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कार के अंदर फंस गई बच्ची, दम घुटने से मौत
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गुरसहायगंज(कन्नौज)। सरायप्रयाग के सूलनपुर गांव में सोमवार को लापता हुई पांच साल की बच्ची का शव मंगलवार को घर से चंद कदम दूर चाचा की कार में मिला। इससे परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। परिवार के कहने पर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव अंतिम संस्कार के लिए सुपुर्द कर दिया।
गुरसहायगंज कोतवाली की चौकी सराय प्रयाग के अंतर्गत सूलनपुर गांव के किसान विजय सिंह यादव की बेटी शुचि(5) सोमवार को दोपहर बाद लगभग चार बजे घर से खेलने के लिए निकली थी। इसी दौरान चाचा मनोज कुमार ने कार घर से चंद कदम दूर बरामदे में खड़ी कर दी। वह इस पर डालने के लिए कवर लेने घर चले गए। तभी बच्ची खिड़की खोलकर कार में घुस गई। इसके बाद सारी खिड़कियां बंद हो गईं। कुछ देर बाद लौटे मनोज ने कवर को कार के ऊपर डाल दिया। इसके बाद चले गए। वहीं बच्ची के काफी देर तक घर न पहुंचने पर परिजन तलाश करने लगे। बच्ची के गायब होने की खबर गांव में फैल गई। लोगों ने आसपास के मक्का के खेतों में तलाशना शुरू कर दिया। न मिलने पर लोग लौट आए। सुबह फिर तलाश शुरू की गई। मंगलवार सुबह इसकी सूचना सराय प्रयाग चौकी में दरोगा प्रदीप कुमार यादव को दी गई। पुलिस ने गांव पहुंच कर बच्ची की तलाश की। कोई नतीजा नहीं निकला।
वहीं पूरी रात बिजली न आने से मोबाइल की बैटरी डाउन होने पर मनोज कुमार चार्ज करने के लिए करीब ग्यारह बजे कार के पास पहुंचे। कार का कवर हटाकर ड्राइवर साइड की खिड़की खोली तो बच्ची का शव देखकर सन्न रह गए। इसकी सूचना उन्होंने परिजनों को दी। इससे मौके पर भीड़ लग गई। बच्ची का शव देखकर परिजन बेहाल हो गए। बच्ची विजय सिंह की सबसे छोटी पांचवीं संतान थी। परिजनों के अनुरोध पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर परिजनों के हवाले कर दिया।
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गुरसहायगंज कोतवाली की चौकी सराय प्रयाग के अंतर्गत सूलनपुर गांव के किसान विजय सिंह यादव की बेटी शुचि(5) सोमवार को दोपहर बाद लगभग चार बजे घर से खेलने के लिए निकली थी। इसी दौरान चाचा मनोज कुमार ने कार घर से चंद कदम दूर बरामदे में खड़ी कर दी। वह इस पर डालने के लिए कवर लेने घर चले गए। तभी बच्ची खिड़की खोलकर कार में घुस गई। इसके बाद सारी खिड़कियां बंद हो गईं। कुछ देर बाद लौटे मनोज ने कवर को कार के ऊपर डाल दिया। इसके बाद चले गए। वहीं बच्ची के काफी देर तक घर न पहुंचने पर परिजन तलाश करने लगे। बच्ची के गायब होने की खबर गांव में फैल गई। लोगों ने आसपास के मक्का के खेतों में तलाशना शुरू कर दिया। न मिलने पर लोग लौट आए। सुबह फिर तलाश शुरू की गई। मंगलवार सुबह इसकी सूचना सराय प्रयाग चौकी में दरोगा प्रदीप कुमार यादव को दी गई। पुलिस ने गांव पहुंच कर बच्ची की तलाश की। कोई नतीजा नहीं निकला।
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वहीं पूरी रात बिजली न आने से मोबाइल की बैटरी डाउन होने पर मनोज कुमार चार्ज करने के लिए करीब ग्यारह बजे कार के पास पहुंचे। कार का कवर हटाकर ड्राइवर साइड की खिड़की खोली तो बच्ची का शव देखकर सन्न रह गए। इसकी सूचना उन्होंने परिजनों को दी। इससे मौके पर भीड़ लग गई। बच्ची का शव देखकर परिजन बेहाल हो गए। बच्ची विजय सिंह की सबसे छोटी पांचवीं संतान थी। परिजनों के अनुरोध पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर परिजनों के हवाले कर दिया।
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