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लाखों रुपये का माडल तालाब सूखा
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज
Updated Tue, 10 May 2016 12:45 AM IST
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ग्राम चचियापुर में सूखा पड़ा माडल तालाब।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विकास खंड तालग्राम के लोहिया ग्राम चचियापुर में लाखों रुपये खर्च कर खुदवाया गया माडल तालाब सूखा पड़ा है। प्रशासन की ओर से दिए गए आदेशों को भी ग्राम प्रधान ने तवज्जो नहीं दी। तालाब में पानी नहीं होने से पशु-पक्षियों के सामने पेयजल संकट पैदा हो गया। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर लापरवाही का आरोप लगाकर डीएम से कारणों की जांच कराने की गुहार लगाई। गांव निवासी महाराम, जगदीश, भैयालाल का कहना है कि 2013-14 में मनरेगा से गांव का तालाब बनवाया गया था।
निर्माण में तीन लाख अस्सी हजार रुपये खर्च हुए थे। इसके बावजूद आज तक तालाब में पानी नहीं भरा गया, जबकि सचिव व प्रधान ने पानी भरवाना कागजों में दिखाकर हजारों रुपये हड़प लिए। उधर, जिलाधिकारी ने तालाब भरवाए जाने के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद अनसुना कर दिया गया। ग्रामीण सत्यराम वर्मा का कहना है कि माडल तालाब में सिर्फ सरकारी धन का बंदरबांट नहीं हुआ है, बल्कि कटीले तार घटिया किस्म के लगवाए गए।
इसके अलावा बैठने के लिए पटियों का निर्माण नहीं कराया गया। इस कारण माडल तालाब में सूखी झाड़ियां खड़ी हैं। ग्रामीण अनिल वर्मा का कहना है कि तालाब में पानी न होने के कारण मवेशियों को हैंडपंप से पानी पिलाना पड़ रहा है। हैंडपंप भी पानी छोड़ रहे हैं। इससे जानवरों के सामने भीषण गरमी में पेयजल से जूझना पड़ रहा है। पड़ोस से निकली ईशन नदी में भी इन दिनों पानी नहीं है। ग्रामीणों ने जांच कर तालाब में पानी भरवाए जाने की मांग की है। ग्राम प्रधान गुरु प्रसाद वर्मा का कहना है कि तालाब में पानी रुकता ही नहीं है। इस कारण भरवाने से क्या फायदा है।
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निर्माण में तीन लाख अस्सी हजार रुपये खर्च हुए थे। इसके बावजूद आज तक तालाब में पानी नहीं भरा गया, जबकि सचिव व प्रधान ने पानी भरवाना कागजों में दिखाकर हजारों रुपये हड़प लिए। उधर, जिलाधिकारी ने तालाब भरवाए जाने के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद अनसुना कर दिया गया। ग्रामीण सत्यराम वर्मा का कहना है कि माडल तालाब में सिर्फ सरकारी धन का बंदरबांट नहीं हुआ है, बल्कि कटीले तार घटिया किस्म के लगवाए गए।
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इसके अलावा बैठने के लिए पटियों का निर्माण नहीं कराया गया। इस कारण माडल तालाब में सूखी झाड़ियां खड़ी हैं। ग्रामीण अनिल वर्मा का कहना है कि तालाब में पानी न होने के कारण मवेशियों को हैंडपंप से पानी पिलाना पड़ रहा है। हैंडपंप भी पानी छोड़ रहे हैं। इससे जानवरों के सामने भीषण गरमी में पेयजल से जूझना पड़ रहा है। पड़ोस से निकली ईशन नदी में भी इन दिनों पानी नहीं है। ग्रामीणों ने जांच कर तालाब में पानी भरवाए जाने की मांग की है। ग्राम प्रधान गुरु प्रसाद वर्मा का कहना है कि तालाब में पानी रुकता ही नहीं है। इस कारण भरवाने से क्या फायदा है।
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