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रामजी की निकली सवारी, रामजी की लीला है न्यारी
Updated Wed, 21 Oct 2015 11:44 PM IST
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कन्नौज। रामजी की निकली सवारी, रामजी की लीला है न्यारी..धुन पर गाजे बाजे के साथ मंगलवार की रात राम बारात निकली। श्री पंचमुखी दुग्धेश्वर महादेवजी आदर्श रामलीला समिति के संरक्षक सुनील कुमार गुप्त मुन्ना भइया, संयोजक विमलेश चंद्र तिवारी, पुत्तूलाल बाथम, अध्यक्ष मनीष कनौजिया, उपाध्यक्ष संदीप मिश्रा रानू, विष्णू शुक्ला, उप मंत्री रंजन वाजपेयी की देखरेख में चल रही रामलीला के दौरान मंगलवार की रात सीता से ब्याह रचाने के लिए भगवान राम बारातियों संग जनकपुरी के लिए रवाना हुए।
रास्ते में जगह-जगह भगवान की भक्तों ने आरती उतारकर पूजन किया। छतों, छज्जों में खड़ी महिलाओं व पुरुषों ने पुष्प वर्षा की। जय श्रीराम के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। विद्युत झालरों की जगमगाहट व भक्ति गीतों से वातावरण गुंजायमान हो गया। दूल्हा बने भगवान राम की बारात को देखने के लिए ग्रामीण क्षेत्र से भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों लोग जिस रास्ते से बारात निकली वहां साइड में खड़े होकर इंतजार करते रहे। जैसे ही बारात भ्रमण करते हुए पहुंची तो लोग टकटकी निगाहें लगाकर झांकियों के दर्शन करते रहे। बारात में मां दुर्गा, मां काली, राम दरबार, शिव परिवार, राधाकृष्ण, हनुमान जी, मां काली समेत भगवान के विभिन्न स्वरूपों की झांकियां रथ पर सवार होकर चल रहे थे। वानर सेना के कलाकार नाचते गाते चल रहे थे। वहीं हजारों लोग पैदल भ्रमण करते हुए बाराती बने जयघोष करते हुए चले। समाजसेवियों ने रास्ते में बारातियों को शरबत, जूस आदि वितरित किया।
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सुरक्षा के मद्देनजर उप जिलाधिकारी सदर सुनील शुक्ला, सीओ सदर करन सिंह, कोतवाल भुल्लन यादव के अलावा खूफिया विभाग के दारोगा भी मोरचे पर डटे रहे। तिराहों-चौराहों पर भारी पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था को परखने के साथ ही यातायात व्यवस्थित कराने में सक्रिय रहा।
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दूल्हा बने श्रीराम भाई लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के साथ रथ पर सवार थे। एसवीएस इंटरकालेज से शुरू हुई राम बारात ने बगिया फजल इमाम, फर्श रोड, कचहरी टोला, लाखन चौराहा, सब्जी मंडी, पीतल मंडी, फर्श रोड, ग्वाल मैदान समेत शहर के विभिन्न मुहल्लों का भ्रमण करते हुए वापस रामलीला मैदान पर पहुंची।
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रास्ते में जगह-जगह भगवान की भक्तों ने आरती उतारकर पूजन किया। छतों, छज्जों में खड़ी महिलाओं व पुरुषों ने पुष्प वर्षा की। जय श्रीराम के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। विद्युत झालरों की जगमगाहट व भक्ति गीतों से वातावरण गुंजायमान हो गया। दूल्हा बने भगवान राम की बारात को देखने के लिए ग्रामीण क्षेत्र से भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों लोग जिस रास्ते से बारात निकली वहां साइड में खड़े होकर इंतजार करते रहे। जैसे ही बारात भ्रमण करते हुए पहुंची तो लोग टकटकी निगाहें लगाकर झांकियों के दर्शन करते रहे। बारात में मां दुर्गा, मां काली, राम दरबार, शिव परिवार, राधाकृष्ण, हनुमान जी, मां काली समेत भगवान के विभिन्न स्वरूपों की झांकियां रथ पर सवार होकर चल रहे थे। वानर सेना के कलाकार नाचते गाते चल रहे थे। वहीं हजारों लोग पैदल भ्रमण करते हुए बाराती बने जयघोष करते हुए चले। समाजसेवियों ने रास्ते में बारातियों को शरबत, जूस आदि वितरित किया।
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सुरक्षा के मद्देनजर उप जिलाधिकारी सदर सुनील शुक्ला, सीओ सदर करन सिंह, कोतवाल भुल्लन यादव के अलावा खूफिया विभाग के दारोगा भी मोरचे पर डटे रहे। तिराहों-चौराहों पर भारी पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था को परखने के साथ ही यातायात व्यवस्थित कराने में सक्रिय रहा।