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बेसमेंट में हूं, बिजली भी नहीं है...
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कमिश्मा और कामना। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। पापा ठीक हूं... परेशान मत होना...। सुरक्षा के लिए बंकरों और बेसमेंट में रहने को कहा गया है। बिजली सप्लाई भी काट दी है। देर रात तक धमाकों की आवाजें आती रहीं...। ऐसे ही संदेश यूक्रेन में फंसे इत्र नगरी के छात्रों ने यहां माता-पिता से फोन पर बात कर दिए। मुसीबत में फंसे इन छात्रों ने परिवार के लोगों से हिम्मत रखने की भी बात कही। वहीं परिवार के लोगों से सरकार से लाडलों को वापस लाने की गुहार लगाई है।
रात के बाद से नहीं हो सकी बेटियों से बात
छिबरामऊ क्षेत्र के बरूआ सबलपुर गांव के रहने वाले बृजपाल शाक्य की दो बेटियां करिश्मा और कामना पिछले चार साल से यूक्रेन टर्नोपिल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहीं हैं। बृजपाल का कहना है कि गुरुवार की रात करीब 11 बजे उनकी बेटियों से बात हुई थी। बेटियां बोल रही थीं कि पापा यहां के हालात बेहद खराब हैं। सिटी के आस पास एरिया में लगातार बमबारी हो है। करीब रात के 12 बजे हम दोनों भी बंकर में चले जाएंगे। इसके बाद संपर्क नहीं हो पाएगा। बृजलाल ने बताया कि बेटियों ने कहा कि पापा मम्मी परेशान मत होना। हम लोग सुरक्षित हैं। इसके बावजूद बृजपाल का पूरा परिवार बेटियों की सुरक्षा को लेकर लेकर परेशान हैं। परिवार के सदस्यों ने केंद्र सरकार से दोनों बेटियों को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।
30 छात्रों को बेसमेंट में किया गया शिफ्ट
हसेरन ब्लॉक के लिलीपुर गांव के रहने वाले आकाश भारती ने बताया कि उनकी बड़ी बहन चांदनी भारती टर्नोपिल स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में रहकर पढ़ाई कर रहीं हैं। आकाश ने बताया कि सुबह करीब 11:30 बजे उनकी दीदी से बात हुई थी। बता रहीं थी, कि वहां पर रात भर धमाके हो रहे थे। कैंपस में रहने वाले करीब 30 से अधिक छात्रों को सुरक्षा की दृष्टि से बेसमेंट में शिफ्ट कर दिया गया है। अब बाहर क्या हो रहा है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। खाने की भी दिक्कत आने लगी है। आकाश की एक और बहन शिल्पी जिला पंचायत सदस्य हैं। ऐसे हालातों में उन्होंने सरकार से मदद करने की बात कही है।
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रात को एयरफोर्स स्टेशन पर हुई बमबारी
विवियापुर जलालपुर के रहने वाले सुधीरकांत दुबे ने बताया कि उनका बेटा ऋषि द्विवेदी लवीव शहर के लवीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। उनका कहना है कि शुक्रवार की दोपहर एक बजे उनकी बेटे से बात हुई थी। बेटे ने कहा कि लवीव शहर में अभी कोई डर नहीं है। यह यूक्रेन के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक है। ऋषि ने बताया कल रात शहर के एयरफोर्स स्टेशन पर हवाई हमले हुए हैं। इस वजह से लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। शहर में सायरन लगातार बज रहे हैं।
अब तो बंकरों में भी जगह नहीं बची
इंदरगढ़ कस्बे के रहने रिटायर्ड फौजी आदित्य प्रकाश का बेटा हिर्षत खार्कियू जू यूनिवर्सिटी से वेटनरी का कोर्स करने दो महीने पहले ही यूक्रेन गया है। आदित्य का परिवार बेटे को लेकर इसलिए अधिक परेशान है, क्योंकि खार्कियू शहर रसिया बार्डर से मात्र 25 किलोमीटर की दूरी पर है। बेटे ने दोपहर करीब 12 बजे परिजनों को बताया कि यहां लगातार गोलाबारी हो रही है। खुद को सुरक्षित रखने के लिए ज्यादातर लोग बंकर में चले गए हैं। अब बंकरों में भी जगह नहीं बची है। गोलाबारी से मकानों की खिड़कियों शीशे टूट रहे हैं।
खाने के लिए बिस्किट और नमकीन का सहारा
सौरिख आंबेडकर नगर के रहने वाले घनश्याम सिंह फार्मास्टि हैं। उनकी बेटी तनिष्का श्याम 13 फरवरी को यूक्रेन गईं हैं। उसने कीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस में एडमिशन लिया है। वैसे तो तनिष्का की उसके परिजनों से लगातार बात हो रही है। शुक्रवार की दोपहर को बातचीत में तनिष्का ने बताया के गुरुवार से यहां रुक-रुक कर गोलाबारी हो रही है। सभी 30 छात्रों को कैंपस के बेसमेंट में रखा गया है। खाने के लिए बिस्किट और नमकीन का सहारा लेना पड़ रहा है।
बेटी ने खुद को सुरक्षित बताया
कस्बे के मोहल्ला रामकृष्ण नगर निवासी अमित श्रीवास्तव की पुत्री ईशा चित्रांशी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। वह गत वर्ष 28 दिसंबर को वहां गई थी। पिता अमित श्रीवास्तव ने बताया कि पुत्री टर्नोपिल नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ रही है। कल गोलाबारी के दौरान उससे हुई वार्ता में पुत्री ने अपने को सुरक्षित बताया। पुत्री ने पिता को बताया कि रात के समय सभी लोगों को छात्रावास के बेसमेंट में कर दिया गया है, तब से उससे बात नहीं हो पा रही है। घर में सभी लोग परेशान हैं।
सायरन बजते ही बेसमेंट में जाने के निर्देश
मोहल्ला ग्राम गंज निवासी कृपाराम पाल के पुत्र आयुष पाल भी टर्नोपिल यूनिवर्सिटी का छात्र है। कृपाराम का कहना है कि बच्चे से बात हुई है, वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। आयुष ने बताया कि सभी को निर्देश दिए गए हैं कि सायरन बजते ही बेसमेंट में चले जाएं। सभी सुरक्षित बने रहे। साथ ही राशन और खाने-पीने की चीजें एकत्र करने का भी निर्देश दिया गया है।
परिजनों से बात नहीं हो पा रही
टर्नोपिल यूनिवर्सिटी में ही कस्बे के रहने वाले अरुण त्रिपाठी की पुत्री प्रज्ञा त्रिपाठी भी अध्ययन कर रही है। प्रज्ञा एमबीबीएस करने के लिए गई है। प्रज्ञा की गुरुवार को परिजनों से बात हुई थी, शुक्रवार को उसके मोबाइल में नेटवर्क की कमी के चलते बात नहीं हो पा रही थी। अरुण त्रिपाठी ने सरकार से अपनी बेेेटी को वापस लाने की बात कही है।
चार साल कर रहा पढ़ाई
डडुवा बुजुर्ग के रहने वाले महफूज रजा का पुत्र मोहम्मद अकील यूक्रेन में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। अकील की गुरुवार को परिजनों से बात हुई, मगर उसके बाद से बात नहीं हो पा रही है। अकील को मेडिकल की पढ़ाई करते हुए चार साल बीत चुके हैं। अकील ने परिजनों को बताया था कि यहां के हालात काफी खराब हैं।
थर्ड इयर मेडिकल की छात्रा है अल्पा
करनपुर के रहने वाले संतोष पाल की बेटी अल्पा पाल यूक्रेन के टर्नोपिल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। तीन साल से अल्पा यूक्रेन में रह रही हैं। हालांकि अल्पा की परिजनों से बात हो रही है, मगर वहां बमबारी होने सभी परेशान हैं। अल्पा पिछले सितंबर माह घर से यूक्रेन गई है।
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया
सौरिख कस्बे के नेहरू नगर के रहने वाले आसिफ खान चार साल से यूकेन में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने अपने परिजनों को बताया कि टर्नोपिल शहर के आस पास लगातार बमबारी हो रही है। पुलिस का सायरन बजते ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।
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रात के बाद से नहीं हो सकी बेटियों से बात
छिबरामऊ क्षेत्र के बरूआ सबलपुर गांव के रहने वाले बृजपाल शाक्य की दो बेटियां करिश्मा और कामना पिछले चार साल से यूक्रेन टर्नोपिल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहीं हैं। बृजपाल का कहना है कि गुरुवार की रात करीब 11 बजे उनकी बेटियों से बात हुई थी। बेटियां बोल रही थीं कि पापा यहां के हालात बेहद खराब हैं। सिटी के आस पास एरिया में लगातार बमबारी हो है। करीब रात के 12 बजे हम दोनों भी बंकर में चले जाएंगे। इसके बाद संपर्क नहीं हो पाएगा। बृजलाल ने बताया कि बेटियों ने कहा कि पापा मम्मी परेशान मत होना। हम लोग सुरक्षित हैं। इसके बावजूद बृजपाल का पूरा परिवार बेटियों की सुरक्षा को लेकर लेकर परेशान हैं। परिवार के सदस्यों ने केंद्र सरकार से दोनों बेटियों को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।
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30 छात्रों को बेसमेंट में किया गया शिफ्ट
हसेरन ब्लॉक के लिलीपुर गांव के रहने वाले आकाश भारती ने बताया कि उनकी बड़ी बहन चांदनी भारती टर्नोपिल स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में रहकर पढ़ाई कर रहीं हैं। आकाश ने बताया कि सुबह करीब 11:30 बजे उनकी दीदी से बात हुई थी। बता रहीं थी, कि वहां पर रात भर धमाके हो रहे थे। कैंपस में रहने वाले करीब 30 से अधिक छात्रों को सुरक्षा की दृष्टि से बेसमेंट में शिफ्ट कर दिया गया है। अब बाहर क्या हो रहा है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। खाने की भी दिक्कत आने लगी है। आकाश की एक और बहन शिल्पी जिला पंचायत सदस्य हैं। ऐसे हालातों में उन्होंने सरकार से मदद करने की बात कही है।
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रात को एयरफोर्स स्टेशन पर हुई बमबारी
विवियापुर जलालपुर के रहने वाले सुधीरकांत दुबे ने बताया कि उनका बेटा ऋषि द्विवेदी लवीव शहर के लवीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। उनका कहना है कि शुक्रवार की दोपहर एक बजे उनकी बेटे से बात हुई थी। बेटे ने कहा कि लवीव शहर में अभी कोई डर नहीं है। यह यूक्रेन के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक है। ऋषि ने बताया कल रात शहर के एयरफोर्स स्टेशन पर हवाई हमले हुए हैं। इस वजह से लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। शहर में सायरन लगातार बज रहे हैं।
अब तो बंकरों में भी जगह नहीं बची
इंदरगढ़ कस्बे के रहने रिटायर्ड फौजी आदित्य प्रकाश का बेटा हिर्षत खार्कियू जू यूनिवर्सिटी से वेटनरी का कोर्स करने दो महीने पहले ही यूक्रेन गया है। आदित्य का परिवार बेटे को लेकर इसलिए अधिक परेशान है, क्योंकि खार्कियू शहर रसिया बार्डर से मात्र 25 किलोमीटर की दूरी पर है। बेटे ने दोपहर करीब 12 बजे परिजनों को बताया कि यहां लगातार गोलाबारी हो रही है। खुद को सुरक्षित रखने के लिए ज्यादातर लोग बंकर में चले गए हैं। अब बंकरों में भी जगह नहीं बची है। गोलाबारी से मकानों की खिड़कियों शीशे टूट रहे हैं।
खाने के लिए बिस्किट और नमकीन का सहारा
सौरिख आंबेडकर नगर के रहने वाले घनश्याम सिंह फार्मास्टि हैं। उनकी बेटी तनिष्का श्याम 13 फरवरी को यूक्रेन गईं हैं। उसने कीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस में एडमिशन लिया है। वैसे तो तनिष्का की उसके परिजनों से लगातार बात हो रही है। शुक्रवार की दोपहर को बातचीत में तनिष्का ने बताया के गुरुवार से यहां रुक-रुक कर गोलाबारी हो रही है। सभी 30 छात्रों को कैंपस के बेसमेंट में रखा गया है। खाने के लिए बिस्किट और नमकीन का सहारा लेना पड़ रहा है।
बेटी ने खुद को सुरक्षित बताया
कस्बे के मोहल्ला रामकृष्ण नगर निवासी अमित श्रीवास्तव की पुत्री ईशा चित्रांशी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। वह गत वर्ष 28 दिसंबर को वहां गई थी। पिता अमित श्रीवास्तव ने बताया कि पुत्री टर्नोपिल नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ रही है। कल गोलाबारी के दौरान उससे हुई वार्ता में पुत्री ने अपने को सुरक्षित बताया। पुत्री ने पिता को बताया कि रात के समय सभी लोगों को छात्रावास के बेसमेंट में कर दिया गया है, तब से उससे बात नहीं हो पा रही है। घर में सभी लोग परेशान हैं।
सायरन बजते ही बेसमेंट में जाने के निर्देश
मोहल्ला ग्राम गंज निवासी कृपाराम पाल के पुत्र आयुष पाल भी टर्नोपिल यूनिवर्सिटी का छात्र है। कृपाराम का कहना है कि बच्चे से बात हुई है, वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। आयुष ने बताया कि सभी को निर्देश दिए गए हैं कि सायरन बजते ही बेसमेंट में चले जाएं। सभी सुरक्षित बने रहे। साथ ही राशन और खाने-पीने की चीजें एकत्र करने का भी निर्देश दिया गया है।
परिजनों से बात नहीं हो पा रही
टर्नोपिल यूनिवर्सिटी में ही कस्बे के रहने वाले अरुण त्रिपाठी की पुत्री प्रज्ञा त्रिपाठी भी अध्ययन कर रही है। प्रज्ञा एमबीबीएस करने के लिए गई है। प्रज्ञा की गुरुवार को परिजनों से बात हुई थी, शुक्रवार को उसके मोबाइल में नेटवर्क की कमी के चलते बात नहीं हो पा रही थी। अरुण त्रिपाठी ने सरकार से अपनी बेेेटी को वापस लाने की बात कही है।
चार साल कर रहा पढ़ाई
डडुवा बुजुर्ग के रहने वाले महफूज रजा का पुत्र मोहम्मद अकील यूक्रेन में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। अकील की गुरुवार को परिजनों से बात हुई, मगर उसके बाद से बात नहीं हो पा रही है। अकील को मेडिकल की पढ़ाई करते हुए चार साल बीत चुके हैं। अकील ने परिजनों को बताया था कि यहां के हालात काफी खराब हैं।
थर्ड इयर मेडिकल की छात्रा है अल्पा
करनपुर के रहने वाले संतोष पाल की बेटी अल्पा पाल यूक्रेन के टर्नोपिल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। तीन साल से अल्पा यूक्रेन में रह रही हैं। हालांकि अल्पा की परिजनों से बात हो रही है, मगर वहां बमबारी होने सभी परेशान हैं। अल्पा पिछले सितंबर माह घर से यूक्रेन गई है।
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया
सौरिख कस्बे के नेहरू नगर के रहने वाले आसिफ खान चार साल से यूकेन में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने अपने परिजनों को बताया कि टर्नोपिल शहर के आस पास लगातार बमबारी हो रही है। पुलिस का सायरन बजते ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।