{"_id":"6425d1c2ff459862900ac68d","slug":"mnrega-wages-increased-by-rs-17-kannauj-news-c-12-1-153297-2023-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: 17 रुपये बढ़ाई गई मनरेगा मजदूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: 17 रुपये बढ़ाई गई मनरेगा मजदूरी
Thu, 30 Mar 2023 11:45 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Thu, 30 Mar 2023 11:45 PM IST
विज्ञापन
कन्नौज। अब तक कई बार एक से पांच रुपये तक ही मनरेगा मजदूरी बढ़ाई जाती थी पर कई सालों बाद 17 रुपये की बढ़ोतरी सरकार ने की है। प्रति दिन कार्य दिवस का श्रमिकों को 217 की बजाय अब 230 रुपये मिला करेंगे। साथ ही मानव दिवस भी बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
डीसी मनरेगा दयाराम यादव ने बताया कि पहली अप्रैल से मनरेगा श्रमिकों को मजदूरी बढ़कर मिलने लगेगी, इसका आदेश भी आ गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मनरेगा की एक समान दर लागू हुई है। कन्नौज समेत अन्य जिलों में 230 रुपये ही प्रति दिन कार्य के हिसाब से श्रमिकों को मिलेंगे। डीसी मनरेगा ने बताया कि अब तो मनरेगा में कामों की संख्या बढ़ गई है। कई विभाग मनरेगा से ही अपने-अपने कार्य करा रहे हैं, जिससे अधिक लोगों को काम मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 में 23.16 लाख मानव दिवस का लक्ष्य था, जो वर्ष 2023-24 के लिए बढ़ाकर 27.45 लाख मानव दिवस कर दिया गया है। भारत सरकार से स्वीकृति आने वाली है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
रजिस्टर्ड की तुलना में आधे ही सक्रिय
बताया जा रहा है कि जनपद में 2.35 लाख श्रमिक हैं, जिसमें 1.25 लाख मजदूर ही सक्रिय हैं। डीसी मनरेगा के मुताबिक तीन सालों के अंदर जो श्रमिक काम करता है, वह सक्रिय माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीसी मनरेगा दयाराम यादव ने बताया कि पहली अप्रैल से मनरेगा श्रमिकों को मजदूरी बढ़कर मिलने लगेगी, इसका आदेश भी आ गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मनरेगा की एक समान दर लागू हुई है। कन्नौज समेत अन्य जिलों में 230 रुपये ही प्रति दिन कार्य के हिसाब से श्रमिकों को मिलेंगे। डीसी मनरेगा ने बताया कि अब तो मनरेगा में कामों की संख्या बढ़ गई है। कई विभाग मनरेगा से ही अपने-अपने कार्य करा रहे हैं, जिससे अधिक लोगों को काम मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 में 23.16 लाख मानव दिवस का लक्ष्य था, जो वर्ष 2023-24 के लिए बढ़ाकर 27.45 लाख मानव दिवस कर दिया गया है। भारत सरकार से स्वीकृति आने वाली है।
विज्ञापन
रजिस्टर्ड की तुलना में आधे ही सक्रिय
बताया जा रहा है कि जनपद में 2.35 लाख श्रमिक हैं, जिसमें 1.25 लाख मजदूर ही सक्रिय हैं। डीसी मनरेगा के मुताबिक तीन सालों के अंदर जो श्रमिक काम करता है, वह सक्रिय माना जाता है।
विज्ञापन