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गंगा और काली नदी में मछली के शिकार पर रोक
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कन्नौज। जनपद में गंगा और काली नदी में मछली के शिकार पर तीन माह के लिए पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस अवधि में मछली का शिकार करते पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम राकेश मिश्र ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी नदियों पर निगरानी भी करने की हिदायत दी है।
जनपद में मछली के शिकार के लिए काली और गंगा नदी में कुल 35 ठेके उठाए जाते हैं। काली नदी में 20 स्थानों पर और गंगा में 15 स्थानों पर मछली के शिकार की अनुमति ठेके की शर्तों पर दी जाती है। एक जून से 31 अगस्त के बीच मछलियों का प्रजनन काल माना जाता है। इसके मद्देनजर ठेका होने पर भी शिकार पर रोक लगा दी जाती है। मंशा यह होती है कि मछलियों के प्रजनन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसी क्रम में डीएम राकेश मिश्र ने आदेश जारी किया है कि जनपद की सीमा में बहने वाली नदियों में 31 अगस्त तक मछली का शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अगर किसी के पास मछली के शिकार का ठेका है तो भी इस अवधि में शिकार नहीं किया जा सकेगा।
मत्स्य पालक विकास अभिकरण कन्नौज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय सिंह ने बताया कि सभी संबंधित कर्मचारियों को शिकार पर रोक के संबंध में जानकारी दे दी गई है। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
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जनपद में मछली के शिकार के लिए काली और गंगा नदी में कुल 35 ठेके उठाए जाते हैं। काली नदी में 20 स्थानों पर और गंगा में 15 स्थानों पर मछली के शिकार की अनुमति ठेके की शर्तों पर दी जाती है। एक जून से 31 अगस्त के बीच मछलियों का प्रजनन काल माना जाता है। इसके मद्देनजर ठेका होने पर भी शिकार पर रोक लगा दी जाती है। मंशा यह होती है कि मछलियों के प्रजनन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसी क्रम में डीएम राकेश मिश्र ने आदेश जारी किया है कि जनपद की सीमा में बहने वाली नदियों में 31 अगस्त तक मछली का शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अगर किसी के पास मछली के शिकार का ठेका है तो भी इस अवधि में शिकार नहीं किया जा सकेगा।
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मत्स्य पालक विकास अभिकरण कन्नौज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय सिंह ने बताया कि सभी संबंधित कर्मचारियों को शिकार पर रोक के संबंध में जानकारी दे दी गई है। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
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