Kannauj: पेश की मिसाल! बिना दहेज लिए की शादी, मंदिर में दूल्हा-दुल्हन ने लिए फेरे, बोले- ये एक सामाजिक बुराई
छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र में एक विवाह समारोह में वर पक्ष ने बिना दहेज के शादी कर अनूठी मिसाल पेश की है। शक्तिपीठ गमा देवी मंदिर में बिना बैंड-बाजे और दहेज की हुई शादी की हर ओर चर्चा हो रही है।
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कन्नौज जिले के छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र में दहेज प्रथा समाज में कलंक है। इसकी जद में आकर कई परिवार उजड़ गए। युवाओं की सोच के आगे अब इस प्रथा का अंत होने लगा। गमा देवी मंदिर से सुंदर तस्वीर सामने आई। यहां दूल्हे ने बिना तामझाम के शादी की और दहेज भी नहीं लिया।
इस शादी ने क्षेत्र के लोगों का दिल जीत लिया और खूब चर्चा भी हो रही। नगर के मोहल्ला बिरतिया निवासी सिद्धांत (29) और पलिया बूंचपुर निवासी हेमा ने कम खर्च में बिना दहेज के शादी करने का फैसला लिया। दोनों की इच्छा पर परिजनों ने सहमति जताई।
सोमवार को परिजनों के साथ नगर के मोहल्ला गनेश चौधरी स्थित शक्ति पीठ गमा देवी मंदिर पहुंचे। यहां अग्नि व आदि शक्ति मां भगवती का साक्षी मानकर दोनों ने सात फेरे लिए। शादी में बैंड और बाजे से लेकर किसी तरह का फिजूल खर्च नहीं हुआ। सादगी के साथ दहेज रहित शादी हुई।
पंडित बनारसी दास ने हिंदू रीति रिवाज से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विवाह संपन्न कराया। हेमा ने बताया कि दहेज लेना और देना दोनों पाप है। युवाओं को बगैर दहेज शादी करने के लिए आगे आना चाहिए। इससे इस कुप्रथा का अंत संभव है।
परिजनों ने भी नवदंपती को सुखी जीवन व्यतीत करने का आशीर्वाद दिया। मंदिर में संपन्न हुआ दहेज रहित विवाह आसपास के लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। लोग दोनों को शुभकामनाएं देते हुए उनके निर्णय की दिल से तारीफ कर रहे हैं।