{"_id":"6189623fdb02f55a554f7d5d","slug":"kannauj-five-years-have-passed-since-demonetisation-business-still-in-shambles-kannauj-news-knp662807028","type":"story","status":"publish","title_hn":"कन्नौज: नोटबंदी के पांच साल बीते, व्यापार अब भी बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कन्नौज: नोटबंदी के पांच साल बीते, व्यापार अब भी बेहाल
विज्ञापन
शहर के अशोक नगर रोड पर बैंक के बाहर लगी थी लोगों की लाइन (फाइल फोटो)।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। नोेटबंदी के पांच साल बाद भी व्यापार अभी तक पटरी पर नहीं आ पाया है। व्यापारियों का कहना है कि चीजें ठीक होने में अभी वक्त लगेगा।
आठ नवंबर यानी आज से पांच साल पहले केंद्र सरकार ने 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए थे। रात आठ बजे प्रधानमंत्री ने टीवी के जरिए लोगों को संबोधित कर नोटबंदी की जानकारी दी थी। कहा था कि आज रात 12 बजे से 500 व 1000 के नोट बंद हो जाएंगे। यह सुन कर लोगों में अफरातफरी मच गई थी। हर आदमी यह सोच रहा था कि घर में जमा रकम का अब क्या होगा। पुराने नोट सिर्फ पेट्रोल पंप और बैंकों में चल रहे थे। पांच सालबाद भी नोटबंदी से बेपटरी हुआ व्यापार अब तक पुरानी रौ में नहीं लौट पाया है। व्यापारियों का कहना है कि नोटबंदी के बाद व्यापार डगमगा गया था। अब पहले जैसा व्यापार नहीं है।
वहीं नोट बंद होने की जानकारी के बाद पेट्रोल पंप पर 500 व एक हजार के नोट लेने के लिए छूट दी गई थी। जानकारी पर हर कोई अपनी गाड़ियों को फुल कराने के लिए पहुंच गया। शहर के हर पेट्रोल पंप पर डीजल व पेट्रोल डलवाने के लिए लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं। इस दौरान पेट्रोल पंप मालिकों ने अधिकतर लोगों की गाड़ियों में 500 व एक हजार का तेल भरा था।
किसान ने फांसी लगाकर दी थी जान
गुरसहायगंज क्षेत्र के सियरमऊ गांव के सुभाष चंद्र पाल ने गांव के बाहर आम के पेड़ से फांसी लगा ली थी। जेब से सुसाइड नोट मिला था। नोट में लिखा था कि डीएम साहब बर्बाद हो गया मैं, नोटबंदी ने मुझे पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। मेरा 22 लाख रुपया नोटबंदी से डूब गया।
विज्ञापन
नोटों से भरा मिला था एक बोरा
तिर्वा पुलिस ने नोटबंदी के करीब 20 दिन बाद मेडिकल कालेज के पीछे खेत में बोरा बरामद किया था। बोरे में करीब 15 लाख रुपये से ज्यादा होने की बात कही गई थी।
नमक के रेट बढ़ने की फैली थी अफवाह
प्रधानमंत्री के नोटबंदी के संबोधन के बाद शहर के बाजार में नमक के रेट बढ़ने की अफवाह तेजी से फैल गई। लोगों ने रात में परचून की दुकान पर नमक खरीदना शुरू कर दिया था। नमक के रेट बढ़ने की अफवाह से यह अस्सी से सौ रुपये किलो तक बिक गया।
विज्ञापन
आठ नवंबर यानी आज से पांच साल पहले केंद्र सरकार ने 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए थे। रात आठ बजे प्रधानमंत्री ने टीवी के जरिए लोगों को संबोधित कर नोटबंदी की जानकारी दी थी। कहा था कि आज रात 12 बजे से 500 व 1000 के नोट बंद हो जाएंगे। यह सुन कर लोगों में अफरातफरी मच गई थी। हर आदमी यह सोच रहा था कि घर में जमा रकम का अब क्या होगा। पुराने नोट सिर्फ पेट्रोल पंप और बैंकों में चल रहे थे। पांच सालबाद भी नोटबंदी से बेपटरी हुआ व्यापार अब तक पुरानी रौ में नहीं लौट पाया है। व्यापारियों का कहना है कि नोटबंदी के बाद व्यापार डगमगा गया था। अब पहले जैसा व्यापार नहीं है।
वहीं नोट बंद होने की जानकारी के बाद पेट्रोल पंप पर 500 व एक हजार के नोट लेने के लिए छूट दी गई थी। जानकारी पर हर कोई अपनी गाड़ियों को फुल कराने के लिए पहुंच गया। शहर के हर पेट्रोल पंप पर डीजल व पेट्रोल डलवाने के लिए लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं। इस दौरान पेट्रोल पंप मालिकों ने अधिकतर लोगों की गाड़ियों में 500 व एक हजार का तेल भरा था।
विज्ञापन
किसान ने फांसी लगाकर दी थी जान
गुरसहायगंज क्षेत्र के सियरमऊ गांव के सुभाष चंद्र पाल ने गांव के बाहर आम के पेड़ से फांसी लगा ली थी। जेब से सुसाइड नोट मिला था। नोट में लिखा था कि डीएम साहब बर्बाद हो गया मैं, नोटबंदी ने मुझे पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। मेरा 22 लाख रुपया नोटबंदी से डूब गया।
विज्ञापन
नोटों से भरा मिला था एक बोरा
तिर्वा पुलिस ने नोटबंदी के करीब 20 दिन बाद मेडिकल कालेज के पीछे खेत में बोरा बरामद किया था। बोरे में करीब 15 लाख रुपये से ज्यादा होने की बात कही गई थी।
नमक के रेट बढ़ने की फैली थी अफवाह
प्रधानमंत्री के नोटबंदी के संबोधन के बाद शहर के बाजार में नमक के रेट बढ़ने की अफवाह तेजी से फैल गई। लोगों ने रात में परचून की दुकान पर नमक खरीदना शुरू कर दिया था। नमक के रेट बढ़ने की अफवाह से यह अस्सी से सौ रुपये किलो तक बिक गया।