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जिले में बढ़ रहे कुपोषित, अति कुपोषित बच्चे

Thu, 11 Feb 2021 11:53 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Feb 2021 11:53 PM IST
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jile mein badh rahe kuposhit, ati kuposhit bachche
जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती अति कुपोषित बच्चे। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। जिले में कुपोषित, अति कुपोषित बच्चे बढ़ रहे हैं। शहर के मुकाबले देहात में इनकी तादाद ज्यादा है। पिछले साल के मुकाबले जिले में कुपोषित और अतिकुपोषित श्रेणी में 426 बच्चे बढ़े हैं। इस समय कुपोषित बच्चों की संख्या 3787 और अति कुपोषित की संख्या 666 है। दोनों श्रेणियों में शहरी इलाके में यह संख्या 386 है। इनमें अति कुपोषित बच्चे 61 हैं। कुपोषित बच्चों की संख्या 325 है।
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बाल विकास एवं पुष्टाहार महकमे की जनवरी माह की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 4453 पहुंच गई है। देहात इलाकों में कुपोषित बच्चों की संख्या 3462 और अति कुपोषित बच्चों की 605 है। छिबरामऊ और जलालाबाद ब्लाक में इनकी संख्या सबसे ज्यादा है। छिबरामऊ मेें कुपोषित बच्चों की संख्या 545 और अति कुपोषित बच्चों की संख्या 148 है। जलालाबाद ब्लाक में अति कुपोषित बच्चे 99 हैं। यह हाल तब है जब सरकार कुपोषण खत्म करने के लिए डबल पोषाहार, सूखे राशन, समय-समय पर जांचें, दवाएं समेत तमाम योजनाएं संचालित कर रही है। वहीं बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
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पोषण पुनर्वास केंद्र में छह बच्चों का हो रहा इलाज
एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में 12 अति कुपोषित बच्चों को रखने की क्षमता है। इस समय छह बच्चों का इलाज हो रहा है। यहां बच्चों को गंभीर हालत में भर्ती कराया जाता है। इन्हें दवा समेत पोषाहार, दूध के अलावा अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। इससे कि यह जल्द सामान्य श्रेणी में आ सकें। बच्चों की विभागीय अफसर लगातार मॉनीटरिंग करते हैं। बच्चों के कुपोषण के दायरे से बाहर आने पर घर भेज दिया जाता है।
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प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से होती मॉनीटरिंग
अति कुपोषित या कुपोषित बच्चे की सूचना नजदीक के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दी जाती है। इन बच्चों को डबल पोषाहार समेत विटामिन की दवा दी जाती है। हर सप्ताह वजन किया जाता है। बच्चों के खानपान पर विशेष नजर रखी जाती है।
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