{"_id":"62a8d06d9d6d381dbb6dd306","slug":"kannauj-kannauj-news-kannauj-news-knp702372752","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज से गेंहू खरीद बंद, .5 फीसदी भी खरीद नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज से गेंहू खरीद बंद, .5 फीसदी भी खरीद नहीं
विज्ञापन
कन्नौज। एक मई से शुरू हुई गेहूं खरीद आज से बंद हो जाएगी। विभाग की ओर से जनपद में गेंहू खरीद के लिए 38 केंद्र खोले गए थे, लेकिन 14 केंद्रों पर डेढ़ माह में अनाज के एक दाने की बोहनी तक नहीं हुई। जैसे केंद्र खोले गए वैसे ही आज बंद कर दिए जाएंगे।
शासन की ओर से जनपद को 29 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। डेढ़ माह में 45 किसानों ने ही 120 (.5 फीसदी से कम) मीट्रिक टन गेहूं बेचा है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले तीन किसानों का डेढ़ लाख रुपये का भुगतान लटका हुआ है।
जनपद में खाद्य विभाग के 10, पीसीएफ के 26 और भारतीय खाद्य निगम में दो गेहूं खरीद केंद्र खोले गए थे। सरकार ने 2015 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों का गेहूं खरीदना तय किया था। वहीं आढ़तों पर 2100 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य होने से किसानों ने सरकारी गेहूं खरीद केंद्र की ओर रुख ही नहीं किया।
विज्ञापन
जिले के सभी किसानों ने अपना पूरा गेहूं आढ़तों पर ही बेचा। सिर्फ 45 किसानों ने ही सरकारी क्रय के 26 केंद्रों पर गेहूं बेचा।
तीन दिन पहले ही खरीद केंद्र बंद, मक्का के बोरों का लगा ढेर
मंडी समिति कन्नौज में खोला गया सरकारी गेहूं खरीद केंद्र तीन दिन पहले से ही बंद कर दिया गया। यहां सरकारी गेहूं खरीद केंद्र की जगह पर अब मक्का के बोरे लगे हुए हैं। केंद्र खोलने के लिए कोई भी कर्मचारी तीन दिन से नहीं पहुंचा है।
डिप्टी आरएमओ समरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एक मई से 14 जून तक 45 किसानों ने 120 मीट्रिक टन गेहूं बेचा है। तीन किसानों का भुगतान रुका है। जल्द ही किसानों का भुगतान करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
शासन की ओर से जनपद को 29 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। डेढ़ माह में 45 किसानों ने ही 120 (.5 फीसदी से कम) मीट्रिक टन गेहूं बेचा है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले तीन किसानों का डेढ़ लाख रुपये का भुगतान लटका हुआ है।
विज्ञापन
जनपद में खाद्य विभाग के 10, पीसीएफ के 26 और भारतीय खाद्य निगम में दो गेहूं खरीद केंद्र खोले गए थे। सरकार ने 2015 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों का गेहूं खरीदना तय किया था। वहीं आढ़तों पर 2100 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य होने से किसानों ने सरकारी गेहूं खरीद केंद्र की ओर रुख ही नहीं किया।
विज्ञापन
जिले के सभी किसानों ने अपना पूरा गेहूं आढ़तों पर ही बेचा। सिर्फ 45 किसानों ने ही सरकारी क्रय के 26 केंद्रों पर गेहूं बेचा।
तीन दिन पहले ही खरीद केंद्र बंद, मक्का के बोरों का लगा ढेर
मंडी समिति कन्नौज में खोला गया सरकारी गेहूं खरीद केंद्र तीन दिन पहले से ही बंद कर दिया गया। यहां सरकारी गेहूं खरीद केंद्र की जगह पर अब मक्का के बोरे लगे हुए हैं। केंद्र खोलने के लिए कोई भी कर्मचारी तीन दिन से नहीं पहुंचा है।
डिप्टी आरएमओ समरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एक मई से 14 जून तक 45 किसानों ने 120 मीट्रिक टन गेहूं बेचा है। तीन किसानों का भुगतान रुका है। जल्द ही किसानों का भुगतान करा दिया जाएगा।