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वृद्धा ने पुलिस को सुनाया दुखड़ा
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 20 Nov 2015 12:21 AM IST
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बिहार से ट्रेन पर बैठकर नासिक के लिए छह महीने पहले
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निकली महिला कन्नौज पहुंच गई। करीब एक महीने तक भटकने के बाद उसे एक अन्य
महिला का सहारा मिला। छह महीने से लगातार पीड़ित महिला उसके घर में शरण लिए
हुए है। गुरुवार को उसने महिला को पुलिस के सामने पेश किया।
बिहार के मुंगेर जिला के गांव घाटकेशमा निवासी अजोला देवी (72) पत्नी मसूदन शाह ने पुलिस को बताया कि छह महीने पहले वह बिहार से अपने बड़े पुत्र टीशन शाह से मिलने नासिक ट्रेन से जा रही थी। ट्रेन से उतर न पाने से वह कन्नौज पहुंच गई। यहां मकरंदनगर में उतरने के बाद करीब एक महीने तक भटकती रही।
ग्वाल मैदान निवासी रामवती पत्नी गिरजाशंकर ने उसे देखा। तेज बुखार होने से उन्हें अस्पताल से दवा दिलाई। ठीक होने के बाद घर ले आईं। अब वह अपने बच्चों के पास जाना चाहती है, पर रास्ता उसे याद नहीं है। दरोगा शेख अहमद ने बताया कि महिला का दुखड़ा सुना गया है। जल्द वृद्धा के परिजनों से संपर्क साध घर पहुंचाया जाएगा।
बिहार के मुंगेर जिला के गांव घाटकेशमा निवासी अजोला देवी (72) पत्नी मसूदन शाह ने पुलिस को बताया कि छह महीने पहले वह बिहार से अपने बड़े पुत्र टीशन शाह से मिलने नासिक ट्रेन से जा रही थी। ट्रेन से उतर न पाने से वह कन्नौज पहुंच गई। यहां मकरंदनगर में उतरने के बाद करीब एक महीने तक भटकती रही।
ग्वाल मैदान निवासी रामवती पत्नी गिरजाशंकर ने उसे देखा। तेज बुखार होने से उन्हें अस्पताल से दवा दिलाई। ठीक होने के बाद घर ले आईं। अब वह अपने बच्चों के पास जाना चाहती है, पर रास्ता उसे याद नहीं है। दरोगा शेख अहमद ने बताया कि महिला का दुखड़ा सुना गया है। जल्द वृद्धा के परिजनों से संपर्क साध घर पहुंचाया जाएगा।