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लेखपालों पर बड़ी कार्रवाई: 22 निलंबित, 209 का वेतन रोका
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कन्नौज। धारा 144 लागू होने के बाद भी कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करने वाले लेखपालों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तीनों तहसीलों के लेखपाल संघ अध्यक्ष समेत 22 को निलंबित कर दिया गया है। 209 का एक दिन का वेतन रोककर ब्रेक इन सर्विस का नोटिस जारी किया गया। इस कार्रवाई से लेखपालों में हड़कंप मचा है।
एसडीएम सदर सदर शैलेष कुमार ने बताया कि लेखपाल कई दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे थे। मंगलवार को इन्हें समझाने का भरसक प्रयास किया गया। इसके बावजूद वह नहीं माने। जांच में लेखपाल संघ के कन्नौज ब्लाक अध्यक्ष सुखवंत यादव, महामंत्री विमल कुमार, राहुल गौतम, आकांक्षा कटियार, कन्हैयालाल, विजयपाल को अन्य लेखपालों को भड़काने का दोषी पाया गया। इन सभी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। 55 लेखपालों को चिह्नित कर एक दिन का वेतन काटा गया है। इन सभी लेखपालों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस दिया गया।
छिबरामऊ एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि 13 दिसंबर को राज्यपाल ने अधिसूचना जारी कर लेखपालों की हड़ताल को अवैध घोषित किया था। इसके बाद भी लेखपाल काम पर नहीं लौटे संपूर्ण समाधान दिवस पर भी उपस्थित नहीं हुए। नो वर्क, नो पे के सिद्धांत पर 88 लेखपालों का वेतन काटते हुए ब्रेक इन सर्विस के नोटिस दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि लेखपाल संघ के अध्यक्ष सर्वेश यादव, सुरेंद्र पाल, नितिन कुमार यादव, माधवेंद्र पाल, विक्रम सिंह, अनीस खां इदरीशी, रश्मि शाक्य, अखिलेश मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा सभी 88 लेखपालों का वेतन काटा गया है।
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तिर्वा एसडीएम जयकरन ने बताया कि तिर्वा तहसील के लेखपाल संघ अध्यक्ष बृजनंदन सिंह यादव, महामंत्री भूपेंद्र सिंह, शोभरनलाल, पुष्पकांत, विवेक पाल, अवध बहादुर, सौरभ यादव, राजेश पटेल को निलंबित किया गया है। 66 को ब्रेक इन सर्विस के नोटिस जारी कर एक दिन का वेतन काटा गया है। एसडीएम ने कहा कि अगर लेखपाल काम पर नहीं लौटते हैं तो उनकी सर्विस को ब्रेक कर दिया जाएगा।
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एसडीएम सदर सदर शैलेष कुमार ने बताया कि लेखपाल कई दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे थे। मंगलवार को इन्हें समझाने का भरसक प्रयास किया गया। इसके बावजूद वह नहीं माने। जांच में लेखपाल संघ के कन्नौज ब्लाक अध्यक्ष सुखवंत यादव, महामंत्री विमल कुमार, राहुल गौतम, आकांक्षा कटियार, कन्हैयालाल, विजयपाल को अन्य लेखपालों को भड़काने का दोषी पाया गया। इन सभी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। 55 लेखपालों को चिह्नित कर एक दिन का वेतन काटा गया है। इन सभी लेखपालों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस दिया गया।
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छिबरामऊ एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि 13 दिसंबर को राज्यपाल ने अधिसूचना जारी कर लेखपालों की हड़ताल को अवैध घोषित किया था। इसके बाद भी लेखपाल काम पर नहीं लौटे संपूर्ण समाधान दिवस पर भी उपस्थित नहीं हुए। नो वर्क, नो पे के सिद्धांत पर 88 लेखपालों का वेतन काटते हुए ब्रेक इन सर्विस के नोटिस दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि लेखपाल संघ के अध्यक्ष सर्वेश यादव, सुरेंद्र पाल, नितिन कुमार यादव, माधवेंद्र पाल, विक्रम सिंह, अनीस खां इदरीशी, रश्मि शाक्य, अखिलेश मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा सभी 88 लेखपालों का वेतन काटा गया है।
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तिर्वा एसडीएम जयकरन ने बताया कि तिर्वा तहसील के लेखपाल संघ अध्यक्ष बृजनंदन सिंह यादव, महामंत्री भूपेंद्र सिंह, शोभरनलाल, पुष्पकांत, विवेक पाल, अवध बहादुर, सौरभ यादव, राजेश पटेल को निलंबित किया गया है। 66 को ब्रेक इन सर्विस के नोटिस जारी कर एक दिन का वेतन काटा गया है। एसडीएम ने कहा कि अगर लेखपाल काम पर नहीं लौटते हैं तो उनकी सर्विस को ब्रेक कर दिया जाएगा।