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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में न बिजली, न पानी, एक डॉक्टर की कोविड ड्यूटी, दूसरी छुट्टी पर
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उमर्दा(कन्नौज)। इलाके का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदहाल है। यहां न तो बिजली है और न ही पेयजल का साधन। अस्पताल में कुत्ते आराम फरमाते हैं। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर है। यहां बिजली, पानी का साधन नहीं है। शुक्रवार को अस्पताल की पड़ताल में सुबह 11:30 बजे कुत्ते आराम फरमा रहे थे। फार्मासिस्ट सुदीश कुमार व एएनएम ईश्वरी देवी मौजूद थीं। मरीज डॉक्टर न होने से लौट रहे थे। केंद्र प्रभारी डॉ. मनोज कांत दीक्षित ने बताया कि वह और एएनएम जैनश्री, संगीता देवी कुढ़िना गांव में कोविड ड्यूटी पर हैं। डॉ. तनुप्रिया छुट्टी पर हैं।
दूसरे फार्मासिस्ट मनोज सचान की ड्यूटी औसेर केंद्र पर है। लैब असिस्टेंट की ड्यूटी तिर्वा में लगी है। सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं है। प्राइवेट कर्मचारी से सफाई करानी पड़ती है। बिजली कई साल से नहीं है। हैंडपंप खराब है। कुछ लोग हत्था उखाड़ ले गए हैं। कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया। समाधान नहीं हुआ। मरीजों को बाहर से पानी मंगाकर पिलाया जाता है ।
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कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर है। यहां बिजली, पानी का साधन नहीं है। शुक्रवार को अस्पताल की पड़ताल में सुबह 11:30 बजे कुत्ते आराम फरमा रहे थे। फार्मासिस्ट सुदीश कुमार व एएनएम ईश्वरी देवी मौजूद थीं। मरीज डॉक्टर न होने से लौट रहे थे। केंद्र प्रभारी डॉ. मनोज कांत दीक्षित ने बताया कि वह और एएनएम जैनश्री, संगीता देवी कुढ़िना गांव में कोविड ड्यूटी पर हैं। डॉ. तनुप्रिया छुट्टी पर हैं।
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दूसरे फार्मासिस्ट मनोज सचान की ड्यूटी औसेर केंद्र पर है। लैब असिस्टेंट की ड्यूटी तिर्वा में लगी है। सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं है। प्राइवेट कर्मचारी से सफाई करानी पड़ती है। बिजली कई साल से नहीं है। हैंडपंप खराब है। कुछ लोग हत्था उखाड़ ले गए हैं। कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया। समाधान नहीं हुआ। मरीजों को बाहर से पानी मंगाकर पिलाया जाता है ।
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