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मनरेगा दलिएगी छुट्टा पशुओं से निजात, मिलेगा आश्रय

Sat, 09 Apr 2022 11:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2022 11:58 PM IST
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MNREGA will get rid of abandoned animals, will get shelter
कन्नौज। सड़कों पर घूम रहे छुट्टा मवेशियों से लोगों को निजात दिलाने के लिए सरकार ने नई योजना शुरू की है। इसका नाम है मनरेगा पशु शेड योजना-2022 है। इसके तहत पशुपालन के लिए टिनशेड बनाए जाएंगे। टिनशेड का खर्च सरकार देगी और जमीन किसान की होगी। इसके लिए 2.16 लाख रुपये तक की मदद मिलेगी। खास बात यह है कि छुट्टा मवेशी पालने वाले किसान को 30 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु के हिसाब से धनराशि भी दी जाएगी।
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विधानसभा चुनाव के दौरान अन्ना मवेशियों का मामला जोरशोर से उठा था। इसके निदान के लिए भाजपा समेत कई पार्टियों ने वादा भी किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी रैलियों में इनसे निजात का आश्वासन दिया था।
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अन्ना मवेशियों से निजात दिलाने के लिए सरकार मनरेगा से अब गाय, भैंस, बकरी व मुर्गी पालन शुुुरू कराने जा रही है। इसके लिए पशुपालन विभाग दो पशु पालने वाले पालक को शेड बनाने के लिए 75 हजार, चार पशु पालने वाले को एक लाख 16 हजार की धनराशि विभाग उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा छह पशुओं को पालने पर एक लाख 75 हजार रुपये शेड बनाने के लिए मिलेंगे।
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मनरेगा की देखरेख में बनेगा शेड
योजना का लाभ देने के लिए गांव में पशुपालक का सर्वे कराया जाएगा। मनरेगा की देखरेख में शेड का निर्माण कराकर पशुपालकों को हस्तांतरित किया जाएगा। शेड निर्माण का प्राक्लन तैयार कर तकनीकी व प्रशासकीय स्वीकृति के बाद ऑनलाइन फॉर्म जमा करना होगा। इसके बाद सहायक ग्राम पंचायत से स्वीकृति मिलने के बाद ही शेड का निर्माण कराया जाएगा।
योजना का ये है मकसद
सरकार का इस योजना के पीछे कई मकसद। योजना के तहत पशुपालन करने वाले को जहां रोजगार मिलेगा, वहीं छुट्टा मवेशियों से लोगों को निजात भी मिलेगी। इसके अलावा मवेशियों को भूख-प्यास से तड़पना भी नहीं पड़ेगा। छुट्टा मवेशी कम होने से किसानों को अपनी फसल की रखवाली भी नहीं करनी पड़ेगी। पशुपालन से गांव में ही युवाओं को रोजगार भी मिल सकेगा। इससे उनको रोजगार के लिए महानगरों में भी नहीं जाना पड़ेगा।

दो मवेशी पालना जरूरी
मनरेगा डीसी, दयाराम यादव का कहना है कि इस योजना के लिए पशुपालकों के पास कम से कम दो मवेशी का होना जरूरी है। कई ब्लाकों में लोगों ने अपनी निजी भूमि पर शेड बनवा लिया है। इसमें दो पशु व चार पशु शेड, नाद, फर्श व यूरिनल ट्रैक का निर्माण होता है।
इनको मिलेगा लाभ
-बीपीएल कार्डधारक
-इंदिरा आवास योजना के लाभार्थी
-अनुसूचित जाति के लोग
-जनजाति के साथ लघु सीमांत
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