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1400 शिक्षक-शिक्षिकाओं का एरियर दबाए है बीएसए ऑफिस
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बीएसए कार्यालय से बाबू की ले जाती एंटी करप्शन टीम।संवाद
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। बीएसए ऑफिस में रिश्वतखोरी का खेल अफसरों की शह पर चल रहा था। यह बात एंटी करप्शन टीम की वरिष्ठ लिपिक से पूछताछ के दौरान सामने आई।
डेढ़ साल पहले जनपद के प्राथमिक स्कूलों को करीब 1450 सहायक अध्यापक मिले थे। वरिष्ठ लिपिक ने बताया कि अधिकारियों की ओर से एरियर की 1400 फाइलों के निस्तारण के लिए प्रत्येक से 10 हजार रुपये लेने की बात कही गई थी। लिपिक ने वरिष्ठ अधिकारी का नाम नहीं बताया। एंटी करप्शन अब लिपिक के बयान सच तलाश रही है। लिपिक की बात मानें तो 1400 फाइलों के निस्तारण के लिए एक करोड़ 40 लाख रुपये की वसूली होनी थी। इसी वजह से 1400 शिक्षक-शिक्षिकाओं का एरियर कई महीनों से फंसाकर रखा गया था। शिक्षकों को कभी सत्यापन तो कभी कोई न कोई कागज में त्रुटि का हवाला दिया जा रहा था। लखनऊ और कानपुर की संयुक्त नौ सदस्यीय एंटी करप्शन टीम ने बीएसए कार्यालय में तैनात बाबू बलवीर सिंह यादव को सोमवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे 10 हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा। डीएम राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि एरियर के संबंध में जांच कराएंगे।
पांच महीने के एरियर के एवज में मांगे 10 हजार
ब्लॉक जलालाबाद के प्राथमिक स्कूल अनौगी द्वितीय के सहायक अध्यापक उत्कर्ष कटियार ने बताया कि उसकी भर्ती 69 हजार के तहत जनपद में दूसरे बैच में हुई थी। दिसंबर 2020 से अप्रैल 2021 तक कुल पांच महीने का एरियर बकाया है, जिसके लिए 10 हजार रुपये की मांग हुई थी। उत्कर्ष ब्लाक संगठन मंत्री भी हैं।
दो अफसर बनाए गए गवाह
किसी सरकारी विभाग में एंटी करप्शन टीम पहुंचती है तो आलाधिकारी को जानकारी दी जाती है। वहां से दो अफसरों को टीम के साथ भेजा जाता है। बीएसए कार्यालय में जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी तनुज त्रिपाठी को नामित किया गया था। दोनों ही अधिकारी कोतवाली में कागजी प्रक्रिया के दौरान पहुंचे।
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रुपये गिनने में फंस गया रिश्वतखोर बाबू
बताया गया है कि जब बाबू बलवीर सिंह यादव को 10 हजार रुपये दिए गए तो उसने कार्यालय में गिने। रुपयों में विशेष रंग भी लगा था, जो हाथ में लग गया। हाथ धुलवाने पर रंग भी छूटा।
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डेढ़ साल पहले जनपद के प्राथमिक स्कूलों को करीब 1450 सहायक अध्यापक मिले थे। वरिष्ठ लिपिक ने बताया कि अधिकारियों की ओर से एरियर की 1400 फाइलों के निस्तारण के लिए प्रत्येक से 10 हजार रुपये लेने की बात कही गई थी। लिपिक ने वरिष्ठ अधिकारी का नाम नहीं बताया। एंटी करप्शन अब लिपिक के बयान सच तलाश रही है। लिपिक की बात मानें तो 1400 फाइलों के निस्तारण के लिए एक करोड़ 40 लाख रुपये की वसूली होनी थी। इसी वजह से 1400 शिक्षक-शिक्षिकाओं का एरियर कई महीनों से फंसाकर रखा गया था। शिक्षकों को कभी सत्यापन तो कभी कोई न कोई कागज में त्रुटि का हवाला दिया जा रहा था। लखनऊ और कानपुर की संयुक्त नौ सदस्यीय एंटी करप्शन टीम ने बीएसए कार्यालय में तैनात बाबू बलवीर सिंह यादव को सोमवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे 10 हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा। डीएम राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि एरियर के संबंध में जांच कराएंगे।
पांच महीने के एरियर के एवज में मांगे 10 हजार
ब्लॉक जलालाबाद के प्राथमिक स्कूल अनौगी द्वितीय के सहायक अध्यापक उत्कर्ष कटियार ने बताया कि उसकी भर्ती 69 हजार के तहत जनपद में दूसरे बैच में हुई थी। दिसंबर 2020 से अप्रैल 2021 तक कुल पांच महीने का एरियर बकाया है, जिसके लिए 10 हजार रुपये की मांग हुई थी। उत्कर्ष ब्लाक संगठन मंत्री भी हैं।
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दो अफसर बनाए गए गवाह
किसी सरकारी विभाग में एंटी करप्शन टीम पहुंचती है तो आलाधिकारी को जानकारी दी जाती है। वहां से दो अफसरों को टीम के साथ भेजा जाता है। बीएसए कार्यालय में जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी तनुज त्रिपाठी को नामित किया गया था। दोनों ही अधिकारी कोतवाली में कागजी प्रक्रिया के दौरान पहुंचे।
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रुपये गिनने में फंस गया रिश्वतखोर बाबू
बताया गया है कि जब बाबू बलवीर सिंह यादव को 10 हजार रुपये दिए गए तो उसने कार्यालय में गिने। रुपयों में विशेष रंग भी लगा था, जो हाथ में लग गया। हाथ धुलवाने पर रंग भी छूटा।