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कड़ाके की सर्दी में सड़कों पर घूम रहे अन्ना मवेशी
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गदनापुर काजी की गोशाला का हाल
- फोटो : KANNAUJ
तालग्राम(कन्नौज)। जिलाधिकारी की सख्ती के चलते पंचायत के खाते से ढाई लाख रुपये खर्च होने के बाद भी गोशाला संचालित नहीं हो सकी। यह छह माह से खाली है। अन्ना मवेशी कड़ाके की सर्दी में बेहाल हैं। यह खेतों व सड़कों पर घूम रहे हैं। किसानों ने गोशाला शुरू करने की मांग की है।
विकास खंड तालग्राम की ग्राम पंचायत गदनापुर काजी में एक एकड़ से अधिक सरकारी जमीन पर लाखों रुपये की लागत से गोशाला बनवाई गई थी। गेट, टिन शेड के अलावा चारों तरफ खाई व कटीले तार की सुरक्षा के लिए जाल लगाया गया था। गोशाला अभी शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में अन्ना मवेशी किसानों की फसलों में नुकसान पहुंचा रहे हैं। सड़कों के किनारे हादसों का सबब बन रहे हैं। ग्रामीण संजय, मजीद ,खुन्नूलाल, राजेश, श्रीकृष्ण, अनुराग, पप्पू ने गोवंशों को गोशाला में पहुंचाने की मांग की है।
वहीं प्रधान रीमा पटेल का कहना है कि पशुपालन विभाग से खाता न खुलने के कारण धनराशि मुहैया नहीं हो सकी है। बजट मिलने पर गोशाला चालू करा दी जाएगी। सचिव सुभाष चंद्र यादव का कहना है कि पंचायत में अन्ना मवेशी नहीं घूम रहे हैं। यह दूसरी पंचायतों के हैं।
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विकास खंड तालग्राम की ग्राम पंचायत गदनापुर काजी में एक एकड़ से अधिक सरकारी जमीन पर लाखों रुपये की लागत से गोशाला बनवाई गई थी। गेट, टिन शेड के अलावा चारों तरफ खाई व कटीले तार की सुरक्षा के लिए जाल लगाया गया था। गोशाला अभी शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में अन्ना मवेशी किसानों की फसलों में नुकसान पहुंचा रहे हैं। सड़कों के किनारे हादसों का सबब बन रहे हैं। ग्रामीण संजय, मजीद ,खुन्नूलाल, राजेश, श्रीकृष्ण, अनुराग, पप्पू ने गोवंशों को गोशाला में पहुंचाने की मांग की है।
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वहीं प्रधान रीमा पटेल का कहना है कि पशुपालन विभाग से खाता न खुलने के कारण धनराशि मुहैया नहीं हो सकी है। बजट मिलने पर गोशाला चालू करा दी जाएगी। सचिव सुभाष चंद्र यादव का कहना है कि पंचायत में अन्ना मवेशी नहीं घूम रहे हैं। यह दूसरी पंचायतों के हैं।
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