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जालसाजों ने सिपाही से ठग लिया 85 हजार रुपये

Tue, 13 Oct 2020 12:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2020 12:03 AM IST
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कन्नौज। बड़े भाई को डाक विभाग में नौकरी दिलवाने का झांसा देख साइबर क्रमिलन ने पुलिस लाइन में तैनात सिपाही से 84 हजार रुपये ठग लिए। जालसाजों ने पुलिस में नौकरी कर रहे छोटे भाई की नौकरी डाक विभाग में लगने का झांसा दिया, इसके बावजूद सिपाही उनकी बातें में आ गया। सिपाही ने फोन पर बातचीत करने वाले तीन लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
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आगरा के बल्केश्वर थानाक्षेत्र के लोहिया नगर जसवंत सिंह की छतरी निवासी रोहित कुमार पुत्र गगन कुमार पुलिस में सिपाही हैं। पुलिस लाइन में तैनात रोहित की ड्यूटी कोविड-19 सेल में लगी है। 18 सितंबर 2020 को सिपाही को गुरदीप सिंह नाम के व्यक्ति ने फोन किया। खुद को नई दिल्ली में डाक विभाग का अधिकारी बताकर गुरदीप ने कहा कि 2017 में सिपाही के भाई ने डाक विभाग में जो फार्म डाला था, उसमें उसका चयन हो गया है।
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सिपाही ने भाई की नौकरी पुलिस में लग जाने की जानकारी दी तो फोन करने वाले ने कहा कि परिवार के दूसरे व्यक्ति को नौकरी मिल सकती है। सिपाही ने बड़े भाई योगेश की नौकरी की बात की। गुदीप के बाद आशीष दीपक और महेश गिरी ने भी सिपाही से बात की। इसके बाद कई बार में 84 हजार रुपये सिपाही से अलग-अलग खातों में डलवा लिए।
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बताए गए पते पर सिपाही दिल्ली पहुंचा तब ठगी की जानकारी हुई। सोमवार को सिपाही रोहित ने गुरदीप सिंह, आशीष दीपक और महेश गिरी के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराई। कोतवाल विकास राय ने बताया कि छानबीन की जा रही है। सिपाही को सजगता बरतनी चाहिए थी, पैसा खातों में डालने से पहले किसी से राय भी ले सकते थे।
नौकरी का झांसा दे तीन युवकों से 28 लाख ठगे
एनजीओ संचालक ने महिला एवं बाल विकास पुष्टाहार में नौकरी का झांसा देकर तीन युवकों से 28 लाख रुपये ठग लिए। युवकों की शिकायत पर पुलिस ने एनजीओ संचालक को हिरासत में ले लिया है। अब दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास चल रहे हैं।
ग्राम महमूदपुर जागीर निवासी आशुतोष दुबे ने बताया कि अपनी व भाई संदीप और नई बस्ती निवासी सनी की नौकरी के लिए लखनऊ के एक एनजीओ संचालक को 28 लाख रुपये दिए थे। फरवरी में खाते में 18 लाख नगद और दस लाख खाते से ट्रांसफर किए। 20 मार्च को तीनों के नियुक्ति पत्र भी आ गए। इसमें आशुतोष को गाजीपुर, उसके भाई को सोनभद्र व सनी को हमीरपुर में 13 अगस्त को ज्वाइन करने को कहा गया। वहां पहुंचने पर 17 अगस्त को ज्वाइनिंग की बात कही।

फिर पता चला कि ज्वाइनिंग लेटर फर्जी है। इस पर तीनों युवकों ने कोतवाली में एनजीओ संचालक के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने लखनऊ से एनजीओ संचालक को पकड़ लाई। सोमवार सुबह एनजीओ संचालक कोतवाली पहुंचा और तीनों युवकों से समझौते के प्रयास शुरू कर दिए। प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास चल रहे हैं।
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