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उतारीं चूड़ी और बिछिया, लेने पहुंच गए दोबारा फेरे...
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कन्नौज/तेराजाकेट। रुपये के लालच में लोग इतना गिर जाते हैं कि रीति-रिवाज को भी ताक पर रख देते हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के 51 हजार के लालच में ढाई महीने की ब्याहता ने हाथों से चूड़ियां और पैरों से बिछियां उतार दीं। इतना ही नहीं दोबारा फेरे लेने कार्यक्रम स्थल पहुंच गई। साथ में उसका पति भी था।
दरअसल, ब्लॉक तालग्राम के मुख्यालय तेराजाकेट में शुक्रवार को विकास खंड के अलावा नगर पंचायत क्षेत्र की भी 47 जोड़ों की शादियां होनी थीं। उसमें तालग्राम ब्लॉक क्षेत्र का एक जोड़ा ऐसा भी पहुंचा, जिसकी शादी 24 मार्च को पहले ही हो चुकी थी। गांव वालों को जब इसकी जानकारी हुई तो ग्राम पंचायत अधिकारी आदित्य से शिकायत हुई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह स्थल पर मामला चर्चा का विषय बन गया। ब्याहता लड़की के हाथ देखे गए तो चूड़ियां नहीं थीं। पैरों में बिछियां भी नहीं थे, लेकिन उनके निशान जरूर बने थे। बाद में मंडप पर बैठने से मना कर दिया गया।
बताया गया है कि शादी और योजना का लाभ देने के लिए कई नेताओं के फोन अधिकारियों के पास पहुंचे, लेकिन उसे बैठने नहीं दिया गया। कई लोग कहते रहे कि 51 हजार रुपये के लालच में दोबारा शादी करने के लिए भी लोग जमीर बेच देते हैं।
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जब सत्यापन हुआ था, तो लड़की की शादी नहीं हुई थी। अगर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की घोषित तारीख से एक दिन पहले भी कोई शादी कर लेता है तो अपात्र होता है। तथ्य छिपाकर योजना का लाभ लेने पर वसूली की जाती है।
अमित सिंह, बीडीओ तालग्राम
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दरअसल, ब्लॉक तालग्राम के मुख्यालय तेराजाकेट में शुक्रवार को विकास खंड के अलावा नगर पंचायत क्षेत्र की भी 47 जोड़ों की शादियां होनी थीं। उसमें तालग्राम ब्लॉक क्षेत्र का एक जोड़ा ऐसा भी पहुंचा, जिसकी शादी 24 मार्च को पहले ही हो चुकी थी। गांव वालों को जब इसकी जानकारी हुई तो ग्राम पंचायत अधिकारी आदित्य से शिकायत हुई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह स्थल पर मामला चर्चा का विषय बन गया। ब्याहता लड़की के हाथ देखे गए तो चूड़ियां नहीं थीं। पैरों में बिछियां भी नहीं थे, लेकिन उनके निशान जरूर बने थे। बाद में मंडप पर बैठने से मना कर दिया गया।
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बताया गया है कि शादी और योजना का लाभ देने के लिए कई नेताओं के फोन अधिकारियों के पास पहुंचे, लेकिन उसे बैठने नहीं दिया गया। कई लोग कहते रहे कि 51 हजार रुपये के लालच में दोबारा शादी करने के लिए भी लोग जमीर बेच देते हैं।
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जब सत्यापन हुआ था, तो लड़की की शादी नहीं हुई थी। अगर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की घोषित तारीख से एक दिन पहले भी कोई शादी कर लेता है तो अपात्र होता है। तथ्य छिपाकर योजना का लाभ लेने पर वसूली की जाती है।
अमित सिंह, बीडीओ तालग्राम