ली की ओर से आने वाली कई बसें भी बसअड्डे के अंदर नहीं जाती हैं। कई बसें बाहर सड़क पर कुछ देर खड़े रहने के बाद सीधे रवाना हो जाती है। इससे अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डग्गामारी करने वालाें का कोई महीना नहीं बंधा है। यह खेल हर चक्कर पर बस कुछ रूपयाें की खातिर हो रहा है। बीस मिनट खड़े रखने के 50 रुपये से लेकर 70 रुपये तक डग्गामार वाहनों से वसूले जाते हैं। यही जो डग्गामार बसें उनसे यही रेट दो सौ रुपये प्रति चक्कर तक पहुंच जाता है। यदि इससे अधिक समय तक खड़ा रखना है तो उसका पैसा बढ़ता चला जाता है।
सरायमीरा बसअड्डे के पास डग्गामार वाहनों के कारण जाम की हर समय स्थिति रहती है। इसी रोड से जिला कोर्ट की रोड का भी लिंक है। जाम को लेकर व्यापार मंडल से लेकर अन्य कई संगठनों ने जिले के एसपी से लेकर डीएम तक अधिकारियाें से कई बार लिखित में शिकायत की लेकिन आज तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी है।

एआरटीओ, कन्नौज संजय कुमार झा ने बताया कि कभी-कभी डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। इनके चालान भी किए जाते हैं। अभियान के कुछ दिन तक यह सब शांत रहता है, फिर अतिक्रमण होने लगता है। अब लगातार अभियान चलाया जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed