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सुदामा चरित्र सुन श्रोता भाव-विभोर
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Mon, 30 Mar 2015 11:59 PM IST
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सिद्धपीठ मां गोवर्धनी देवी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य राजू चतुर्वेदी बम-बम द्वारा सुदामा चरित्र को सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो गए। महिलाओं ने श्रीमद्भागवत कथा में चावल एवं फल आदि का चढ़ावा चढ़ाया। सिद्धपीठ मां गोवर्धनी देवी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन चल रहा है।
सोमवार को सुदामा चरित्र का अध्याय सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे। आचार्य ने प्रसंग में कहा कि जिस समय भगवान कृष्ण के मित्र सुदामा गरीबी के कारण परेशान हो गए थे। आखिरकार सुदामा अपनी पत्नी की सलाह पर अपने मित्र भगवान कृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका धाम गए। उनकी दशा को देखकर आचार्य ने कहा कि देख सुदामा की दीन दशा करके करुणा करुणिनिधि रोए के मार्मिक गीत को सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे।
भगवान कृष्ण ने अपने मित्र सुदामा को गले लगाकर उनकी दीन दशा पर रोने लगे। उन्होंने अपने ब्राहम्मण मित्र को सिंहासन पर बैठाकर उनके चरणों को धोकर प्रसाद के रूप में पान किया। इस मौके पर कथा सुनने के लिए अनूप सिंह, बंटी सैनी, महेश चंद्र चतुर्वेदी, कैलाश चतुर्वेदी, हरिओम समेत सैकड़ों महिलाएं मौजूद रही।
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सोमवार को सुदामा चरित्र का अध्याय सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे। आचार्य ने प्रसंग में कहा कि जिस समय भगवान कृष्ण के मित्र सुदामा गरीबी के कारण परेशान हो गए थे। आखिरकार सुदामा अपनी पत्नी की सलाह पर अपने मित्र भगवान कृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका धाम गए। उनकी दशा को देखकर आचार्य ने कहा कि देख सुदामा की दीन दशा करके करुणा करुणिनिधि रोए के मार्मिक गीत को सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे।
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भगवान कृष्ण ने अपने मित्र सुदामा को गले लगाकर उनकी दीन दशा पर रोने लगे। उन्होंने अपने ब्राहम्मण मित्र को सिंहासन पर बैठाकर उनके चरणों को धोकर प्रसाद के रूप में पान किया। इस मौके पर कथा सुनने के लिए अनूप सिंह, बंटी सैनी, महेश चंद्र चतुर्वेदी, कैलाश चतुर्वेदी, हरिओम समेत सैकड़ों महिलाएं मौजूद रही।
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