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पौध जमाव कक्ष छोटा, इस्राइली काउंसलर ने जताई चिंता

Wed, 15 Sep 2021 11:32 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Sep 2021 11:32 PM IST
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Plantation room small, Israeli counselor expressed concern
इंडो-इस्राइल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल में केले की फसल देखते इस्राइली काउंसलर। - फोटो : KANNAUJ
उमर्दा(कन्नौज)। इंडो-इस्राइली सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल में बुधवार को इस्राइली काउंसलर यायल ईशेल ने टीम के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने पौध जमाव(जरमिनेशन) कक्ष छोटा होने पर चिंता जताई। कहा कि इसे बड़ा होना चाहिए। पौध अव्यवस्थित तरीके से रखने की बजाय अवस्था के मुताबिक रखी जानी चाहिए। इससे कि जरूरत के अनुसार पानी और पोषण मिल सकेगा।
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किसानों की आय दोगुनी करने के लिए इस्राइली तकनीक को मुफीद बताते हुए काउंसलर ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की देखरेख में पौधों का संरक्षण करें तो लाभ मिलेगा। एक्सीलेंस पार्क में किसानों के दो दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर पहुंचे काउंसलर को इटावा जिले के श्री तिरुपति बालाजी महाविद्यालय सैफई रोड छिमारा के प्रबंधक शिव मोहन सिंह व पूनम सिंह ने उत्पादित केले की पौध भेंट की। उन्होंने बताया कि सेंटर की देखरेख में नर्सरी से लेकर उत्पादन तक का कार्य हुआ है। इस पर काउंसलर ने अन्य किसानों को भी सेंटर की इस्राइली तकनीक पर भरोसा करने, देखरेख में कृषि कार्य करने पर जोर दिया।
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इससे पूर्व काउंसलर ने हाईटेक पौधशाला में शिमला मिर्च, मिर्च, बैंगन, टमाटर आदि सब्जियों के विषय में केंद्र प्रभारी डॉ. डीएस यादव से जानकारी ली। काउंसलर ने कहा कि केंद्र पर पौधशाला की क्षमता के अनुरूप जरमिनेशन कक्ष की क्षमता नहीं है। इसके लिए नई बेंचों को लगाया जाए। अलग-अलग व्यवस्थित सब्जियों की पौध को रखा जाए। इससे कि पौधों को सिंचाई और पोषण अलग-अलग मिल सके। केंद्र पर पौध की मांग अधिक होने के कारण हाईटेक पौधशाला की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की गई।
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काउंसलर ने बताया कि यहां भारत-इस्राइल के सहयोग से कृषकों की आय बढ़ाने के लिए 75 गांवों का चयन किया गया है। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पांच गांवों का चयन हुआ है। दूसरे चरण में प्रदेश के अन्य जनपदों के गांवों का चयन होगा। चयनित गांवों में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक का उपयोग करना सिखाया जाएगा। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली में स्थापित सेंटर को उच्चीकृत किया जाएगा। यहां प्रगतिशील कृषकों को इस्राइल तकनीक के समकक्ष प्रशिक्षण की व्यवस्था रहेगी। मौजूद कृषकों को सब्जियों के उत्पादन, तुड़ाई के उपरांत पैकिंग के विषय में जानकारी दी गई।

केंद्र प्रभारी दलगंजन सिंह यादव ने बताया कि इस केंद्र पर दो स्टाफ हैं। वित्तीय व्यवस्था आवश्यकता के अनुसार नहीं हो पा रही है। परियोजना अधिकारी ब्रह्मदेव ने बताया कि इस संबंध में प्रमुख सचिव उद्यान से जल्द वार्ता की जाएगी। इस अवसर पर जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी, प्रवीण यादव, कल्लू यादव, घनश्याम, शिवसिंह, दिनेश राजपूत, श्यामाचंद्र,पूनम चौहान,एस के पालीवाल, सलमान, जयवीर सिंह, विमलेश तिवारी, शिवमोहन सिंह, रामऔतार आदि मौजूद रहे।
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