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Kannauj News: कांवड़ यात्रा विवाद में पुलिस ने गांव पहुंचकर की जांच
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ठठिया। थानाक्षेत्र के उमरन गांव के मुचुआपुर में कांवड़ यात्रा के दौरान हुए विवाद को लेकर बुधवार शाम पुलिस अधिकारियों ने गांव पहुंचकर जांच की। एसपी विनोद कुमार के निर्देश पर एएसपी अजय कुमार, सीओ सिटी और ठठिया थाना प्रभारी संजीव कुमार ने मौके का जायजा लिया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से अलग-अलग बात कर घटनाक्रम की जानकारी ली और बयान दर्ज किए। पुलिस ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कांवड़ यात्रा के दौरान 16 अगस्त को हुए विवाद में औसेर चौकी पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। दोनों ने गलती मानते हुए विवाद खत्म करने पर सहमति जताई थी। इसके बावजूद 23 अगस्त को फिर विवाद हो गया। आरोप है कि डीजे बजाने और शिवलिंग पर पूजा-पाठ को लेकर विरोध किया गया। इसके बाद गाली-गलौज और मारपीट हुई। महिलाओं द्वारा कांवड़ियों पर चप्पल चलाने का वीडियो भी सामने आया था। दोनों पक्षों ने तहरीर दी थी। मंगलवार को भीम आर्मी जिलाध्यक्ष अजीत आजाद के नेतृत्व में संगठन के लोगों ने एसपी को ज्ञापन सौंपा था।
वहीं बुधवार को सानू शुक्ला, पंकज कठेरिया, श्याम, आरिफ, आनंद, नितिन, सूरज, कौशल, रजनेश और गोलू सहित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भीम आर्मी के लोग धरना-प्रदर्शन के लिए उकसा रहे हैं। ग्रामीणों ने शिवलिंग और बबूल के पेड़ को क्षतिग्रस्त करने के प्रयास का भी आरोप लगाया। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे विवाद नहीं चाहते, बाहरी हस्तक्षेप से मामला तूल पकड़ रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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कांवड़ यात्रा के दौरान 16 अगस्त को हुए विवाद में औसेर चौकी पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। दोनों ने गलती मानते हुए विवाद खत्म करने पर सहमति जताई थी। इसके बावजूद 23 अगस्त को फिर विवाद हो गया। आरोप है कि डीजे बजाने और शिवलिंग पर पूजा-पाठ को लेकर विरोध किया गया। इसके बाद गाली-गलौज और मारपीट हुई। महिलाओं द्वारा कांवड़ियों पर चप्पल चलाने का वीडियो भी सामने आया था। दोनों पक्षों ने तहरीर दी थी। मंगलवार को भीम आर्मी जिलाध्यक्ष अजीत आजाद के नेतृत्व में संगठन के लोगों ने एसपी को ज्ञापन सौंपा था।
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वहीं बुधवार को सानू शुक्ला, पंकज कठेरिया, श्याम, आरिफ, आनंद, नितिन, सूरज, कौशल, रजनेश और गोलू सहित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भीम आर्मी के लोग धरना-प्रदर्शन के लिए उकसा रहे हैं। ग्रामीणों ने शिवलिंग और बबूल के पेड़ को क्षतिग्रस्त करने के प्रयास का भी आरोप लगाया। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे विवाद नहीं चाहते, बाहरी हस्तक्षेप से मामला तूल पकड़ रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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