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तीन ब्लाकों में लगे 130 नलों की होगी जांच
Updated Sun, 11 Jan 2015 11:41 PM IST
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गुगरापुर, उमर्दा और हसेरन विकास खंड क्षेत्र में स्थापित कराए गए 130 हैंडपंपों की स्थलीय जांच की जाएगी। ताकि पता चल सके कि वाकई हैंडपंप लगे है कि नहीं। उनमें से पानी निकल रहा है या नहीं।
जिला विकास अधिकारी एके सिंह के अनुसार वर्ष 2009-10 में यूपी एग्रो फर्रुखाबाद ने गुगरापुर ब्लाक व हसेरन विकास खंड क्षेत्र में 130 हैंडपंप लगवाने का दावा किया है। इन स्थापित हैंडपंपों की सूची सत्यापन के लिए लगाए गए अधिकारियों को सौंप दी गई है।
जांच की जिम्मेदारी एचआरडी ग्रामीण पेयजल योजना के सलाहकार अविनाश सिंह, एमआईएस सलाहकार मोहन सिंह राठौर और जल गुणवत्ता सलाहकार पंकज कुमार वर्मा को सौंपी गई है।
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पंकज वर्मा को हसेरन के 33, मोहन सिंह राठौर को उमर्दा ब्लाक के 37 व अविनाश सिंह को गुगरापुर ब्लाक के 60 हैंडपंपों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हैंडपंप किस मजरे में लगाया गया, वहां से पूर्व में स्थापित हैंडपंप की दूरी, हैंडपंप किस तारीख को लगाया गया, ग्राम पंचायत को किस तिथि को हस्तांतरित किया गया, जो नल लगा है उसमें से निकल रहे पानी की गुणवत्ता कैसी है, इसे जांचकर रिपोर्ट भेजनी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जिला विकास अधिकारी एके सिंह के अनुसार वर्ष 2009-10 में यूपी एग्रो फर्रुखाबाद ने गुगरापुर ब्लाक व हसेरन विकास खंड क्षेत्र में 130 हैंडपंप लगवाने का दावा किया है। इन स्थापित हैंडपंपों की सूची सत्यापन के लिए लगाए गए अधिकारियों को सौंप दी गई है।
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जांच की जिम्मेदारी एचआरडी ग्रामीण पेयजल योजना के सलाहकार अविनाश सिंह, एमआईएस सलाहकार मोहन सिंह राठौर और जल गुणवत्ता सलाहकार पंकज कुमार वर्मा को सौंपी गई है।
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पंकज वर्मा को हसेरन के 33, मोहन सिंह राठौर को उमर्दा ब्लाक के 37 व अविनाश सिंह को गुगरापुर ब्लाक के 60 हैंडपंपों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हैंडपंप किस मजरे में लगाया गया, वहां से पूर्व में स्थापित हैंडपंप की दूरी, हैंडपंप किस तारीख को लगाया गया, ग्राम पंचायत को किस तिथि को हस्तांतरित किया गया, जो नल लगा है उसमें से निकल रहे पानी की गुणवत्ता कैसी है, इसे जांचकर रिपोर्ट भेजनी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।