तिर्वा (कन्नौज)। मम्मी...अयोध्या जा रहीं हूं, आपके लिए बढि़या से रामलला की फोटो लाऊंगीं। रचना ने आखिरी बार अपनी मां से वीडियो कॉल कर काफी देर बात की और अयोध्या टूर के बारे में बताया था। मां उसकी बातों को याद कर बार-बार रो रही थी। दिवाली पर वह लखनऊ से घर आई ही। भाई दूज पर दोनों छोटे भाइयों को तिलक कर गिफ्ट दिया था और खूब मन लगाकर एमबीबीएस की पढ़ाई करने की नसीहत दी थी।
क्षेत्र के ग्राम मिरुअन मढ़़हा निवासी धरमवीर के पांच बच्चों में रचना सबसे छोटी बेटी थी। बड़ी बेटी दुर्गारानी की शादी कर चुके हैं तो दूसरे नंबर की अर्चना के लिए वह लड़का देख रहे हैं। रचना लखनऊ के नवाबगंज स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स है। उसके दोनों छोटे भाई रत्नेश व विवेक पढ़ाई कर रहे हैं। पिता धरमवीर ने फोन पर बताया कि रचना प्रतिदिन शाम को ड्यूटी खत्म हाेते ही मां आशा देवी व दोनों भाइयाें से वीडियो कॉल करती थी। अयोध्या जाने से पहले मां ने भी उसे कई प्रकार की नसीहत दी थी। उन्होंने बताया कि मेदांता हास्पिटल में कार्यरत उसकी सहेली स्नेहा ने अयोध्या टूर की योजना बनाई थी। वहीं, लोहामढ़ गांव निवासी उपासना सिंह के चाचा सर्वेश कुमार ने बताया कि वह इस समय सदमे में हैं, इसलिए ज्यादा बात नहीं कर सकते हैं। गांव में भी लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। घटना की सूचना मिलते ही दोनों के परिजन अयोध्या के लिए रवाना हो गए हैं। उनके घर ग्रामीणों व रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा है। शनिवार को दोनों के शव गांव लाए जाएंगे, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।