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प्रेरकों को दस माह से नहीं मिला मानदेय
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Mon, 02 Feb 2015 11:57 PM IST
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कलेक्ट्रेट में सोमवार को भारत साक्षर मिशन योजना के एक दर्जन से अधिक प्रेरकों ने मानदेय नहीं मिलने पर धरना प्रदर्शन किया। विभागीय लापरवाही के खिलाफ नारेबाजी कर गुस्सा जताया। कहा कि कई प्रेरकों को नियुक्ति के बाद से वह तमाम लोगों को पिछले दस माह से मानदेय नहीं मिला है। बीएसए दफ्तर में कई बार चक्कर लगाए जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
प्रेरक अजय, संजय सिंह, रमाकांत, कुमकुम कटियार, सुधीर कुमार, अगसर अली, नजमुन निशा, अनुराग पाल ने बताया कि साक्षर भारत योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-दो प्रेरकों को एक अगस्त 2013 को नियुक्त किया गया था। मार्च 2014 तक का भुगतान मिल चुका है। उसके बाद से किसी तरह का मानदेय नहीं मिला है। प्रेरकों को उच्चाधिकारियों से भुगतान कराने जाने की मांग की।
प्रेरकों का कहना है कि विभाग लगातार काम करने के लिए दबाव डाल रहा है लेकिन मानदेय दिलाने की जरूरत नहीं समझ रहा है। ब्लाक समन्वयक से लेकर बीएसए कार्यालय के अधिकारी व बाबू घोर लापरवाही बरत रहे हैं। इस कारण प्रेरकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। मजबूर होकर उन लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को अपनी समस्या से अवगत कराया है।
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प्रेरक अजय, संजय सिंह, रमाकांत, कुमकुम कटियार, सुधीर कुमार, अगसर अली, नजमुन निशा, अनुराग पाल ने बताया कि साक्षर भारत योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-दो प्रेरकों को एक अगस्त 2013 को नियुक्त किया गया था। मार्च 2014 तक का भुगतान मिल चुका है। उसके बाद से किसी तरह का मानदेय नहीं मिला है। प्रेरकों को उच्चाधिकारियों से भुगतान कराने जाने की मांग की।
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प्रेरकों का कहना है कि विभाग लगातार काम करने के लिए दबाव डाल रहा है लेकिन मानदेय दिलाने की जरूरत नहीं समझ रहा है। ब्लाक समन्वयक से लेकर बीएसए कार्यालय के अधिकारी व बाबू घोर लापरवाही बरत रहे हैं। इस कारण प्रेरकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। मजबूर होकर उन लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को अपनी समस्या से अवगत कराया है।
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