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Kannauj News: कोल्ड स्टोरेज खुलते ही आलू धड़ाम, 250 रुपये में बिका पैकेट
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कन्नौज। जिले में कोल्ड स्टोरेज से आलू बाहर निकलते ही शनिवार को स्थानीय नवीन मंडी में दामों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। सीजन की शुरुआत में अच्छे दाम मिलने की उम्मीद थी पर भाव धड़ाम हो गए। इससे क्षेत्र के आलू उत्पादक किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है।
मंडी में आवक बढ़ते ही आलू की कीमतें लगभग आधी रह गई हैं। पहली ही निकासी में किसान का आलू 250 रुपये पैकेट बिका। मंडी में आलू के दाम गिरकर 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। किसानों का कहना है कि आलू की इस मंदी ने उनकी कमर तोड़ दी है। व्यापारी प्रतीक पाठक ने बताया कि बाजार में अचानक बढ़ी आवक के मुकाबले मांग बेहद कमजोर है। अन्य राज्यों से भी मांग कम होने के कारण स्थानीय आढ़तियों ने भाव घटा दिए हैं। डेढ़ माह पहले फुटकर में आलू का भाव 10-12 रुपये किलो था, जो अब सात से आठ रुपये किलो तक हो गया है।
किसानों की लागत और नुकसान
किसानों को कोल्ड स्टोरेज का किराया, बारदाना, मजदूरी और मंडी तक का परिवहन खर्च जोड़ना भारी पड़ रहा है। उन्हें अपनी लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। बीज, खाद, सिंचाई और लेबर पर भारी खर्च करने के बाद भी वाजिब दाम नहीं मिल रहे हैं। अगर बाजार का यही हाल रहा, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। कई किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं।
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बाजार की चाल और भविष्य की उम्मीदें
मंडी आढ़तियों का मानना है कि फिलहाल आने वाले कुछ दिनों तक दामों में बड़े उछाल की संभावना कम है। पड़ोसी जिलों की मंडियों में भी आलू की भारी आवक से कीमतों पर दबाव बना हुआ है। किसान कमलकांत कटियार और सत्यम पाठक ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज से निकासी के बाद बाजार में आलू की आवक बढ़ी है।
वर्जन
जिले के एक-दो कोल्ड स्टोरेजों से आलू की निकासी शुरू हो गई। उम्मीद है कि आठ से दस दिनों में आलू की निकासी तेजी पकड़ेगी। आलू अन्य राज्यों में भेजा जाएगा। ताकि किसानों कुछ लाभ मिल सके।
- सीपी अवस्थी, जिला उद्यान अधिकारी
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मंडी में आवक बढ़ते ही आलू की कीमतें लगभग आधी रह गई हैं। पहली ही निकासी में किसान का आलू 250 रुपये पैकेट बिका। मंडी में आलू के दाम गिरकर 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। किसानों का कहना है कि आलू की इस मंदी ने उनकी कमर तोड़ दी है। व्यापारी प्रतीक पाठक ने बताया कि बाजार में अचानक बढ़ी आवक के मुकाबले मांग बेहद कमजोर है। अन्य राज्यों से भी मांग कम होने के कारण स्थानीय आढ़तियों ने भाव घटा दिए हैं। डेढ़ माह पहले फुटकर में आलू का भाव 10-12 रुपये किलो था, जो अब सात से आठ रुपये किलो तक हो गया है।
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किसानों की लागत और नुकसान
किसानों को कोल्ड स्टोरेज का किराया, बारदाना, मजदूरी और मंडी तक का परिवहन खर्च जोड़ना भारी पड़ रहा है। उन्हें अपनी लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। बीज, खाद, सिंचाई और लेबर पर भारी खर्च करने के बाद भी वाजिब दाम नहीं मिल रहे हैं। अगर बाजार का यही हाल रहा, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। कई किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं।
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बाजार की चाल और भविष्य की उम्मीदें
मंडी आढ़तियों का मानना है कि फिलहाल आने वाले कुछ दिनों तक दामों में बड़े उछाल की संभावना कम है। पड़ोसी जिलों की मंडियों में भी आलू की भारी आवक से कीमतों पर दबाव बना हुआ है। किसान कमलकांत कटियार और सत्यम पाठक ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज से निकासी के बाद बाजार में आलू की आवक बढ़ी है।
वर्जन
जिले के एक-दो कोल्ड स्टोरेजों से आलू की निकासी शुरू हो गई। उम्मीद है कि आठ से दस दिनों में आलू की निकासी तेजी पकड़ेगी। आलू अन्य राज्यों में भेजा जाएगा। ताकि किसानों कुछ लाभ मिल सके।
- सीपी अवस्थी, जिला उद्यान अधिकारी