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मालगाड़ी की चपेट में आने से नर्सिंग छात्रा की मौत
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पोस्टमार्टम हाउस में रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। शहर में कमरा लेकर नर्सिंग की पढ़ाई कर रही छात्रा मालगाड़ी की चपेट में आ गई। इससे उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। जीआरपी ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
सौरिख थाना इलाके के गांव नगला मदारी निवासी किसान राजीव कुमार की 22 वर्षीय बेटी सपना सरायमीरा में किराये का कमरा लेकर रह रही थीं। वह बाईपास पर स्थित एक नर्सिंग कालेज में नर्सिंग की छात्रा थीं। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे वह रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पार कर सहेलियों के साथ कालेज जा रही थीं। तभी कानपुर से फर्रुखाबाद की ओर जा रही मालगाड़ी की चपेट में आ गईं। इससे मौत हो गई। जीआरपी चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाबा सरमन सिंह ने बताया कि सपना चार बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़ी थी।
डॉक्टर बनने का संजोया था सपना
हादसे में जान गंवाने वाली सपना ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था। परिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने से कचाटीपुर इंदरगढ़ में रहने वाले मामा अजय कुमार ने आर्थिक सहायता देकर नर्सिंग कालेज में दाखिला कराया था। कन्नौज शहर के पैरामेडिकल कालेज में वह प्रथम वर्ष की छात्रा थीं। सरायमीरा में किराये के मकान में रह रहे मामा-मामी के पड़ोस में कमरा लेकर रहती थीं।
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सौरिख थाना इलाके के गांव नगला मदारी निवासी किसान राजीव कुमार की 22 वर्षीय बेटी सपना सरायमीरा में किराये का कमरा लेकर रह रही थीं। वह बाईपास पर स्थित एक नर्सिंग कालेज में नर्सिंग की छात्रा थीं। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे वह रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पार कर सहेलियों के साथ कालेज जा रही थीं। तभी कानपुर से फर्रुखाबाद की ओर जा रही मालगाड़ी की चपेट में आ गईं। इससे मौत हो गई। जीआरपी चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाबा सरमन सिंह ने बताया कि सपना चार बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़ी थी।
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डॉक्टर बनने का संजोया था सपना
हादसे में जान गंवाने वाली सपना ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था। परिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने से कचाटीपुर इंदरगढ़ में रहने वाले मामा अजय कुमार ने आर्थिक सहायता देकर नर्सिंग कालेज में दाखिला कराया था। कन्नौज शहर के पैरामेडिकल कालेज में वह प्रथम वर्ष की छात्रा थीं। सरायमीरा में किराये के मकान में रह रहे मामा-मामी के पड़ोस में कमरा लेकर रहती थीं।
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