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‘कथा सुनना भी प्रभु भक्ति समान’
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 20 Nov 2015 12:10 AM IST
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पर चल रही भागवत कथा के सातवें दिन कृष्ण विवाह, सुदामा कृष्ण मित्रता,
गोवर्धन पूजा आदि की कथाओं का वर्णन किया। आचार्य दिनेश चंद्र वाजपेयी ने
मार्मिक अंदाज में कथा सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
आचार्य ने जरासंध के उद्धार की कथा का भी विस्तारपूर्वक वर्णन किया। बताया कि भगवान कृष्ण के बाल सखा सुदामा ब्रह्मरूपी धन चाहते थे। सुदामा ही नहीं बल्कि पूरा संसार ब्रह्मरूपी धन का भिखारी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन पुण्य कार्य है। कथा सुनना भी भगवान की भक्ति करने के समान है।
धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता से मन में अच्छे विचारों का जन्म होता है। इस मौके पर परीक्षित हरिनाथ सिंह, जनार्दन शुक्ला, संजय कुमार, श्रीकृष्ण, आशीष, किशन लाल, योगेंद्र भदौरिया, राजेंद्र आदि मौजूद थे।
आचार्य ने जरासंध के उद्धार की कथा का भी विस्तारपूर्वक वर्णन किया। बताया कि भगवान कृष्ण के बाल सखा सुदामा ब्रह्मरूपी धन चाहते थे। सुदामा ही नहीं बल्कि पूरा संसार ब्रह्मरूपी धन का भिखारी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन पुण्य कार्य है। कथा सुनना भी भगवान की भक्ति करने के समान है।
धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता से मन में अच्छे विचारों का जन्म होता है। इस मौके पर परीक्षित हरिनाथ सिंह, जनार्दन शुक्ला, संजय कुमार, श्रीकृष्ण, आशीष, किशन लाल, योगेंद्र भदौरिया, राजेंद्र आदि मौजूद थे।