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महिला पुलिस से राज नहीं पता कर सकी टीम, भेजा जेल
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कन्नौज/सौरिख। चार साल के आयुष को अपहृत करने का मकसद पुलिस की टीम इटावा की महिला सिपाही से पता नहीं कर सकी। रात और सुबह हुई पूछताछ में वह टीम को बहकाती रही। आरोपी महिला सिपाही ने कानूनी नियम जानने के बाद भी ऐसा किया, इस वजह से कई बातें अभी भी राज ही हैं। फिलहाल पुलिस ने महिला सिपाही को जेल भेज दिया।
महिला सिपाही मीरा देवी वर्तमान में इटावा जिले के बकेवर थाने में तैनात थीं। बुधवार को वह सौरिख में तामीला कराने आई थीं। बुधवार देर शाम सौरिख थानाक्षेत्र के आंबेडकर नगर निवासी शानू का चार वर्षीय बेटा आयुष अली अपहृत हुआ था। सीसीटीवी फुटेज में तस्वीर न आती तो पता लग पाना भी मुश्किल था। सीसीटीवी फुटेज व आयुष को महिला सिपाही के साथ बाइक पर बैठाने वाले शख्स सुरेंद्र से छानबीन में पुलिस को मदद मिली। चौबीस घंटे के अंदर थाना प्रभारी विजय बहादुर वर्मा व उनकी टीम ने आयुष को कानपुर नगर के बर्रा गुंजन विहार से तलाश किया। आयुष को आरोपी महिला सिपाही मीरा देवी अपने आवास पर ले गई थीं। सौरिख से किसी बच्चे को जबरदस्ती कानपुर ले जाना पूछताछ कर रही पुलिस टीम को भी नहीं समझ आ रहा। वहीं इलाकाई लोगों का आरोप है कि ठीकरा महिला सिपाही पर फूट जाने की वजह से कहीं पुलिस आरोपियों को बचा तो नहीं रही है। महिला सिपाही का संबंध किसी गैंग से तो नहीं।
आयुष के पिता ने वुधवार को अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। रात में महिला सिपाही मीरा देवी को शहर में नारी निकेतन में रखा गया। इसके बाद सौरिख थाने लाकर पूछताछ की गई। अंत में शुक्रवार को मीरा देवी को आयुष के अपहरण के आरोप में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने महिला सिपाही को जेल भेजकर अपनी कार्रवाई पूरी कर ली लेकिन अभी भी यह राज ही रह गया कि आयुष का अपहरण करने के पीछे मंशा क्या थी। महिला सिपाही का किसी गैंग से संबंध है या नहीं। सीओ शिव कुमार थापा का कहना है कि पुलिस हर बिंदु पर छानबीन कर रही है। जरूरी हुआ तो रिमांड पर लेकर भी पूछताछ की जा सकती है। सीसीटीवी में हेलमेट लगाए बाइक चलाने वाला शख्स राहगीर था, उससे महिला सिपाही ने लिफ्ट ली थी।
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महिला सिपाही मीरा देवी वर्तमान में इटावा जिले के बकेवर थाने में तैनात थीं। बुधवार को वह सौरिख में तामीला कराने आई थीं। बुधवार देर शाम सौरिख थानाक्षेत्र के आंबेडकर नगर निवासी शानू का चार वर्षीय बेटा आयुष अली अपहृत हुआ था। सीसीटीवी फुटेज में तस्वीर न आती तो पता लग पाना भी मुश्किल था। सीसीटीवी फुटेज व आयुष को महिला सिपाही के साथ बाइक पर बैठाने वाले शख्स सुरेंद्र से छानबीन में पुलिस को मदद मिली। चौबीस घंटे के अंदर थाना प्रभारी विजय बहादुर वर्मा व उनकी टीम ने आयुष को कानपुर नगर के बर्रा गुंजन विहार से तलाश किया। आयुष को आरोपी महिला सिपाही मीरा देवी अपने आवास पर ले गई थीं। सौरिख से किसी बच्चे को जबरदस्ती कानपुर ले जाना पूछताछ कर रही पुलिस टीम को भी नहीं समझ आ रहा। वहीं इलाकाई लोगों का आरोप है कि ठीकरा महिला सिपाही पर फूट जाने की वजह से कहीं पुलिस आरोपियों को बचा तो नहीं रही है। महिला सिपाही का संबंध किसी गैंग से तो नहीं।
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आयुष के पिता ने वुधवार को अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। रात में महिला सिपाही मीरा देवी को शहर में नारी निकेतन में रखा गया। इसके बाद सौरिख थाने लाकर पूछताछ की गई। अंत में शुक्रवार को मीरा देवी को आयुष के अपहरण के आरोप में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने महिला सिपाही को जेल भेजकर अपनी कार्रवाई पूरी कर ली लेकिन अभी भी यह राज ही रह गया कि आयुष का अपहरण करने के पीछे मंशा क्या थी। महिला सिपाही का किसी गैंग से संबंध है या नहीं। सीओ शिव कुमार थापा का कहना है कि पुलिस हर बिंदु पर छानबीन कर रही है। जरूरी हुआ तो रिमांड पर लेकर भी पूछताछ की जा सकती है। सीसीटीवी में हेलमेट लगाए बाइक चलाने वाला शख्स राहगीर था, उससे महिला सिपाही ने लिफ्ट ली थी।
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