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कैदियों को मनाने में अफसरों को छूटे पसीने

Thu, 05 Feb 2015 12:08 AM IST
अमर उजाला कन्नाैैज
अमर उजाला कन्नाैैज Updated Thu, 05 Feb 2015 12:08 AM IST
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Prisoners released in persuading officials sweat
अनौगी जिला जेल में मंगलवार देरशाम शुरू हुआ कैदियों का उपद्रव करीब 15 घंटे तक चलता रहा। कैदियों को संभालने में अफसरों के पसीने छूट गए। कैदियों की ओर से किए पथराव में छह बंदी रक्षक जख्मी हुए हैं। साथ ही बड़ी संख्या में तोड़फोड़ हुई है। जेल प्रशासन उपद्रव के दौरान हुए नुकसान का विवरण तैयार करने में जुट गया है। मौके पर पहुंचे डीआईजी जेल ने मामले की जांच पड़ताल की।
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जिला जेल में मंगलवार शाम उम्रकैद की सजा भुगत रहे कैदी हरिओम तिवारी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। जेल प्रशासन आत्महत्या बता रहा था, जबकि साथी कैदी जेल प्रशासन पर हत्या कराने का आरोप लगाने लगे। इसी बात को लेकर कैदियों एवं बंदी रक्षकों में टकराव हो गया। इसके बाद गुस्साए कैदी बवाल करने लगे।
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वे छत पर चढ़कर जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और पथराव शुरू कर दिए। सूत्रों के अनुसार देर रात कैदियों का एक झुंड अपनी बैरक का ताला तोड़ने के बाद बाहर निकला। इसके बाद उन्होंने अन्य बैरकों के दरवाजे और ताले भी तोड़ दिए। इसी दौरान एक दर्जन कैदी बैरक के पास बने एक टावर से फावड़ा और गैंती उठा लाए।
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गैंती की मदद से 10 बैरकों के ताले तोड़े। वहीं पानी आपूर्ति की पाइप लाइन को भी तोड़ दिया। एक दीवार गिरा दी। गैंती-फावड़ा से फर्श पर जगह-जगह खोदकर गड्ढे कर दिए। रातभर बवाल चलता रहा। छत पर चढ़े कैदी ईंटों के टुकड़े दिखाकर सुरक्षा कर्मियों के साथ गालीगलौज करते रहे। इस दौरान कैदियों ने जेल अधीक्षक शशिकांत यादव की जमकर हूटिंग की और उन पर कंबल न देने, घटिया खाना देने सहित कई संगीन आरोप लगाए।

सुबह डीआईजी जेल शरद कुलश्रेष्ठ, डीएम अनुज कुमार झा एवं एसपी कलानिधि के पहुंचने पर कैदियों के साथ बातचीत शुरू की गई। सपा के सदर विधायक अनिल दोहरे, पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने भी अफसरों के साथ कैदियों से संवाद किया। कैदियों को भरोसा दिलाया कि जेल में जो भी खामियां हैं उन्हें दूर कराया जाएगा। अफसरों ने समस्याओँ के निस्तारण का भरोसा दिया, तब जाकर कैदी शांत हुए।

नहीं बांधने दिया लाउडस्पीकर
बैरक तोड़कर जेल के अंदर आजाद घूम रही कैदियों की भीड़ ने बंदी रक्षकों को लाउडस्पीकर तक नहीं बांधने दिया। जो बंदी रक्षक लाउडस्पीकर बांधने के लिए पहुंचे उन्हें पकड़ो, मारो का हल्ला मचाते हुए दौड़ा लिया गया। जान बचाने के लिए बंदी रक्षक भाग खड़े हुए।
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लापरवाही से सरकारी संपत्ति का नुकसान
कैदियों के बवाल के दौरान सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान के लिए जेल प्रशासन का लापरवाह रवैया सामने आया। बताते हैं कि बैरक के बाहर एक टावर पर काम करने के लिए फावड़ा व गैंती खुले में पड़े थे। यही फावड़ा व गैंती तोड़फोड़ के लिए कैदियों का हथियार बन गए।
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पूरे मामले की होगी जांच-डीएम
घटनाक्रम के बाद जेल गेट के बाहर डीएम अनुज कुमार झा ने बताया बंदी हरिओम तिवारी के आत्महत्या मामले की विधिवत जांच कराएंगे। उन्होंने कैदियों को शांत कराने के लिए बल प्रयोग किए जाने से इनकार किया। बंदी रक्षक रोहित मैसी व कृष्णपाल सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। इसके अलावा बवाल के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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विधायक बोले, हत्या की आशंका गलत
सपा के सदर विधायक अनिल दोहरे ने कहा कि कैदी की हत्या किए जाने जैसी आशंका गलत है। प्रथम दृष्टया आत्महत्या करने का ही मामला सामने आ रहा है। वे खुद दखल देकर मामले की सही से निष्पक्ष जांच कराएंगे। फिर भी यदि कोई मामला सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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पत्नी को काटकर मार डाला था
आत्महत्या करने वाले कैदी हरिओम तिवारी ने वर्ष 2009 में अपनी पत्नी के चरित्र पर शक जताते हुए उसे खेत में ले जाकर काटकर मार डाला था। इस मामले में हरिओम के पिता रामनरायन और भाई के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया गया था। इसमें 21 नवंबर 2013 को हरिओम को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। उसके पिता व भाई की जमानत हो गई थी। इसके बाद से हरिओम तिवारी बेहद शांत तरीके से जेल के अंदर रहने लगा।
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फैक्ट फाइल
ॎ अनौगी स्थित जिला जेल में कुल 685 कैदी बंद हैं।
ॎ इनमें 32 महिलाएं, 22 बाल कैदी व शेष पुरुष हैं।
ॎ जेल की व्यवस्था संभालने के लिए 22 बंदी रक्षक, दो डिप्टी जेलर, एक अधीक्षक तैनात हैं। वर्तमान में जेलर का पद रिक्त चल रहा है।
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जेल के अंदर बेरोक-टोक गए नेता
नेताओं को देखते ही जेल प्रशासन की सारी सख्ती गायब हो जाती है। वे नियम-कानून को ताक पर रखकर नेताओें को बेरोक-टोक जेल के अंदर हर कोने तक जाने देते हैं। बुधवार को यह अंधेरगरदी एक बार फिर नजर आई। जिले के तमाम नेता बवाल के दौरान जेल के अंदर व बाहर आते-जाते रहे। जेल प्रशासन ने नेताओं के जरिए कैदियों को समझाकर शांत कराने के लिए उनकी चिरौरी की।

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अब प्लास्टिक के पाइप से होगी जलापूर्ति
जेल अधीक्षक शशिकांत यादव ने कहा कि अब जेल में जलापूर्ति के लिए प्लास्टिक के पाइप डलवाए जाएंगे। ये पाइप अंडरग्राउंड फिट किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोहे के पाइप कैदियों का हथियार बन जाते हैं। वे इसी के जरिए तोड़फोड़ करते हैं। उन्होंने कहा कि आगे से सुरक्षा के इंतजाम और पुख्ता कराएंगे। हर स्तर पर चौकसी बरती जाएगी। ताकि इस तरह की पुनरावृत्ति न होने पाए।
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