{"_id":"5f2845708ebc3e9fbd7f74ea","slug":"kannauj-kannauj-news-knp5748745103","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में पीपल के पत्ते पर उकेरी राजनेताओं की आकृतियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में पीपल के पत्ते पर उकेरी राजनेताओं की आकृतियां
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युवा चित्रकार रोहित।
- फोटो : CHIBRAMAU
विशुनगढ़। कोरोना काल में जो समय लोगों के लिए ठहर सा गया था, लेकिन युवा चित्रकार रोहित खाली समय का उपयोग प्रतिभा को निखारने में किया। पीपल के पत्तों पर कई राजनेताओं, देवी-देवताओं की आकृतियां उकेरकर रोहित ने निरंतर गतिशील रहने का संदेश दिया।
विशुनगढ़ के गांव ररूआ निवासी राजमिस्त्री का रोहित जिस दृश्य को देख लेता था, उसे रंगों की सहायता से जीवंत करने की कला उसमें बचपन से थी। आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के बीच रोहित ने लाला श्यामलाल इंटर कालेज से कक्षा दस व छिबरामऊ के हीरालाल वैश्य नेशनल इंटर कालेज से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की।
उसकी प्रतिभा के कारण उसे छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी में कैंपस डमीशन मिला। यहां सरकार से मिलने वाली छात्रवृत्ति से वह सपनों को साकार करने में जुट गया। रोहित ने साल 2019 व 20 में राज्य ललित कला अकादमी की ओर से आयोजित कला प्रदर्शनी में पेंटिंग सजाई।
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उसकी कलाकृतियों को काफी सराहना मिली। इसके अलावा रोहित ने दतिया कला महोत्सव, कुंभ कला महोत्सव, राज्य ललित कला अकादमी की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार में प्रतिभा का लोहा मनवाया।
पिता की मदद के साथ बनाए चित्र : लॉकडाउन में रोहित के हाथ नहीं थमे। उसने पिता की मदद के बाद खाली समय में पीपल के पत्तों पर महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई राजनेताओं के चित्रों को पीपल के पत्तों पर रंगों की सहायता से जीवंत किया। इसके अलावा उसने भगवान गणेश, अर्द्धनारीश्वर, भगवान कुबेर, भगवान बुद्ध सहित कई समसामयिक समस्याओं पर जीवंत पोस्टर सजाए हैं। इन्हें देखकर लोग प्रतिभा को सराहे बिना नहीं रह सकते।
अमर उजाला भी कर चुका है सम्मानित : 31 मई 2019 को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर अमर उजाला की ओर से आयोजित कला प्रतियोगिता में भी रोहित ने अपनी प्रतिभा से अतिथियों का दिल जीत लिया। उसकी उत्कृष्ट कलाकृतियों को सराहते हुए अमर उजाला परिवार ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया था।
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विशुनगढ़ के गांव ररूआ निवासी राजमिस्त्री का रोहित जिस दृश्य को देख लेता था, उसे रंगों की सहायता से जीवंत करने की कला उसमें बचपन से थी। आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के बीच रोहित ने लाला श्यामलाल इंटर कालेज से कक्षा दस व छिबरामऊ के हीरालाल वैश्य नेशनल इंटर कालेज से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की।
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उसकी प्रतिभा के कारण उसे छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी में कैंपस डमीशन मिला। यहां सरकार से मिलने वाली छात्रवृत्ति से वह सपनों को साकार करने में जुट गया। रोहित ने साल 2019 व 20 में राज्य ललित कला अकादमी की ओर से आयोजित कला प्रदर्शनी में पेंटिंग सजाई।
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उसकी कलाकृतियों को काफी सराहना मिली। इसके अलावा रोहित ने दतिया कला महोत्सव, कुंभ कला महोत्सव, राज्य ललित कला अकादमी की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार में प्रतिभा का लोहा मनवाया।
पिता की मदद के साथ बनाए चित्र : लॉकडाउन में रोहित के हाथ नहीं थमे। उसने पिता की मदद के बाद खाली समय में पीपल के पत्तों पर महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई राजनेताओं के चित्रों को पीपल के पत्तों पर रंगों की सहायता से जीवंत किया। इसके अलावा उसने भगवान गणेश, अर्द्धनारीश्वर, भगवान कुबेर, भगवान बुद्ध सहित कई समसामयिक समस्याओं पर जीवंत पोस्टर सजाए हैं। इन्हें देखकर लोग प्रतिभा को सराहे बिना नहीं रह सकते।
अमर उजाला भी कर चुका है सम्मानित : 31 मई 2019 को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर अमर उजाला की ओर से आयोजित कला प्रतियोगिता में भी रोहित ने अपनी प्रतिभा से अतिथियों का दिल जीत लिया। उसकी उत्कृष्ट कलाकृतियों को सराहते हुए अमर उजाला परिवार ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया था।