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Kannauj News: विपक्षी को फंसाने के लिए अपहरण का नाटक
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सौरिख (कन्नौज)। छह दिन पहले युवक रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। परिजन गांव के ही एक युवक पर अपहरण और हत्या का आरोप लगा रहे थे। पुलिस ने जब मामले की छानबीन की तो वह औरैया जिले के बेला कस्बे में एक ढाबे में काम करता मिला। पुलिस के मुताबिक गांव के एक विरोधी को फंसाने के लिए उसने अपहरण का नाटक रचा था। उससे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
क्षेत्र के हीरा नगला हरिभानपुर निवासी सुनील कुमार (40) छह अक्तूबर को साइकिल से कन्नौज न्यायालय के लिए निकला था। देर शाम तक सुनील के वापस न आने पर पत्नी नीरज और परिजनों ने आसपास तलाश की। उसका कुछ पता नहीं चला। सात अक्तूबर को हरिभानपुर स्थित बरसाती नाले में सुनील की साइकिल, गमछा, आधार कार्ड और मुकदमे के कागजात पड़े मिले। सुनील की पत्नी ने गांव के ही सुधीर सिंह पर अपहरण करने का आरोप लगाया।
तीसरे दिन पुलिस ने युवक की गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की। शनिवार शाम को पुलिस ने सुनील को औरैया के बेला कस्बे में एक ढाबे पर काम करते हुए पकड़ लिया। थाना प्रभारी जयंती प्रसाद गंगवार ने बताया कि सुनील को पुलिस ने बेला में एक ढाबे पर काम करते हुए पकड़ा है। सुनील अभी भी गांव के सुधीर पर अपहरण करने का आरोप लगा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार का कहना है कि विपक्षी को फंसाने के लिए सुनील कठेरिया ने अपहरण का नाटक रचा था। वह छिबरामऊ में एक ढाबे पर काम करने गया था, वहां से उसे बेला भेज दिया। पुलिस ने जब सीसीटीवी चेक किए तो पता चल गया। पुलिस को गुमराह करने के मामले पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराया था मुकदमा
थाना प्रभारी ने बताया कि पिछले साल दीपावली से पहले सुधीर सिंह की बाइक की टक्कर से सुनील कठेरिया का 10 साल का बेटा घायल हो गया था। सुधीर ने उसके इलाज कराने की बात कही थी पर नहीं कराया था। इस पर सुनील ने कोर्ट के आदेश पर सुधीर सिंह के खिलाफ एक्सीडेंट व एससी-एसटी एक्ट के तहत पर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट हटाकर एक्सीडेंट में चार्जशीट कोर्ट भेज दी। सुनील लगातार पुलिस पर सुधीर सिंह को जेल भेजने का दबाव बना रहा था। जब पुलिस ने इन्कार कर दिया तो उसने अपहरण का नाटक रच दिया।
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क्षेत्र के हीरा नगला हरिभानपुर निवासी सुनील कुमार (40) छह अक्तूबर को साइकिल से कन्नौज न्यायालय के लिए निकला था। देर शाम तक सुनील के वापस न आने पर पत्नी नीरज और परिजनों ने आसपास तलाश की। उसका कुछ पता नहीं चला। सात अक्तूबर को हरिभानपुर स्थित बरसाती नाले में सुनील की साइकिल, गमछा, आधार कार्ड और मुकदमे के कागजात पड़े मिले। सुनील की पत्नी ने गांव के ही सुधीर सिंह पर अपहरण करने का आरोप लगाया।
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तीसरे दिन पुलिस ने युवक की गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की। शनिवार शाम को पुलिस ने सुनील को औरैया के बेला कस्बे में एक ढाबे पर काम करते हुए पकड़ लिया। थाना प्रभारी जयंती प्रसाद गंगवार ने बताया कि सुनील को पुलिस ने बेला में एक ढाबे पर काम करते हुए पकड़ा है। सुनील अभी भी गांव के सुधीर पर अपहरण करने का आरोप लगा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार का कहना है कि विपक्षी को फंसाने के लिए सुनील कठेरिया ने अपहरण का नाटक रचा था। वह छिबरामऊ में एक ढाबे पर काम करने गया था, वहां से उसे बेला भेज दिया। पुलिस ने जब सीसीटीवी चेक किए तो पता चल गया। पुलिस को गुमराह करने के मामले पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराया था मुकदमा
थाना प्रभारी ने बताया कि पिछले साल दीपावली से पहले सुधीर सिंह की बाइक की टक्कर से सुनील कठेरिया का 10 साल का बेटा घायल हो गया था। सुधीर ने उसके इलाज कराने की बात कही थी पर नहीं कराया था। इस पर सुनील ने कोर्ट के आदेश पर सुधीर सिंह के खिलाफ एक्सीडेंट व एससी-एसटी एक्ट के तहत पर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट हटाकर एक्सीडेंट में चार्जशीट कोर्ट भेज दी। सुनील लगातार पुलिस पर सुधीर सिंह को जेल भेजने का दबाव बना रहा था। जब पुलिस ने इन्कार कर दिया तो उसने अपहरण का नाटक रच दिया।