{"_id":"68b34cb7daa25569b0059d89","slug":"one-click-will-reveal-your-happiness-prosperity-and-misery-kannauj-news-c-214-1-knj1007-136574-2025-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: एक क्लिक से पता चलेगी सुख-समृद्धि और बदहाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: एक क्लिक से पता चलेगी सुख-समृद्धि और बदहाली
विज्ञापन
गुगरापुर,कन्नौज। गांव की समृद्धि से लेकर बदहाली तक की पूरी तस्वीर अब पंचायत एडवांस इंडेक्स (पीएआई) पर साफ नजर आएगी। विभिन्न विभागों से जुड़ा हुआ 116 बिंदुओं का डाटा इस पोर्टल पर अपलोड होगा। यही नहीं पुरस्कृत होने वाली पंचायतों की खुशहाली की कहानी भी यह पोर्टल एक क्लिक में बयां करेगा। इसको लेकर पंचायती राज विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी हैं।
जिले की 499 ग्राम पंचायतों में कितना विकास हुआ है, किन बिंदुओं पर गांवों में कमियां हैं, कितने लोग कर्जदार हैं। किस योजना के तहत लोग लाभांवित हुए हैं और कौन सी योजना के पात्र अभी भी वंचित हैं। इन तथ्यों के साथ-साथ कितने लोगों पर मुकदमे हैं, कितने अपराधी हैं। सामाजिक तानाबाना कितना मजबूत है समेत 116 बिंदुओं व 187 मानकों पर प्रत्येक पंचायत का डाटा पंचायत एडवांस इंडेक्स पर जुटाया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल पर यह डाटा आते ही किसी भी पंचायत की सुख-समृद्धि से लेकर तमाम बिंदु सामने आ जाएंगे।
गांव की प्रत्येक बिंदु पर स्थिति का आंकलन इस पोर्टल से लगाया जा सकेगा। इस पोर्टल से जुटे आंकड़ों से वो गांव भी साफ-साफ नजर आएंगे, जहां पर विकास कराने की अहम जरूरत है। इसके आधार पर अधिकारी अपनी प्राथमिकता भी तय कर सकेंगे। पीएआई पोर्टल पर यह जानकारी जुटाने के लिए पंचायत सचिवों की जिम्मेदारी मिली है। उनके इस काम में पंचायत सहायक व रोजगार सेवक मदद करेंगे। विभाग ने जिला स्तर पर कर्मियों को प्रशिक्षण दे दिया है। अब ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण देने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
डीपीआरओ राजेंद्र प्रकाश का कहना है कि पीएआई पोर्टल के जरिए ग्राम पंचायतों की स्थिति का विस्तृत आंकलन किया जा सकेगा और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेंगे। इस पोर्टल से ग्राम पंचायतों के विकास के लिए आवश्यक योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी और हम विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेंगे। (संवाद)
पोर्टल पर ऐसे पुख्ता बनेगा डाटा
पीएआई पोर्टल पर प्रत्येक गांव की जानकारी एकत्र की जाएगी। इस जानकारी की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को भेजी जाएगी, जहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही उसे मान्यता दी जाएगी।
सत्यापन के बाद पोर्टल पर आएगा डाटा
पीएआई पोर्टल पर प्रत्येक गांव की जानकारी जुटाई जाएगी। यह जानकारी कितनी सत्य है, इसके लिए पंचायत से जुटाया गया डाटा संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। जहां से सत्यापन के बाद ही उस जानकारी को ओके किया जाएगा।
16वें वित्त की राशि का होगा निर्धारण
पंचायतों के लिए 16वें वित्त की राशि का निर्धारण भी इसी इंडेक्स के माध्यम से किया जाएगा। पोर्टल पर यह जानकारी एकत्र करने के लिए पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है। उनके इस काम में पंचायत सहायक व रोजगार सेवक भी सहायता करेंगे।
विज्ञापन
जिले की 499 ग्राम पंचायतों में कितना विकास हुआ है, किन बिंदुओं पर गांवों में कमियां हैं, कितने लोग कर्जदार हैं। किस योजना के तहत लोग लाभांवित हुए हैं और कौन सी योजना के पात्र अभी भी वंचित हैं। इन तथ्यों के साथ-साथ कितने लोगों पर मुकदमे हैं, कितने अपराधी हैं। सामाजिक तानाबाना कितना मजबूत है समेत 116 बिंदुओं व 187 मानकों पर प्रत्येक पंचायत का डाटा पंचायत एडवांस इंडेक्स पर जुटाया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल पर यह डाटा आते ही किसी भी पंचायत की सुख-समृद्धि से लेकर तमाम बिंदु सामने आ जाएंगे।
विज्ञापन
गांव की प्रत्येक बिंदु पर स्थिति का आंकलन इस पोर्टल से लगाया जा सकेगा। इस पोर्टल से जुटे आंकड़ों से वो गांव भी साफ-साफ नजर आएंगे, जहां पर विकास कराने की अहम जरूरत है। इसके आधार पर अधिकारी अपनी प्राथमिकता भी तय कर सकेंगे। पीएआई पोर्टल पर यह जानकारी जुटाने के लिए पंचायत सचिवों की जिम्मेदारी मिली है। उनके इस काम में पंचायत सहायक व रोजगार सेवक मदद करेंगे। विभाग ने जिला स्तर पर कर्मियों को प्रशिक्षण दे दिया है। अब ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण देने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
डीपीआरओ राजेंद्र प्रकाश का कहना है कि पीएआई पोर्टल के जरिए ग्राम पंचायतों की स्थिति का विस्तृत आंकलन किया जा सकेगा और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेंगे। इस पोर्टल से ग्राम पंचायतों के विकास के लिए आवश्यक योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी और हम विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेंगे। (संवाद)
पोर्टल पर ऐसे पुख्ता बनेगा डाटा
पीएआई पोर्टल पर प्रत्येक गांव की जानकारी एकत्र की जाएगी। इस जानकारी की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को भेजी जाएगी, जहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही उसे मान्यता दी जाएगी।
सत्यापन के बाद पोर्टल पर आएगा डाटा
पीएआई पोर्टल पर प्रत्येक गांव की जानकारी जुटाई जाएगी। यह जानकारी कितनी सत्य है, इसके लिए पंचायत से जुटाया गया डाटा संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। जहां से सत्यापन के बाद ही उस जानकारी को ओके किया जाएगा।
16वें वित्त की राशि का होगा निर्धारण
पंचायतों के लिए 16वें वित्त की राशि का निर्धारण भी इसी इंडेक्स के माध्यम से किया जाएगा। पोर्टल पर यह जानकारी एकत्र करने के लिए पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है। उनके इस काम में पंचायत सहायक व रोजगार सेवक भी सहायता करेंगे।