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खुशखबरी: पहली बार जून माह में खाने को मिलेगी गोभी

Tue, 27 Apr 2021 11:07 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 27 Apr 2021 11:07 PM IST
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khushakhabaree: pahalee baar joon maah mein khaane ko milegee gobhee
कन्नौज। उमर्दा के हरौलपुर्वा गांव में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजीटेबल (सब्जी उत्कृष्टता केंद्र)में इस्राइल की तकनीक पर पहली बार 28-30 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान पर अप्रैल माह में गोभी की पौध तैयार हुई है। अब यह 40 से 42 डिग्री तापमान पर खेतों में लगाई जाएगी। इससे जून माह में लोगों को गोभी खाने को मिल सकेगी। जिले के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी। इससे पहले आमतौर पर जुलाई माह में लगाई जाने वाली गोभी अगस्त व सितंबर माह में बाजार में पहुंचती है।
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सेंटर में हाईटेक तकनीक के जरिए गोभी की 30 हजार पौध तैयार की गई है। पौधों को क्रेट में तैयार किया गया है। एक क्रेट में करीब 99 पौधे आते हैं। 66 क्रेट लगाई गई हैं। इन पौधों को तैयार करने के लिए तीन हिस्सा कोकोपिट, एक हिस्सा वर्मी कंपोस्ट, एक हिस्सा परलाइट का मिश्रण बनाकर क्रेट के खानों में डाला गया। क्रेटों को 48 घंटे के लिए 28 से 30 डिग्री तापमान पर रखा गया। इसके बाद इन क्रेटों को हाईटेक पौधशाला में 25 से 28 दिन के लिए रखा जा रहा है। क्रेटों की जमीन से ऊंचाई करीब चार फीट होती है। इन पौधों की देखभाल की बहुत जरूरत होती है। पौधे को हर तीसरे दिन एक प्रतिशत एनपीके खाद दी जाती है। इससे वृद्धि लगातार होती रहती है।
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सौरिख में तीन एकड़ खेत में लगाई जाएगी पौध
40 से 42 डिग्री तापमान में गोभी पैदा करने की तकनीक को जिले में पहली बार अपनाया जा रहा है। केंद्र में तीस हजार पौध तैयार की गई है। सौरिख निवासी संजय सिंह तीन एकड़ खेत में गोभी लगाएंगे। पौध व फसल पर करीब 60 हजार रुपये का खर्चा आएगा। अच्छी आमदनी होगी। जून माह में किसान को 30 से 40 रुपये फूल के हिसाब से दाम मिलेंगे।
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जिले में दोमट मिट्टी होने से फसल की पैदावार अच्छी होती है। पहले सब्जी उत्कृष्टता केंद्र नहीं होने से लोगों का सब्जी के प्रति रुझान काफी कम था। इसकी वजह समय पर सब्जियों की पौध नहीं मिल पाती थी। अधिक तापमान पर पौध तैयार नहीं हो पाती। अब यह समस्या खत्म हो गई है। गोभी का फूल सफेद निकलेगा।
डीएस यादव, प्रभारी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजीटेबल
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