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भुगतान न मिलने पर मनरेगा मजदूर भड़के
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Thu, 05 Feb 2015 12:15 AM IST
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ठठिया ग्रामसभा के दर्जनों जाबकार्ड धारकों ने कई माह से मजदूरी न मिलने पर कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। बाद में जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर जल्द भुगतान कराए जाने की गुहार लगाई।
मनरेगा मजदूर नरेंद्र सिंह का कहना था कि ग्रामसभा में मनरेगा योजना से काम तो कराया जा रहा है। लेकिन जाबकार्ड धारकों को मजदूरी का पैसा नहीं मिल रहा है। इससे मजदूरों के परिवारों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। मजदूरी का पैसा बकाया होने पर वे मजदूरी करने बाहर भी नहीं जा पा रहे हैं।
कई बार रोजगार सेवक से लेकर ग्रामप्रधान को अवगत कराया। लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे मजदूरों को ब्लाक व बैंक शाखा के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जाब कार्डधारक रामप्रकाश का कहना था कि गांव के करीब 70 जाबकार्ड धारकों का 13 नवंबर 2014 से 29 जनवरी 2015 के बीच मनरेगा के तहत किए गए काम की मजदूरी नहीं मिली है।
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जब ग्रामप्रधान से कहा जाता है तो बताते हैं कि करीब 3.5 लाख रूपए बकाया है। इसका भुगतान न होने से सभी मनरेगा मजदूरों के परिवार भुगमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। राजेंद्र का कहना था कि जाब कार्डधारकों की बकाया मजदूरी का जल्द भुगतान किया जाए। साथ ही मनरेगा योजना से जो भी काम कराए जाएं उनका भुगतान 15 दिन के अंदर सुनिश्चित किया जाए।
ताकि गांव के मजदूरोें को अन्य शहरों में मजदूरी के लिए न जाना पडे़। शिवपाल, मुरलीधर आदि का कहना था कि श्रमिकों के हितलाभ के लिए पंचायत सचिव द्वारा हाजिरी प्रमाणपत्र मुहैया कराया जाए। ताकि श्रम प्रवर्तन विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का मजदूर परिवार को लाभ मिल सके। इस मौके पर सोनू, परशुराम, सुग्रीव, रामसुमिरन, शीलू, रामगोपाल, विनोद, महेश सहित काफी जाब कार्डधारक मौजूद रहे।
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मनरेगा मजदूर नरेंद्र सिंह का कहना था कि ग्रामसभा में मनरेगा योजना से काम तो कराया जा रहा है। लेकिन जाबकार्ड धारकों को मजदूरी का पैसा नहीं मिल रहा है। इससे मजदूरों के परिवारों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। मजदूरी का पैसा बकाया होने पर वे मजदूरी करने बाहर भी नहीं जा पा रहे हैं।
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कई बार रोजगार सेवक से लेकर ग्रामप्रधान को अवगत कराया। लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे मजदूरों को ब्लाक व बैंक शाखा के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जाब कार्डधारक रामप्रकाश का कहना था कि गांव के करीब 70 जाबकार्ड धारकों का 13 नवंबर 2014 से 29 जनवरी 2015 के बीच मनरेगा के तहत किए गए काम की मजदूरी नहीं मिली है।
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जब ग्रामप्रधान से कहा जाता है तो बताते हैं कि करीब 3.5 लाख रूपए बकाया है। इसका भुगतान न होने से सभी मनरेगा मजदूरों के परिवार भुगमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। राजेंद्र का कहना था कि जाब कार्डधारकों की बकाया मजदूरी का जल्द भुगतान किया जाए। साथ ही मनरेगा योजना से जो भी काम कराए जाएं उनका भुगतान 15 दिन के अंदर सुनिश्चित किया जाए।
ताकि गांव के मजदूरोें को अन्य शहरों में मजदूरी के लिए न जाना पडे़। शिवपाल, मुरलीधर आदि का कहना था कि श्रमिकों के हितलाभ के लिए पंचायत सचिव द्वारा हाजिरी प्रमाणपत्र मुहैया कराया जाए। ताकि श्रम प्रवर्तन विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का मजदूर परिवार को लाभ मिल सके। इस मौके पर सोनू, परशुराम, सुग्रीव, रामसुमिरन, शीलू, रामगोपाल, विनोद, महेश सहित काफी जाब कार्डधारक मौजूद रहे।