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Kannauj News: आलू के दामों में 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल की नरमी
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कन्नौज। सर्दी की शुरुआत के साथ ही आलू के बाजार में नरमी देखने को मिल रही है। खेतों से नई फसल आने से पहले ही कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू सस्ता बिकने लगा है। कुछ दिनों में आलू के दामों में 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से नरमी आई है। उधर, किसानों ने जब कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी नहीं की तो मालिकों ने भी मशीनें बंद कर दीं। अब अंदर का तापमान बढ़ने लगा है जिससे आलू खराब होने लगा है। ऐसी स्थिति में खराब आलू को फेंकना शुरू कर दिया है। गुरसहायगंज में कई शीतगृहों से आलू निकाल कर सड़क किनारे फेंक दिया गया। वहां दुर्गंध से निकलना दुश्वार है।
किसानों ने कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी बढ़ा दी है ताकि मौजूदा भाव में बेंचा जा सके। वहीं कारोबारियों ने निकासी रोक रखी है, इन्हें आलू और महंगा होने का इंतजार है। इस बार अभी तक 95.50 प्रतिशत ही आलू की निकासी हुई है। पांच फीसदी ही आलू शीतगृहों में है। जिले में चालू वित्तीय वर्ष में 54500 हेक्टेयर आलू की बोआई हुई है। बाजार में आलू 20 से 25 रुपये किलोग्राम तक बिक रहा है। यह नौबत मांग के मुताबिक बाजार को आपूर्ति न होने से है।
इससे सीजन की शुरुआत में आलू महंगा बिका। बाजार का रुख देख कारोबारियों ने खरीद पर रोक लगा दी है। यह कोल्ड स्टोरेज में भंडारित है। आलू के और मंहगा होने पर ही निकासी करेंगे। किसान भी जरूरत भर का आलू निकाल के बेच रहे हैं। इन दिनों शीतगृहों से 350 से 550 क्विंटल रोज निकासी हो रही है। इसमें से ज्यादातर दूसरे जनपदों की मंडियों में जा रहा है। बाकी की खपत घरेलू बाजार में हो रही है।
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यह भी हैं दाम गिरने की वजह
- इस बार खूब गर्मी पड़ी और तापमान भी चढ़ा रहा। इससे भी किसानों ने शीतगृहों से आलू नहीं निकाला।
- गैर जनपदों में आलू की पैदावार अधिक हुई है, वहां भी यहां से आलू नहीं भेजा जा रहा है।
- बारिश से कई जनपदों में बाढ़ है। यातायात अवरुद्ध हो गया है। आलू फंसने के डर से भी निकासी नहीं हो रही है। मांग के सापेक्ष आपूर्ति न होने से भाव गिर रहे हैं।
- बारिश और बाढ़ से हरी सब्जियों की खेती को नुकसान पहुंचा है। इनके भाव बढ़े तो आलू की मांग घट गई और दाम घटते चले गए।
-दो माह बाद कच्ची सीजन का नया आलू बाजार में आ जाएगा, जिससे पुराने आलू का भाव बढ़ने की उम्मीद कम ही है।
फैक्ट फाइल
जिले में आलू का रकबा 54500 हेक्टेयर
जिले में शीतगृह 186
शीतगृहों की भंडारण क्षमता - 15.61 मीट्रिक टन
कुल भंडारित आलू - 4.61 मीट्रिक टन
अभी तक हुई कुल निकासी - 95.5 फीसदी
इनसेट
बाजार में आलू का थोक भाव
सामान्य आलू - 500-650 रुपये प्रति पैकेट
आलू 3797 - 950 रुपये प्रति पैकेट
चिप्सोना - 700 रुपये प्रति पैकेट
(एक पैकेट में 50 किलोग्राम आलू आता है।)
वर्जन
व्यापारी और किसान आलू की निकासी कम कर रहे हैं। डर है कि आलू न बिका तो खराब जाएगा। जिले में अभी भी आलू की बोआई की जा रही है। शीतगृह में रखे आलू का 60-70 फीसद आलू बोआई में प्रयोग हो जाता है। सहालग शुरू होने से आलू की खपत भी बढ़ जाती है।
-चंद्रप्रकाश अवस्थी, जिला उद्यान अधिकारी
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किसानों ने कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी बढ़ा दी है ताकि मौजूदा भाव में बेंचा जा सके। वहीं कारोबारियों ने निकासी रोक रखी है, इन्हें आलू और महंगा होने का इंतजार है। इस बार अभी तक 95.50 प्रतिशत ही आलू की निकासी हुई है। पांच फीसदी ही आलू शीतगृहों में है। जिले में चालू वित्तीय वर्ष में 54500 हेक्टेयर आलू की बोआई हुई है। बाजार में आलू 20 से 25 रुपये किलोग्राम तक बिक रहा है। यह नौबत मांग के मुताबिक बाजार को आपूर्ति न होने से है।
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इससे सीजन की शुरुआत में आलू महंगा बिका। बाजार का रुख देख कारोबारियों ने खरीद पर रोक लगा दी है। यह कोल्ड स्टोरेज में भंडारित है। आलू के और मंहगा होने पर ही निकासी करेंगे। किसान भी जरूरत भर का आलू निकाल के बेच रहे हैं। इन दिनों शीतगृहों से 350 से 550 क्विंटल रोज निकासी हो रही है। इसमें से ज्यादातर दूसरे जनपदों की मंडियों में जा रहा है। बाकी की खपत घरेलू बाजार में हो रही है।
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यह भी हैं दाम गिरने की वजह
- इस बार खूब गर्मी पड़ी और तापमान भी चढ़ा रहा। इससे भी किसानों ने शीतगृहों से आलू नहीं निकाला।
- गैर जनपदों में आलू की पैदावार अधिक हुई है, वहां भी यहां से आलू नहीं भेजा जा रहा है।
- बारिश से कई जनपदों में बाढ़ है। यातायात अवरुद्ध हो गया है। आलू फंसने के डर से भी निकासी नहीं हो रही है। मांग के सापेक्ष आपूर्ति न होने से भाव गिर रहे हैं।
- बारिश और बाढ़ से हरी सब्जियों की खेती को नुकसान पहुंचा है। इनके भाव बढ़े तो आलू की मांग घट गई और दाम घटते चले गए।
-दो माह बाद कच्ची सीजन का नया आलू बाजार में आ जाएगा, जिससे पुराने आलू का भाव बढ़ने की उम्मीद कम ही है।
फैक्ट फाइल
जिले में आलू का रकबा 54500 हेक्टेयर
जिले में शीतगृह 186
शीतगृहों की भंडारण क्षमता - 15.61 मीट्रिक टन
कुल भंडारित आलू - 4.61 मीट्रिक टन
अभी तक हुई कुल निकासी - 95.5 फीसदी
इनसेट
बाजार में आलू का थोक भाव
सामान्य आलू - 500-650 रुपये प्रति पैकेट
आलू 3797 - 950 रुपये प्रति पैकेट
चिप्सोना - 700 रुपये प्रति पैकेट
(एक पैकेट में 50 किलोग्राम आलू आता है।)
वर्जन
व्यापारी और किसान आलू की निकासी कम कर रहे हैं। डर है कि आलू न बिका तो खराब जाएगा। जिले में अभी भी आलू की बोआई की जा रही है। शीतगृह में रखे आलू का 60-70 फीसद आलू बोआई में प्रयोग हो जाता है। सहालग शुरू होने से आलू की खपत भी बढ़ जाती है।
-चंद्रप्रकाश अवस्थी, जिला उद्यान अधिकारी