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भड़के वकीलों ने की नारेबाजी

Sat, 02 Jan 2016 12:29 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज Updated Sat, 02 Jan 2016 12:29 AM IST
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Raging of lawyers protesting

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन के कारण कलक्ट्रेट

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जाने वाले रास्ते बंद कर देने और अंदर न घुसने देने पर सदर तहसील के वकील भड़क गए। तीनों संगठनों के वकीलों ने संयुक्त रूप से जबरन कैंपस के अंदर प्रवेश किया और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

राजस्व मंत्री को प्रस्ताव भेजकर डीएम के तबादले की मांग की और ऐसा न होने तक डीएम कोर्ट में न्यायिक कार्य से विरत रहने का ऐलान किया। अधिवक्ता संघ, कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन व लायर्स बार एसोसिएशन के वकील रामदेव शुक्ला, अजय यादव, राजीव श्रीवास्तव, सुभाष कटियार, योगेंद्र कटियार, विजय बाबु, मनोज पांडे, योगेश शुक्ला, संजय दुबे, मुकेश कटियार आदि ने दोपहर करीब एक बजे नारेबाजी करते हुए रेलवे लाइन किनारे स्थित कलक्ट्रेट के गेट पर पहुंचे।

दरोगा एवं सिपाहियों ने रोका तो नारेबाजी शुरू कर दी। युवा वकीलों के उग्र तेवरों को देखकर पुलिसकर्मी हटे तो वकील अपने आप गेट खोलकर एडीएम के आवास के बाहर से होते हुए जाने लगे। अगले तिराहे पर फिर दरोगा ने रोका, तो उग्र नारेबाजी शुरू कर दी। करीब 10 मिनट तक यहां नोकझोंक करने के बाद वकीलों का झुंड मुख्य गेट तक जा पहुंचा।

वकीलों की नारेबाजी एवं हंगामा से प्रशासन में हड़कंप मच गया। आननफानन में यहां एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य, एडीएम संतोष वैश्य, एसडीएम सुनील शुक्ला, सीओ सदर करन सिंह, तहसीलदार राजेश कुमार मौके पर पहुंचे। यहां काफी देर तक पुलिस प्रशासनिक अफसरों और वकीलों के मध्य बहस चली।

बाद में एडीएम को प्रस्ताव की प्रति सौंपकर वकील लौट गए। प्रदर्शनकारी वकील शिवकुमार सिसौदिया, विनोद त्रिवेदी, रामबाबू राठौर आदि ने पारित प्रस्ताव में कहा कि इससे पहले कभी लोकसभा चुनाव तक में कलक्ट्रेट के अंदर वकीलों के आने-जाने पर रोक नहीं लगी। कलक्ट्रेट के अंदर कोषागार, बैंक व अन्य कोर्ट हैं।

स्थानीय व बाहरी वकील न्यायिक कार्य करने पहुंचे, पर लेकिन न्हें बलपूर्वक बाहर ही रोक दिया गया। इससे वकीलों व वादकारी परेशान हुए। कहा कि ऐसा करके प्रशासन ने संवैधानिक व मौलिक अधिकारों का हनन किया है। प्रस्ताव में वकीलों ने लिखा कि सत्ता पक्ष के नेताओं के इशारे पर वकीलों व वादकारियों को कलक्ट्रेट के अंदर प्रवेश रोककर सपा प्रत्याशी को निर्विरोध चयनित कराने का षड्यंत्र रच रहे हैं।

पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि डीएम का स्थानांतरण न किया गया तो जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट जाने को बाध्य होना पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान अमित श्रीवास्तव, हरिओम, विकास कनौजिया, श्याम बहादुर सिंह, अमित कुमार, अरविंद, विनोद कुमार, शरद मिश्रा, मुन्नालाल अवस्थी, अमरजी आदि थे।

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