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Kannauj News: 31 साल पहले हुई हत्या में चार को आजीवन कारावास

Tue, 27 Jun 2023 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज Updated Tue, 27 Jun 2023 11:44 PM IST
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Life imprisonment for four in the murder that happened 31 years ago
कन्नौज। अब से 31 साल पहले 15 जनवरी 1992 को जीप मालिक और ड्राइवर की हत्या के चार आरोपियों के अदालत ने दोषी करार दिया है। अदालत ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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हत्या की घटना कानपुर के गोविंदनगर में मिल्क रोड पर हुई थी। शासकीय अधिवक्ता सुधीर पांडेय ने बताया कि गुरसहायगंज कोतवाली के गांव पनगवां निवासी मुन्नू लाल ने 20 जनवरी 1992 को भाई रनवीर और जीप चालक लाडपुर निवासी सुनील पाल के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुन्नू लाल ने पुलिस को बताया था कि भाई रनवीर फतेहगढ़ से गुरसहायगंज के बीच जीप चलाता है। 15 जनवरी 1992 से भाई और जीप का चालक दोनों लापता हैं। इसके बाद कानपुर के गोविंदनगर मिल्क रोड पर पुलिस ने लावारिस हालत में जीप बरामद की थी। पास में ही रनवीर और चालक सुनील कुमार के शव मिले थे।
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मुन्नू लला ने इस वारदात के लिए पनगवां निवासी चंद्रमोहन द्विवेदी, हरिहरपुर-विशुनगढ़ निवासी बृजनंदन त्रिवेदी, अरुण कुमार, लखइयामऊ निवासी रामबाबू अग्निहोत्री और औरैया के बेला थाना के तिरोगा गांव निवासी रामचंद्र पर रनवीर और चालक सुनील पाल का अपहरण कर हत्या का आरोप लगाया था। मुन्नू लाल के मुताबिक यह पांचों आरोपी जीप को किराया पर लेकर कानपुर ले गए थे। रात होने पर पांचों ने भाई रनवीर और ड्राइवर सुनील पाल की हत्या कर शव फेंक दिया था। इसी मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को न्यायालय विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) एससी-एसटी जज नंदकुमार ने पांच आरोपी में से चंद्रमोहन, बृजनंदन, अरुण तिवारी और रामचंद्र को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पांच नामजद अभियुक्त में से एक रामबाबू की मौत हो चुकी है। इसलिए कोर्ट ने चार अभियुक्तों को ही सजा सुनाई। सभी अभियुक्तों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। सभी से 25-25 हजार रुपये प्रतिकर के रुप में वसूलने और 50-50 हजार रुपये जीप मालिक और चालक के आश्रितों को देने का आदेश दिया गया। जुर्माना अदा न करने पर जेल में एक-एक साल की अतिरिक्त सजा होगी।
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