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फिर बढ़ने लगा गंगा और काली का जलस्तर
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गंगा का बढ़ा जलस्तर देखते ग्रामीण।
- फोटो : KANNAUJ
मानीमऊ(कन्नौज)। गंगा और काली नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। लगातार हो रही बारिश को इसकी वजह माना जा रहा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से तराई इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 124.500 सेंटीमीटर रिकार्ड दर्ज किया गया। जलस्तर चेतावनी बिंदु से दो सेंटीमीटर दूर है। गंगा किनारे के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ता है, तो परेशानी हो जाएगी। केंद्रीय जल आयोग चौकी प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि बारिश के कारण गंगा की सहायक नदियों के मिलने से जलस्तर बढ़ रहा है। तराई के गांव कासिमपुर और बख्शीपुरवा के पास गंगा का पानी पहुंच गया है। सैलाब से किसानों की बची हुईं फसलें जलमग्न होने लगी हैं।
वहीं काली नदी के बढ़ते जलस्तर से सलेमपुर, तारा बांगर, बछुइया, गुमटिया, चौरा चांदपुर और रिजगीर गांव के किसानों को फसल डूबने की चिंता फिर सताने लगी है। एसडीएम सदर अपूर्वा यादव ने बताया कि बारिश के चलते गंगा का जलस्तर बढ़ और घट रहा है। बाढ़ की कोई संभावना नहीं है।
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शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 124.500 सेंटीमीटर रिकार्ड दर्ज किया गया। जलस्तर चेतावनी बिंदु से दो सेंटीमीटर दूर है। गंगा किनारे के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ता है, तो परेशानी हो जाएगी। केंद्रीय जल आयोग चौकी प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि बारिश के कारण गंगा की सहायक नदियों के मिलने से जलस्तर बढ़ रहा है। तराई के गांव कासिमपुर और बख्शीपुरवा के पास गंगा का पानी पहुंच गया है। सैलाब से किसानों की बची हुईं फसलें जलमग्न होने लगी हैं।
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वहीं काली नदी के बढ़ते जलस्तर से सलेमपुर, तारा बांगर, बछुइया, गुमटिया, चौरा चांदपुर और रिजगीर गांव के किसानों को फसल डूबने की चिंता फिर सताने लगी है। एसडीएम सदर अपूर्वा यादव ने बताया कि बारिश के चलते गंगा का जलस्तर बढ़ और घट रहा है। बाढ़ की कोई संभावना नहीं है।
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