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बरसात ने दी राहत, आंधी लाई आफत
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सोमवार को आंधी के बीच जीटी रोड जिला अस्पताल के निकट इस तरह दिखा नजारा। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच सोमवार को सुबह तेज आंधी और रिमझिम बरसात ने गर्मी से लोगों को राहत दे दी। कई मार्गों पर पेड़ और पोल गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रास्ते भी जाम हो गए। किसानों को बारिश ने सुकून दिया। हालांकि कई जगह मक्का की फसल गिर गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अमूमन 43 के करीब रहने वाले तापमान में 18 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई है।
21 से 25 मई तक मौसम वैज्ञानिकों ने बरसात, आंधी, बिजली कड़कने आदि की भविष्य वाणी की थी। सोमवार को सुबह 10 बजे के बाद बदली छाने के साथ तेज हवाएं धूल भरी आंधी में बदल गई। साथ ही रिमझिम बरसात भी होने लगी। बदले मौसम से तापमान गिर गया, जिससे लोगों को काफी राहत मिली।
उधर, पेड़ गिरने से तिर्वा-कन्नौज फोरलेन पर यातायात पर असर पड़ा। बिजली के तार व पोल भी टूट गए, इससे आपूर्ति ठप हो गई। कई सरकारी कार्यालयों में कामकाज भी ठप हो गया। अंधेरा छाने से कर्मचारियों को दिक्कतें हुईं। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीके कनौजिया का कहना है कि बरसात से मक्का, मूंगफली और सब्जियों की फसल को फायदा है। वहीं मक्का गिरी होगी, जिसमें पहले से पानी लगा होगा।
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बिजली ने ठप करा दिया सरकारी दफ्तरों में काम
आंधी-पानी की वजह से जिले की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सरकारी दफ्तरों का भी काम बंद हो गया। कई कार्यालयों में अंधाकुप्प हो गया। विकास भवन, ब्लॉक व तहसील समेत कई कार्यालयों में दिक्कतें हुईं। कुछ विभागों में जनरेटर चलाकर काम हुआ।
50 पोल गिरे, दो ट्रांसफार्मर फुंक गए
यूपीपीसीएल के अधिशासी अभियंता शादाब अहमद ने बताया कि आंधी-पानी में 50 पोल धराशायी हो गए हैं। शहर के पाटा नाला और हरदेवगंज मोहल्ले में दो ट्रांसफार्मर भी फुंक गए हैं। जगह-जगह पेड़ गिरने से बिजली के तार भी टूट गए हैं। आपूर्ति शुरू करने में रातभर का समय लगेगा।
55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं हवाएं
कृषि मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र यादव ने बताया कि बदले मौसम में अधिकतम तापमान 25.6 और न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बरसात दो मिमी नापी गई। 50-55 किमी प्रति घंटे से तेज हवाएं चलीं। कुछ दिनों से अधिकतम तापमान 42-43 के करीब था। करीब 18 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई है।
जिला अस्पताल की बिजली एक घंटे रही गुल, फिर हाई वोल्टेज
बदले मौसम ने जिला चिकित्सालय की बिजली भी गुल कर दी। करीब एक घंटे तक अस्पताल की बिजली गुल रही। उसके बाद बिजली आई, लेकिन 300 वोल्टेज आने से सीटी स्कैन मशीन और डिजिटल एक्स-रे मशीन बंद रही। पैथोलॉजी और ब्लड बैंक के कंप्यूटर उपकरण फुंक गए। हृदय रोग विभाग में टेक्नीशियन अजीत कुमार ने मोबाइल की लाइट जलाकर काम निपटाया। मरीजों को काफी देर तक दिक्कतें र्हुइं।
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21 से 25 मई तक मौसम वैज्ञानिकों ने बरसात, आंधी, बिजली कड़कने आदि की भविष्य वाणी की थी। सोमवार को सुबह 10 बजे के बाद बदली छाने के साथ तेज हवाएं धूल भरी आंधी में बदल गई। साथ ही रिमझिम बरसात भी होने लगी। बदले मौसम से तापमान गिर गया, जिससे लोगों को काफी राहत मिली।
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उधर, पेड़ गिरने से तिर्वा-कन्नौज फोरलेन पर यातायात पर असर पड़ा। बिजली के तार व पोल भी टूट गए, इससे आपूर्ति ठप हो गई। कई सरकारी कार्यालयों में कामकाज भी ठप हो गया। अंधेरा छाने से कर्मचारियों को दिक्कतें हुईं। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीके कनौजिया का कहना है कि बरसात से मक्का, मूंगफली और सब्जियों की फसल को फायदा है। वहीं मक्का गिरी होगी, जिसमें पहले से पानी लगा होगा।
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बिजली ने ठप करा दिया सरकारी दफ्तरों में काम
आंधी-पानी की वजह से जिले की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सरकारी दफ्तरों का भी काम बंद हो गया। कई कार्यालयों में अंधाकुप्प हो गया। विकास भवन, ब्लॉक व तहसील समेत कई कार्यालयों में दिक्कतें हुईं। कुछ विभागों में जनरेटर चलाकर काम हुआ।
50 पोल गिरे, दो ट्रांसफार्मर फुंक गए
यूपीपीसीएल के अधिशासी अभियंता शादाब अहमद ने बताया कि आंधी-पानी में 50 पोल धराशायी हो गए हैं। शहर के पाटा नाला और हरदेवगंज मोहल्ले में दो ट्रांसफार्मर भी फुंक गए हैं। जगह-जगह पेड़ गिरने से बिजली के तार भी टूट गए हैं। आपूर्ति शुरू करने में रातभर का समय लगेगा।
55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं हवाएं
कृषि मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र यादव ने बताया कि बदले मौसम में अधिकतम तापमान 25.6 और न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बरसात दो मिमी नापी गई। 50-55 किमी प्रति घंटे से तेज हवाएं चलीं। कुछ दिनों से अधिकतम तापमान 42-43 के करीब था। करीब 18 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई है।
जिला अस्पताल की बिजली एक घंटे रही गुल, फिर हाई वोल्टेज
बदले मौसम ने जिला चिकित्सालय की बिजली भी गुल कर दी। करीब एक घंटे तक अस्पताल की बिजली गुल रही। उसके बाद बिजली आई, लेकिन 300 वोल्टेज आने से सीटी स्कैन मशीन और डिजिटल एक्स-रे मशीन बंद रही। पैथोलॉजी और ब्लड बैंक के कंप्यूटर उपकरण फुंक गए। हृदय रोग विभाग में टेक्नीशियन अजीत कुमार ने मोबाइल की लाइट जलाकर काम निपटाया। मरीजों को काफी देर तक दिक्कतें र्हुइं।

तहसील सदर के निकट रिमझिम बरसात के बीच गुजरते वाहन। संवाद- फोटो : KANNAUJ